बंगाल CM सुवेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान: 552 '112' वाहन, 'अर्जुन' ब्रिगेड और 'जीवन रक्षक' पुरस्कार से पुलिस होगी मजबूत
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 27 अगस्त 2026 को कोलकाता पुलिस मुख्यालय, लालबाजार में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में राज्य पुलिस बल के व्यापक पुनर्गठन और आधुनिकीकरण की घोषणा की। इन उपायों में 552 'इमरजेंसी रिस्पॉन्स' वाहन, एक नई नागरिक सुरक्षा ब्रिगेड 'अर्जुन' और वीरता पुरस्कार 'जीवन रक्षक' शामिल हैं।
मुख्य घोषणाएँ
मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि महालया (10 अक्टूबर) को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में कुल 552 '112' वाहनों का उद्घाटन किया जाएगा। प्रत्येक पुलिस स्टेशन को चार '112' वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसके लिए इस वर्ष के बजट में ₹100 करोड़ आवंटित किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आपदा-स्थिति में बल और त्वरित प्रतिक्रिया वाहन — दोनों समान रूप से अनिवार्य हैं।
'अर्जुन' ब्रिगेड और साइबर सुरक्षा
बढ़ती साइबर अपराध शिकायतों से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने 'अर्जुन' नामक 200 नागरिक सुरक्षा कर्मियों की एक नई ब्रिगेड के गठन की घोषणा की, जिसमें दमकलकर्मी भी शामिल होंगे। यह ब्रिगेड दुर्गा पूजा से पहले अपनी पहली तैनाती करेगी। इसके अतिरिक्त, सभी पुलिस स्टेशनों का आधुनिकीकरण, महिला सहायता डेस्क का उन्नयन और साइबर विभाग में निगरानी-क्षमता बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है।
'जीवन रक्षक' पुरस्कार और पुलिसकर्मियों को राहत
पुलिस मंत्री का अतिरिक्त दायित्व भी संभाल चुके अधिकारी ने अपनी जान जोखिम में डालकर नागरिकों की रक्षा करने वाले पुलिस अधिकारियों को सम्मानित करने के लिए 'जीवन रक्षक' पुरस्कार की घोषणा की। निचले स्तर के पुलिसकर्मियों को अक्टूबर में दुर्गा पूजा के दौरान ₹2,000 का राशन भत्ता, अग्रिम वेतन और 20 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा।
पिछली सरकार की विफलता का संदर्भ
मुख्यमंत्री अधिकारी ने चक्रवात अम्फान के दौरान पूर्ववर्ती सरकार की प्रतिक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि उस समय ओडिशा पुलिस को 12 घंटे में पेड़ हटाने के लिए 300 कर्मियों का एक आपदा प्रबंधन दल भेजना पड़ा था, जबकि स्थानीय अधिकारियों को इसी काम में तीन दिन लग गए। उन्होंने कहा कि यह स्थिति अब बदलनी चाहिए।
आगे क्या होगा
अधिकारी ने राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और महिलाओं के विरुद्ध हिंसा पर सरकार की 'जीरो टोलरेंस' नीति को दोहराया और पुलिसकर्मियों से कहा कि वे किसी आदेश की प्रतीक्षा किए बिना स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करें। इन घोषणाओं के क्रियान्वयन की पहली कड़ी महालया के कार्यक्रम से शुरू होगी, जो बंगाल पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।