डीके शिवकुमार ने तिरुचेंदूर मुरुगन मंदिर में मनाया 64वाँ जन्मदिन, बोले — 'तमिलनाडु में कांग्रेस को करेंगे मज़बूत'
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने अपने 64वें जन्मदिन पर शुक्रवार, 15 मई को तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में स्थित ऐतिहासिक तिरुचेंदूर अरुलमिगु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु में कांग्रेस को संगठनात्मक रूप से सुदृढ़ करने का संकल्प दोहराया।
मंदिर दर्शन और स्वागत
शिवकुमार विशेष विमान से तूतीकोरिन पहुँचे, जहाँ स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया। बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित यह मंदिर भगवान मुरुगन के छह पवित्र निवासों — 'अरुपदईवीडु' — में दूसरा प्रमुख स्थल माना जाता है। करीब 2,000 से 3,000 वर्ष पुराने इस तीर्थस्थल पर हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
मान्यता है कि इसी स्थान पर भगवान मुरुगन ने राक्षस सुरपद्मन पर विजय प्राप्त करने के बाद विश्राम किया था। मंदिर में भगवान मुरुगन की जयंतीनाथर के रूप में पूजा की जाती है।
तमिलनाडु में कांग्रेस-टीवीके गठबंधन पर बयान
तमिलनाडु में कांग्रेस और टीवीके के बीच सत्ता साझेदारी को लेकर पूछे गए सवाल पर शिवकुमार ने कहा कि कुछ नेताओं ने इस व्यवस्था पर सहमति जताई है और यह पहले से तय समझौते का हिस्सा था।
उन्होंने कहा, 'अब हम उन्हें (टीवीके) सही दिशा भी देंगे। उनमें से कुछ नेता पहले यूपीए सरकार में कांग्रेस की ओर से मंत्री रह चुके हैं। तमिलनाडु में भी उन्हें अवसर दिए जाएंगे। सभी के सहयोग से हम धीरे-धीरे राज्य में कांग्रेस को और मज़बूत करेंगे।'
कर्नाटक की राजनीतिक पृष्ठभूमि में यात्रा का महत्व
यह धार्मिक दौरा ऐसे समय में हुआ है जब कर्नाटक में नेतृत्व को लेकर राजनीतिक हलचल जारी है। शिवकुमार उसी दिन बेंगलुरु लौटने वाले थे। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जन्मदिन पर किसी प्रमुख तमिल तीर्थस्थल का चुनाव सांकेतिक रूप से दक्षिण भारत में कांग्रेस की विस्तार रणनीति को रेखांकित करता है।
तिरुचेंदूर मंदिर की ऐतिहासिक विरासत
दक्षिण भारत के सर्वाधिक प्रतिष्ठित मुरुगन मंदिरों में शुमार अरुलमिगु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर अपनी आध्यात्मिक महत्ता, पारंपरिक अनुष्ठानों और दिनभर होने वाली विधिवत पूजा-पद्धति के लिए विख्यात है। यह मंदिर तूतीकोरिन जिले के तिरुचेंदूर कस्बे में बंगाल की खाड़ी के किनारे अवस्थित है।
आगे क्या
शिवकुमार के इस बयान के बाद तमिलनाडु में कांग्रेस-टीवीके गठबंधन की रूपरेखा पर नज़र रहेगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का दक्षिणी राज्यों में बढ़ता सक्रिय रुझान आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।