नासिक TCS धर्मांतरण मामला: मुख्य आरोपी निदा खान छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार, 7 लोग अब तक हिरासत में

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नासिक TCS धर्मांतरण मामला: मुख्य आरोपी निदा खान छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार, 7 लोग अब तक हिरासत में

सारांश

नासिक TCS कार्यालय से जुड़े कथित धर्मांतरण और उत्पीड़न मामले में पुलिस से कई दिनों तक बचती रही मुख्य आरोपी निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया गया। SIT, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 7 लोग हिरासत में हैं और जाँच जारी है।

मुख्य बातें

निदा खान को 8 मई 2026 को छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव स्थित कैसर कॉलोनी से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी नासिक SIT , छत्रपति संभाजीनगर पुलिस कमिश्नरेट और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में हुई।
खान पर आरोप है कि उन्होंने TCS कर्मचारी पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला और भाई दानिश शेख के विवाहित होने की जानकारी छिपाई।
अन्य पीड़िताओं ने फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच मानसिक और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया।
इस मामले में अब तक कुल 7 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
TCS ने स्पष्ट किया कि निदा खान केवल प्रोसेस एसोसिएट थीं, HR मैनेजर नहीं।

महाराष्ट्र पुलिस ने 8 मई 2026 को नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) कार्यालय से जुड़े कथित धर्मांतरण और उत्पीड़न मामले की प्रमुख आरोपी निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव क्षेत्र से गिरफ्तार किया। कई दिनों तक पुलिस की पकड़ से बचती रही खान को कैसर कॉलोनी स्थित एक आवासीय अपार्टमेंट से हिरासत में लिया गया, जहाँ वह अपने माता-पिता, भाई और मौसी के साथ रह रही थीं।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, नासिक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT), छत्रपति संभाजीनगर पुलिस कमिश्नरेट और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर करीब दो दिनों तक उस स्थान पर नज़र रखी। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में विशेष टीम गठित की गई थी। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद खान को ट्रांजिट रिमांड के लिए स्थानीय जेएमएफसी अदालत में पेश किया गया और बाद में आगे की पूछताछ के लिए नासिक ले जाया गया।

SIT ने अपने आधिकारिक बयान में पुष्टि की कि निदा खान देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में वांछित थीं। गिरफ्तारी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों के तहत की गई।

मामले की पृष्ठभूमि

विवाद तब सामने आया जब नासिक TCS कार्यालय में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने अपने सहकर्मी दानिश शेख के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दानिश शेख ने पहले से विवाहित होने के बावजूद शादी का झाँसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस दस्तावेज़ों के अनुसार, निदा खान, जो दानिश शेख की बहन बताई जाती हैं, ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता के धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कीं और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला। जाँचकर्ताओं का यह भी दावा है कि खान और एक अन्य आरोपी तौसीफ अख्तर ने शिकायतकर्ता से दानिश शेख के विवाहित होने की जानकारी छिपाई।

यह ऐसे समय में सामने आया है जब कार्यस्थल पर धार्मिक उत्पीड़न के मामलों को लेकर महाराष्ट्र में सामाजिक-राजनीतिक संवेदनशीलता काफी बढ़ी हुई है। गौरतलब है कि जाँच आगे बढ़ने पर कई अन्य महिलाओं ने भी नासिक शाखा के वरिष्ठ कर्मचारियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए।

अन्य पीड़िताओं के आरोप

अतिरिक्त शिकायतकर्ता महिलाओं का कहना है कि फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच — यानी करीब चार वर्षों तक — उन्हें मानसिक और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। उनका आरोप है कि उनकी शिकायतों को TCS के मानव संसाधन विभाग ने नज़रअंदाज़ कर दिया। अब तक इस मामले में पुलिस कुल सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

TCS का आधिकारिक बयान

मामला सामने आने के बाद TCS ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि निदा खान न तो HR मैनेजर थीं और न ही भर्ती प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभालती थीं। कंपनी के अनुसार, वह केवल प्रोसेस एसोसिएट के पद पर कार्यरत थीं और उनके पास कोई नेतृत्व संबंधी जिम्मेदारी नहीं थी। कंपनी ने यह भी कहा कि उसे इस मामले में अपने आंतरिक चैनलों के माध्यम से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी।

अग्रिम जमानत याचिका और आगे की जाँच

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तारी से पहले निदा खान ने नासिक की अदालत में अग्रिम जमानत और अस्थायी राहत की माँग की थी। उन्होंने दावा किया था कि वह दो महीने की गर्भवती हैं, लेकिन अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले के विभिन्न पहलुओं की जाँच जारी है और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि कथित उत्पीड़न चार वर्षों तक जारी रहा, गंभीर सवाल खड़े करता है। POSH अधिनियम के तहत कंपनियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। साथ ही, जाँच एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि धार्मिक संवेदनशीलता के नाम पर यह मामला राजनीतिक रंग न ले और न्यायिक प्रक्रिया निष्पक्ष रहे।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निदा खान कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
निदा खान नासिक TCS कार्यालय में प्रोसेस एसोसिएट के पद पर कार्यरत थीं और आरोपी दानिश शेख की बहन बताई जाती हैं। पुलिस दस्तावेज़ों के अनुसार, उन पर एक महिला कर्मचारी पर धर्म परिवर्तन का दबाव डालने और दानिश शेख के विवाहित होने की जानकारी छिपाने का आरोप है।
निदा खान को कहाँ से और कैसे गिरफ्तार किया गया?
उन्हें 8 मई 2026 को छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव स्थित कैसर कॉलोनी के एक आवासीय अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया। नासिक SIT और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने करीब दो दिनों की निगरानी के बाद यह कार्रवाई की।
नासिक TCS धर्मांतरण मामला क्या है?
यह मामला तब सामने आया जब नासिक TCS कार्यालय की एक महिला कर्मचारी ने सहकर्मी दानिश शेख पर शादी का झाँसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया। बाद में अन्य महिलाओं ने भी फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच मानसिक और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
निदा खान की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में अब तक कुल 7 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। जाँच जारी है और अन्य संदिग्धों की संलिप्तता सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
TCS ने इस मामले में क्या कहा है?
TCS ने आधिकारिक बयान में कहा कि निदा खान HR मैनेजर नहीं, बल्कि केवल प्रोसेस एसोसिएट थीं और उनके पास कोई नेतृत्व जिम्मेदारी नहीं थी। कंपनी ने यह भी कहा कि उसे आंतरिक चैनलों के ज़रिए इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली थी।
राष्ट्र प्रेस
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