जयशंकर ने ब्रिक्स 2026 के इतर मलेशिया, युगांडा, क्यूबा और ईरान के विदेश मंत्रियों से की द्विपक्षीय वार्ता
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार, 15 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के इतर मलेशिया, युगांडा, क्यूबा और ईरान के विदेश मंत्रियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ताएँ कीं। इन बैठकों में व्यापार, स्वास्थ्य, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
भारत-मलेशिया: रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा
जयशंकर ने मलेशिया के विदेश मंत्री मोहम्मद हसन से मुलाकात कर भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने इस वर्ष फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलेशिया यात्रा के दौरान हुए समझौतों पर आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा की। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, "मलेशिया के विदेश मंत्री मोहम्मद हसन से मिलकर हमेशा खुशी होती है। हमने व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस वर्ष की मलेशिया यात्रा के परिणामों पर फॉलो-अप की समीक्षा की।"
भारत-युगांडा: खाद्य सुरक्षा और तकनीकी सहयोग पर जोर
विदेश मंत्री ने युगांडा के विदेश मंत्री ओडोंगो जेजे अबुबाखर से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा और तकनीकी साझेदारी जैसे क्षेत्रों में सहयोग विस्तार पर विचार-विमर्श किया। भारतीय समुदाय और कारोबारियों की भूमिका के ज़रिये दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों को भी रेखांकित किया गया। जयशंकर ने कहा, "युगांडा के विदेश मंत्री ओडोंगो जेजे अबुबाखर के साथ शानदार बैठक हुई। हमारी दीर्घकालिक साझेदारी लगातार आगे बढ़ रही है।"
भारत-क्यूबा: एमओयू का आदान-प्रदान, स्वास्थ्य सहयोग मज़बूत
जयशंकर ने क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पर्रिला के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में स्वास्थ्य, विकास साझेदारी और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा हुई। उल्लेखनीय रूप से दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच नियमित राजनयिक परामर्श के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया — जो इस बैठक का एक ठोस कूटनीतिक परिणाम है।
भारत-ईरान: पश्चिम एशिया की स्थिति पर विस्तृत चर्चा
दिन की शुरुआत में जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और उसके व्यापक क्षेत्रीय प्रभावों पर चर्चा की, साथ ही आपसी हितों से जुड़े द्विपक्षीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। जयशंकर ने ब्रिक्स इंडिया 2026 विदेश मंत्रियों की बैठक में ईरान की भागीदारी की सराहना की।
ब्रिक्स मंच का कूटनीतिक उपयोग
यह ऐसे समय में आया है जब भारत ब्रिक्स 2026 की अध्यक्षता संभाले हुए है और नई दिल्ली में बहुपक्षीय कूटनीति का केंद्र बना हुआ है। गौरतलब है कि एक ही दिन में चार अलग-अलग देशों के विदेश मंत्रियों से द्विपक्षीय वार्ता भारत की 'बहु-संरेखण' (multi-alignment) नीति को दर्शाती है, जिसमें वैश्विक दक्षिण (Global South) के देशों के साथ संबंध प्रगाढ़ करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इन वार्ताओं के नतीजे आने वाले महीनों में द्विपक्षीय कार्य-समूहों के ज़रिये ज़मीन पर उतरने की उम्मीद है।