पश्चिम बंगाल को रेलवे की बड़ी सौगात: तीन परियोजनाओं को मंजूरी, कोलकाता मेट्रो का अटका काम भी शुरू

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पश्चिम बंगाल को रेलवे की बड़ी सौगात: तीन परियोजनाओं को मंजूरी, कोलकाता मेट्रो का अटका काम भी शुरू

सारांश

भारतीय रेलवे ने एक ही दिन में पश्चिम बंगाल को चार बड़े रेल उपहार दिए — तीन नई परियोजनाओं की मंजूरी और वर्षों से अटके कोलकाता मेट्रो के चिंगरीघाटा कनेक्शन की शुरुआत। नई राज्य सरकार के आते ही वह काम शुरू हुआ जो पिछली सरकार में कानूनी अड़चनों में फँसा रहा।

मुख्य बातें

भारतीय रेलवे ने 15 मई को पश्चिम बंगाल के लिए एक साथ तीन नई परियोजनाओं को मंजूरी दी।
नई जलपाईगुड़ी-सिलीगुड़ी रेलवे लाइन को मंजूरी — उत्तर बंगाल की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
संतरागाछी-खातिपुरा एक्सप्रेस ( खड़गपुर होते हुए) — पश्चिम बंगाल से राजस्थान तक सीधा रेल संपर्क।
सालबोनी से आद्रा जंक्शन तक 107 किमी तीसरी रेलवे लाइन के लिए अंतिम सर्वेक्षण और DPR को मंजूरी।
कोलकाता मेट्रो के चिंगरीघाटा खंड में तीन साल से अटका गर्डर कार्य शुक्रवार रात से शुरू; कोलकाता पुलिस ने यातायात प्रतिबंध की अनुमति दी।

भारतीय रेलवे ने शुक्रवार, 15 मई को पश्चिम बंगाल के लिए तीन नई रेल परियोजनाओं को हरी झंडी दी। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि उन्हें केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इन तीनों परियोजनाओं के संदर्भ में अलग-अलग तीन आधिकारिक पत्र प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही, कोलकाता मेट्रो के चिंगरीघाटा खंड पर वर्षों से अटका निर्माण कार्य भी उसी रात से शुरू होने की घोषणा की गई।

तीन मंजूर परियोजनाएँ

पहली परियोजना राज्य के उत्तरी क्षेत्र में नई जलपाईगुड़ी-सिलीगुड़ी रेलवे लाइन के निर्माण की मंजूरी से जुड़ी है, जो इस रणनीतिक क्षेत्र में रेल संपर्क को मजबूत करेगी।

दूसरी परियोजना के तहत संतरागाछी-खातिपुरा एक्सप्रेस ट्रेन को मंजूरी दी गई है। यह ट्रेन हावड़ा जिले के संतरागाछी को राजस्थान के जयपुर स्थित खातिपुरा से खड़गपुर होते हुए जोड़ेगी, जिससे पश्चिम बंगाल और राजस्थान के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा।

तीसरी परियोजना के अंतर्गत पश्चिम मिदनापुर जिले के सालबोनी से पुरुलिया जिले के आद्रा जंक्शन तक 107 किलोमीटर लंबी तीसरी रेलवे लाइन के निर्माण के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की अनुमति दी गई है।

कोलकाता मेट्रो का चिंगरीघाटा कनेक्शन

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार दोपहर सोशल मीडिया पर जारी बयान में घोषणा की कि कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में सॉल्ट लेक के पास चिंगरीघाटा में लंबे समय से लंबित मेट्रो कनेक्शन का काम शुक्रवार रात से शुरू हो रहा है। उन्होंने कहा, 'पश्चिम बंगाल में सरकार बदल गई है। डबल इंजन वाली सरकार सत्ता में आई है। तीन साल से अटकी चिंगरीघाटा की समस्या का समाधान हो गया है।'

तकनीकी दृष्टि से, इस खंड के स्तंभ संख्या 317, 318 और 319 के बीच दो गर्डर लगाए जाने हैं। इस कार्य के लिए चिंगरीघाटा में यातायात प्रतिबंध अनिवार्य था, जिसकी अनुमति अब कोलकाता पुलिस ने दे दी है।

पिछली सरकार के दौरान क्यों अटका था काम

गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली राज्य सरकार के कार्यकाल में कोलकाता पुलिस ने चिंगरीघाटा में यातायात प्रतिबंध लगाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, जिसके कारण यह निर्माण कार्य वर्षों से ठप पड़ा था। लंबे कानूनी विवाद के बाद अंततः अनुमति मिली और काम शुरू हो सका।

आगे क्या

इन घोषणाओं से पश्चिम बंगाल के रेल अवसंरचना विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। जलपाईगुड़ी-सिलीगुड़ी लाइन उत्तर बंगाल की कनेक्टिविटी बेहतर करेगी, जबकि सालबोनी-आद्रा तीसरी लाइन की DPR पूरी होने के बाद निर्माण की अगली प्रक्रिया शुरू होगी। चिंगरीघाटा गर्डर कार्य पूरा होने पर कोलकाता मेट्रो नेटवर्क का विस्तार एक महत्वपूर्ण चरण पार करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक संदेश है। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के तुरंत बाद केंद्र का यह रेल 'पैकेज' 'डबल इंजन सरकार' की उस कथा को पुष्ट करता है जिसे BJP चुनाव के बाद से भुनाने की कोशिश कर रही है। चिंगरीघाटा का मामला विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है — तीन साल की कानूनी अड़चन महज कुछ हफ्तों में सुलझ गई, जो बताता है कि बाधा तकनीकी कम, राजनीतिक अधिक थी। असली कसौटी यह होगी कि ये परियोजनाएँ घोषणा से ज़मीन तक कितनी तेज़ी से पहुँचती हैं — पश्चिम बंगाल में केंद्रीय रेल परियोजनाओं का इतिहास देरी और विवादों से भरा रहा है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय रेलवे ने पश्चिम बंगाल के लिए कौन-सी तीन परियोजनाएँ मंजूर की हैं?
रेलवे ने तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी है: (1) नई जलपाईगुड़ी-सिलीगुड़ी रेलवे लाइन, (2) संतरागाछी-खातिपुरा एक्सप्रेस ट्रेन (खड़गपुर होते हुए), और (3) सालबोनी से आद्रा जंक्शन तक 107 किलोमीटर लंबी तीसरी रेलवे लाइन के लिए अंतिम सर्वेक्षण व DPR। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि उन्हें रेल मंत्री से तीन अलग-अलग पत्र मिले हैं।
संतरागाछी-खातिपुरा एक्सप्रेस ट्रेन किन शहरों को जोड़ेगी?
यह ट्रेन हावड़ा जिले के संतरागाछी को राजस्थान के जयपुर स्थित खातिपुरा से खड़गपुर होते हुए जोड़ेगी। इससे पश्चिम बंगाल और राजस्थान के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा।
कोलकाता मेट्रो का चिंगरीघाटा कनेक्शन इतने वर्षों तक क्यों अटका रहा?
पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कोलकाता पुलिस ने चिंगरीघाटा में यातायात प्रतिबंध लगाने की अनुमति नहीं दी थी, जो गर्डर लगाने के लिए अनिवार्य थी। लंबे कानूनी विवाद के बाद राज्य में सरकार बदलने पर कोलकाता पुलिस ने अनुमति दे दी और काम 15 मई की रात से शुरू हुआ।
सालबोनी-आद्रा तीसरी रेलवे लाइन से क्या होगा?
पश्चिम मिदनापुर के सालबोनी से पुरुलिया के आद्रा जंक्शन तक 107 किलोमीटर लंबी यह तीसरी लाइन मौजूदा रेल मार्ग पर क्षमता बढ़ाएगी। अभी इसके लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की मंजूरी मिली है; निर्माण की अगली प्रक्रिया DPR पूरी होने के बाद शुरू होगी।
चिंगरीघाटा मेट्रो कार्य में तकनीकी रूप से क्या किया जाना है?
चिंगरीघाटा मेट्रो खंड के स्तंभ संख्या 317, 318 और 319 के बीच दो गर्डर लगाए जाने हैं। इस कार्य के लिए क्षेत्र में यातायात प्रतिबंध आवश्यक था, जिसकी अनुमति अब मिल चुकी है और काम शुरू हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
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