पश्चिम बंगाल में ₹1 लाख करोड़ की रेलवे परियोजनाएं: CM सुवेंदु अधिकारी का ऐलान, बुलेट ट्रेन भी आएगी
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 6 जून 2026 को घोषणा की कि राज्य में भारतीय रेलवे कुल ₹1 लाख करोड़ की अवसंरचना परियोजनाएं लागू करेगा। यह जानकारी उन्होंने कोलकाता स्थित राज्य सचिवालय नबान्ना में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद मीडिया को दी।
परियोजनाओं का विस्तार और बजट
मुख्यमंत्री अधिकारी ने बताया कि पिछले पाँच वर्षों में पश्चिम बंगाल में मेट्रो और विभिन्न रेल परियोजनाओं के लिए ₹4,380 करोड़ आवंटित किए गए थे। अब वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹14,205 करोड़ का प्रावधान किया गया है — जो पिछले आवंटन की तुलना में तीन गुना से अधिक है। इसके अतिरिक्त, राज्य में 102 अमृत भारत रेलवे स्टेशन और 538 फ्लाईओवर एवं अंडरपास बनाए जाएंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाँ भी भूमि की आवश्यकता होगी, राज्य सरकार उसे उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उपेक्षित क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना
अधिकारी ने कहा कि अभी तक करीमपुर, तेहट्टा, जलंगी, गोपीबल्लभपुर, नयाग्राम और हिली जैसे इलाके पर्याप्त रेल संपर्क से वंचित रहे हैं। नई परियोजनाओं के तहत इन सभी क्षेत्रों को रेलवे मानचित्र पर लाया जाएगा। उत्तर बंगाल, दक्षिण बंगाल और जंगलमहल क्षेत्र में भी रेल संपर्क को मज़बूत किया जाएगा।
पिछली सरकार पर निशाना, बदलाव का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली राज्य सरकार के कार्यकाल में केंद्र और राज्य के बीच टकराव के चलते कई रेलवे परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं। उनके अनुसार रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय ने लंबित परियोजनाओं के संबंध में पिछली सरकार को कई बार पत्र भेजे, किंतु कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा, "अब हालात बदल चुके हैं और परियोजनाओं पर तेज़ी से काम होगा।"
बुलेट ट्रेन और 60 नई ट्रेन सेवाएं
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसी अवसर पर घोषणा की कि पश्चिम बंगाल में बुलेट ट्रेन सेवा भी शुरू की जाएगी। यह ट्रेन नई दिल्ली से लखनऊ, वाराणसी और पटना होते हुए उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी तक जाएगी, और पूरा सफर केवल छह घंटे में तय किया जा सकेगा। इसके अलावा, अगले पाँच वर्षों में राज्य में 60 नई ट्रेन सेवाएं शुरू किए जाने की भी घोषणा की गई।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में रेल अवसंरचना की कमी लंबे समय से विकास की राह में बाधा मानी जाती रही है। राज्य के सभी जिलों को बेहतर रेल नेटवर्क से जोड़े जाने से आवागमन, व्यापार और पर्यटन — तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है। परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया ही यह तय करेगी कि ये वादे ज़मीन पर कितनी जल्दी उतरते हैं।