डीके शिवकुमार के 64वें जन्मदिन पर बेलगावी में लगे 'अगला मुख्यमंत्री' के पोस्टर, कर्नाटक में सियासी हलचल
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार के 64वें जन्मदिन पर शुक्रवार, 15 मई को उत्तरी कर्नाटक के बेलगावी सहित कई शहरों में उन्हें 'अगला मुख्यमंत्री' घोषित करने वाले बैनर और होर्डिंग लगाए गए। इन पोस्टरों ने राज्य के राजनीतिक हलकों में एक बार फिर मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाओं को हवा दे दी है।
बेलगावी में चन्नम्मा सर्कल पर लगे होर्डिंग
बेलगावी के प्रमुख चन्नम्मा सर्कल पर लगाए गए होर्डिंग में शिवकुमार को जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ-साथ 'भावी मुख्यमंत्री' के रूप में प्रदर्शित किया गया। बताया जा रहा है कि यह होर्डिंग कांग्रेस नेता एवं महिला व बाल कल्याण मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर के पुत्र मृणाल हेब्बालकर ने लगवाए थे। गौरतलब है कि लक्ष्मी हेब्बालकर अपनी राजनीतिक सफलता का श्रेय डीके शिवकुमार को देती रही हैं। उनके भाई चन्नराज हट्टीहोली कांग्रेस के एमएलसी हैं, जो इस परिवार की पार्टी में गहरी पैठ को दर्शाता है।
शिवकुमार की अपील के बावजूद लगे पोस्टर
उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने पहले ही अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया था कि जन्मदिन के अवसर पर बैनर या पोस्टर न लगाए जाएं। इसके बावजूद 'अगला मुख्यमंत्री' वाले पोस्टर सार्वजनिक स्थलों पर दिखाई दिए, जिससे यह संकेत मिलता है कि उनके समर्थकों का उत्साह किसी निर्देश से दबने वाला नहीं है।
स्वयं शिवकुमार ने बेंगलुरु में जन्मदिन समारोह पर टिप्पणी करते हुए कहा, 'जश्न पूरी रात चलता रहा। मेरे दोस्त और समर्थक मुझसे मिलने का इंतजार कर रहे थे। मैं क्या कर सकता हूं? उनका प्यार, भरोसा और आशीर्वाद ही ऐसा है। मैंने अपने सभी समर्थकों को निर्देश दिया था कि इस मौके पर बैनर न लगाएं। अधिकारियों ने पहले ही लगभग 50 प्रतिशत बैनर हटा दिए हैं।'
वैदिक विद्वानों और मंत्री ने दी शुभकामनाएं
शुक्रवार की सुबह वैदिक विद्वानों और पुजारियों ने बेंगलुरु के सदाशिवनगर स्थित शिवकुमार के आवास पर पहुंचकर वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। राज्य सरकार में मंत्री शरण प्रकाश पाटिल ने भी उनके आवास पर पहुंचकर बधाई दी।
कर्नाटक में सीएम पद की राजनीति का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के भीतर अंदरूनी खींचतान की चर्चाएं समय-समय पर सतह पर आती रही हैं। शिवकुमार लंबे समय से राज्य में पार्टी की सबसे प्रमुख हस्तियों में से एक रहे हैं और उनके समर्थक खुलकर उनके मुख्यमंत्री बनने की वकालत करते हैं। इस तरह के पोस्टर अभियान पहले भी सामने आ चुके हैं, और हर बार ये राज्य की कांग्रेस राजनीति में नई बहस को जन्म देते हैं।
आगे क्या
फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व की ओर से इन पोस्टरों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां भले ही अनौपचारिक दिखें, लेकिन ये पार्टी के भीतर दबाव की राजनीति का हिस्सा होती हैं। आने वाले हफ्तों में कर्नाटक कांग्रेस के नेतृत्व पर कोई भी घोषणा इस चर्चा को और तेज कर सकती है।