8 अगस्त 2026
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नासिक TCS केस: चारों आरोपियों की पुलिस कस्टडी 5 मई तक बढ़ी, जांच अधूरी

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नासिक TCS केस: चारों आरोपियों की पुलिस कस्टडी 5 मई तक बढ़ी, जांच अधूरी

नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज बहुचर्चित TCS केस में 2 मई 2026 को चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ न्यायालय ने पुलिस की माँग पर सभी की कस्टडी 5 मई 2026 तक बढ़ाने का आदेश दिया। सरकारी वकील ने दलील दी कि मामले की जाँच अभी अधूरी है और कई महत्त्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं की पड़ताल बाकी है।

मुख्य आरोपी और कस्टडी का इतिहास

इस मामले में चार आरोपी — तौसीफ बिलाल अत्तार (37), दानिश एजाज शेख (32), शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी (34) और रजा रफीक मेमन (35) — शामिल हैं। इन्हें पहले 23 अप्रैल 2026 को नासिक रोड सेंट्रल जेल से पुलिस कस्टडी में लिया गया था। इससे पहले कोर्ट ने आरोपियों को 29 अप्रैल तक कस्टडी में रखने का आदेश दिया था, जिसे बाद में 2 मई तक बढ़ाया गया। शनिवार की पेशी के बाद अब कस्टडी 5 मई तक बढ़ा दी गई है। आरोपी 2 अप्रैल 2026 से हिरासत में हैं।

सरकारी पक्ष के तर्क

सरकारी वकील अजय मिसर ने अदालत को बताया कि अब तक कुल 7 पंचनामे किए जा चुके हैं और आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि कथित रूप से इस्तेमाल की गई दवा के स्रोत और अन्य तकनीकी पहलुओं की जाँच अभी बाकी है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि चारों आरोपियों के अलग-अलग अपराध हैं, इसलिए पुलिस कस्टडी आवश्यक है।

बचाव पक्ष की आपत्तियाँ

बचाव पक्ष के वकील उमेश वालझाडे और अन्य अधिवक्ताओं ने कस्टडी विस्तार का विरोध किया। उनका तर्क था कि कथित घटना वर्ष 2022 की बताई जा रही है, जबकि मामला 2026 में दर्ज हुआ — इस देरी पर उन्होंने सवाल उठाए। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपियों के खिलाफ पहले कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं की गई थी और सभी जाँच प्रक्रियाएँ पहले ही पूरी हो चुकी हैं। उनका कहना था कि मामले में

राष्ट्र प्रेस
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