नासिक TCS केस: पाँचों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज, सेंट्रल जेल में जारी रहेगी न्यायिक हिरासत

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नासिक TCS केस: पाँचों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज, सेंट्रल जेल में जारी रहेगी न्यायिक हिरासत

सारांश

नासिक सेशन कोर्ट ने TCS उत्पीड़न मामले में पाँचों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच कथित उत्पीड़न की शिकायतें और HR की कथित अनदेखी — यह मामला कॉर्पोरेट जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

मुख्य बातें

नासिक सेशन कोर्ट ने 15 मई 2026 को TCS केस में पाँचों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज की।
आरोपियों में अश्विनी चेनानी , रज़ा मेनन , आसिफ अंसारी , शाहरुख कुरेशी और तौसिफ अत्तार शामिल हैं।
आरोपी निदा खान को 7 मई को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया गया था; उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
महिला कर्मचारियों ने फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच मानसिक और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि TCS के मानव संसाधन विभाग ने उनकी शिकायतों को नज़रअंदाज़ किया।

नासिक सेशन कोर्ट ने 15 मई 2026 को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़े कथित अत्याचार और धार्मिक भावना आहत करने के मामले में एक अहम फैसला सुनाया — न्यायिक हिरासत में बंद पाँचों आरोपियों की जमानत याचिकाएँ खारिज कर दी गईं। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी भी आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया, जिससे सभी आरोपी फ़िलहाल नासिक सेंट्रल जेल में ही बंद रहेंगे।

किन आरोपियों की याचिका खारिज हुई

सेशन कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन करने वाले पाँच आरोपियों में अश्विनी चेनानी, रज़ा मेनन, आसिफ अंसारी, शाहरुख कुरेशी और तौसिफ अत्तार के नाम शामिल हैं। अदालत ने इनकी याचिकाओं पर विस्तृत सुनवाई के बाद जमानत देने से इनकार कर दिया।

इससे पूर्व, इसी मामले में आरोपी निदा खान को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। रिमांड की अवधि समाप्त होने पर पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया। निदा खान को 7 मई को छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव क्षेत्र स्थित कैसर कॉलोनी के एक आवासीय अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया था।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद तब सामने आया जब नासिक स्थित TCS कार्यालय में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने अपने सहकर्मी दानिश शेख के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दानिश शेख ने पहले से विवाहित होने के बावजूद शादी का झाँसा देकर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

जाँच आगे बढ़ने पर कई अन्य महिलाओं ने भी नासिक शाखा के वरिष्ठ कर्मचारियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए। इन महिलाओं का कहना है कि फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच उन्हें मानसिक और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी शिकायतों को कंपनी के मानव संसाधन विभाग ने नज़रअंदाज़ कर दिया।

पुलिस और जाँच एजेंसियों की स्थिति

पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में अत्याचार और धार्मिक भावना आहत करने के आरोप लगाए गए हैं। जाँच एजेंसियाँ पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपियों को जमानत देने से स्पष्ट रूप से इनकार किया।

आगे क्या होगा

सभी आरोपी अगली सुनवाई तक नासिक सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में रहेंगे। मामले में जाँच जारी है और अदालत में आगे की कार्यवाही तय होगी। यह मामला कार्यस्थल पर उत्पीड़न की शिकायतों को लेकर कॉर्पोरेट जवाबदेही के व्यापक सवाल भी उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली जवाबदेही तब तय होगी जब कॉर्पोरेट प्रशासन पर भी जाँच की नज़र पड़े।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नासिक TCS केस में किन आरोपियों की जमानत खारिज हुई?
नासिक सेशन कोर्ट ने अश्विनी चेनानी, रज़ा मेनन, आसिफ अंसारी, शाहरुख कुरेशी और तौसिफ अत्तार — इन पाँचों की जमानत याचिका 15 मई 2026 को खारिज कर दी। सभी आरोपी फ़िलहाल नासिक सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
नासिक TCS मामला क्या है और यह कब शुरू हुआ?
यह मामला तब सामने आया जब TCS नासिक कार्यालय की एक महिला कर्मचारी ने सहकर्मी दानिश शेख पर शादी का झाँसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया। बाद में कई अन्य महिलाओं ने भी फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच मानसिक और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए।
निदा खान को इस मामले में कब और कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
निदा खान को 7 मई को छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव क्षेत्र स्थित कैसर कॉलोनी के एक आवासीय अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया था। रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश किया, जहाँ उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
महिला कर्मचारियों की शिकायतों पर TCS HR ने क्या किया?
शिकायतकर्ता महिलाओं का आरोप है कि फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच उत्पीड़न की शिकायतें करने के बावजूद TCS के मानव संसाधन विभाग ने उन्हें नज़रअंदाज़ किया। जाँच एजेंसियाँ इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं।
इस मामले में आगे क्या कार्यवाही होगी?
सभी पाँचों आरोपी अगली अदालती सुनवाई तक नासिक सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में रहेंगे। पुलिस और जाँच एजेंसियाँ मामले की गहन जाँच जारी रखे हुए हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत में तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
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