डीके शिवकुमार ने तिरुचेंदूर मुरुगन मंदिर में मनाया 64वाँ जन्मदिन, बोले — 'तमिलनाडु में कांग्रेस को करेंगे मज़बूत'

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डीके शिवकुमार ने तिरुचेंदूर मुरुगन मंदिर में मनाया 64वाँ जन्मदिन, बोले — 'तमिलनाडु में कांग्रेस को करेंगे मज़बूत'

सारांश

64वें जन्मदिन पर डीके शिवकुमार का तिरुचेंदूर दौरा महज आस्था नहीं — यह दक्षिण भारत में कांग्रेस की विस्तार रणनीति का संकेत भी है। टीवीके के साथ पुराने समझौते की पुष्टि और 'धीरे-धीरे मज़बूत' करने का वादा बताता है कि पार्टी तमिलनाडु को गंभीरता से ले रही है।

मुख्य बातें

डीके शिवकुमार ने 15 मई 2026 को अपने 64वें जन्मदिन पर तिरुचेंदूर अरुलमिगु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और टीवीके के बीच सत्ता साझेदारी पहले से तय समझौते का हिस्सा है।
शिवकुमार ने घोषणा की कि तमिलनाडु में टीवीके नेताओं को — जो पूर्व में यूपीए सरकार में मंत्री रहे हैं — अवसर दिए जाएंगे।
यह मंदिर भगवान मुरुगन के अरुपदईवीडु में दूसरा प्रमुख स्थल है और लगभग 2,000 से 3,000 वर्ष पुराना है।
शिवकुमार उसी दिन बेंगलुरु लौटे; यह यात्रा कर्नाटक में नेतृत्व विवाद के बीच हुई।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने अपने 64वें जन्मदिन पर शुक्रवार, 15 मई को तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में स्थित ऐतिहासिक तिरुचेंदूर अरुलमिगु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु में कांग्रेस को संगठनात्मक रूप से सुदृढ़ करने का संकल्प दोहराया।

मंदिर दर्शन और स्वागत

शिवकुमार विशेष विमान से तूतीकोरिन पहुँचे, जहाँ स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया। बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित यह मंदिर भगवान मुरुगन के छह पवित्र निवासों — 'अरुपदईवीडु' — में दूसरा प्रमुख स्थल माना जाता है। करीब 2,000 से 3,000 वर्ष पुराने इस तीर्थस्थल पर हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

मान्यता है कि इसी स्थान पर भगवान मुरुगन ने राक्षस सुरपद्मन पर विजय प्राप्त करने के बाद विश्राम किया था। मंदिर में भगवान मुरुगन की जयंतीनाथर के रूप में पूजा की जाती है।

तमिलनाडु में कांग्रेस-टीवीके गठबंधन पर बयान

तमिलनाडु में कांग्रेस और टीवीके के बीच सत्ता साझेदारी को लेकर पूछे गए सवाल पर शिवकुमार ने कहा कि कुछ नेताओं ने इस व्यवस्था पर सहमति जताई है और यह पहले से तय समझौते का हिस्सा था।

उन्होंने कहा, 'अब हम उन्हें (टीवीके) सही दिशा भी देंगे। उनमें से कुछ नेता पहले यूपीए सरकार में कांग्रेस की ओर से मंत्री रह चुके हैं। तमिलनाडु में भी उन्हें अवसर दिए जाएंगे। सभी के सहयोग से हम धीरे-धीरे राज्य में कांग्रेस को और मज़बूत करेंगे।'

कर्नाटक की राजनीतिक पृष्ठभूमि में यात्रा का महत्व

यह धार्मिक दौरा ऐसे समय में हुआ है जब कर्नाटक में नेतृत्व को लेकर राजनीतिक हलचल जारी है। शिवकुमार उसी दिन बेंगलुरु लौटने वाले थे। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जन्मदिन पर किसी प्रमुख तमिल तीर्थस्थल का चुनाव सांकेतिक रूप से दक्षिण भारत में कांग्रेस की विस्तार रणनीति को रेखांकित करता है।

तिरुचेंदूर मंदिर की ऐतिहासिक विरासत

दक्षिण भारत के सर्वाधिक प्रतिष्ठित मुरुगन मंदिरों में शुमार अरुलमिगु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर अपनी आध्यात्मिक महत्ता, पारंपरिक अनुष्ठानों और दिनभर होने वाली विधिवत पूजा-पद्धति के लिए विख्यात है। यह मंदिर तूतीकोरिन जिले के तिरुचेंदूर कस्बे में बंगाल की खाड़ी के किनारे अवस्थित है।

आगे क्या

शिवकुमार के इस बयान के बाद तमिलनाडु में कांग्रेस-टीवीके गठबंधन की रूपरेखा पर नज़र रहेगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का दक्षिणी राज्यों में बढ़ता सक्रिय रुझान आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

टीवीके के साथ 'पहले से तय समझौते' का दावा बिना विस्तृत ब्यौरे के अभी कथित तौर पर ही है — और तमिलनाडु में कांग्रेस की ज़मीनी कमज़ोरी को देखते हुए 'धीरे-धीरे मज़बूत' करने का वादा कितना व्यावहारिक है, यह आने वाले चुनावी नतीजे ही बताएंगे।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीके शिवकुमार ने तिरुचेंदूर मंदिर का दौरा क्यों किया?
शिवकुमार ने अपने 64वें जन्मदिन पर तिरुचेंदूर अरुलमिगु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। यह मंदिर भगवान मुरुगन के छह पवित्र निवासों में से एक है और दक्षिण भारत के सर्वाधिक प्रतिष्ठित तीर्थस्थलों में गिना जाता है।
कांग्रेस और टीवीके के बीच तमिलनाडु में क्या समझौता है?
शिवकुमार के अनुसार, कांग्रेस और टीवीके के बीच सत्ता साझेदारी एक पूर्व-निर्धारित समझौते का हिस्सा है जिस पर कुछ नेताओं ने सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि टीवीके के कुछ नेता यूपीए सरकार में कांग्रेस की ओर से मंत्री रह चुके हैं और उन्हें तमिलनाडु में भी अवसर दिए जाएंगे।
तिरुचेंदूर मुरुगन मंदिर कितना पुराना है और इसका क्या महत्व है?
तिरुचेंदूर का अरुलमिगु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर लगभग 2,000 से 3,000 वर्ष पुराना माना जाता है। यह भगवान मुरुगन के 'अरुपदईवीडु' — छह पवित्र निवासों — में दूसरा प्रमुख स्थल है, जहाँ मान्यता है कि भगवान मुरुगन ने राक्षस सुरपद्मन पर विजय के बाद विश्राम किया था।
डीके शिवकुमार कर्नाटक में किस पद पर हैं?
डीके शिवकुमार कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं। कर्नाटक में नेतृत्व को लेकर जारी राजनीतिक हलचल के बीच उनका यह तमिलनाडु दौरा विशेष रूप से चर्चा में रहा।
शिवकुमार के बयान से तमिलनाडु की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
शिवकुमार के बयान से संकेत मिलता है कि कांग्रेस तमिलनाडु में टीवीके के साथ मिलकर अपनी संगठनात्मक उपस्थिति बढ़ाने की योजना बना रही है। हालाँकि, विस्तृत रोडमैप अभी सामने नहीं आया है और इसका असर आगामी चुनावी समीकरणों पर निर्भर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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