नासिक TCS धर्मांतरण मामला: मुख्य आरोपी निदा खान छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार, 7 लोग अब तक हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र पुलिस ने 8 मई 2026 को नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) कार्यालय से जुड़े कथित धर्मांतरण और उत्पीड़न मामले की प्रमुख आरोपी निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव क्षेत्र से गिरफ्तार किया। कई दिनों तक पुलिस की पकड़ से बचती रही खान को कैसर कॉलोनी स्थित एक आवासीय अपार्टमेंट से हिरासत में लिया गया, जहाँ वह अपने माता-पिता, भाई और मौसी के साथ रह रही थीं।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, नासिक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT), छत्रपति संभाजीनगर पुलिस कमिश्नरेट और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर करीब दो दिनों तक उस स्थान पर नज़र रखी। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में विशेष टीम गठित की गई थी। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद खान को ट्रांजिट रिमांड के लिए स्थानीय जेएमएफसी अदालत में पेश किया गया और बाद में आगे की पूछताछ के लिए नासिक ले जाया गया।
SIT ने अपने आधिकारिक बयान में पुष्टि की कि निदा खान देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में वांछित थीं। गिरफ्तारी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रावधानों के तहत की गई।
मामले की पृष्ठभूमि
विवाद तब सामने आया जब नासिक TCS कार्यालय में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने अपने सहकर्मी दानिश शेख के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दानिश शेख ने पहले से विवाहित होने के बावजूद शादी का झाँसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस दस्तावेज़ों के अनुसार, निदा खान, जो दानिश शेख की बहन बताई जाती हैं, ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता के धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कीं और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला। जाँचकर्ताओं का यह भी दावा है कि खान और एक अन्य आरोपी तौसीफ अख्तर ने शिकायतकर्ता से दानिश शेख के विवाहित होने की जानकारी छिपाई।
यह ऐसे समय में सामने आया है जब कार्यस्थल पर धार्मिक उत्पीड़न के मामलों को लेकर महाराष्ट्र में सामाजिक-राजनीतिक संवेदनशीलता काफी बढ़ी हुई है। गौरतलब है कि जाँच आगे बढ़ने पर कई अन्य महिलाओं ने भी नासिक शाखा के वरिष्ठ कर्मचारियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए।
अन्य पीड़िताओं के आरोप
अतिरिक्त शिकायतकर्ता महिलाओं का कहना है कि फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच — यानी करीब चार वर्षों तक — उन्हें मानसिक और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। उनका आरोप है कि उनकी शिकायतों को TCS के मानव संसाधन विभाग ने नज़रअंदाज़ कर दिया। अब तक इस मामले में पुलिस कुल सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
TCS का आधिकारिक बयान
मामला सामने आने के बाद TCS ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि निदा खान न तो HR मैनेजर थीं और न ही भर्ती प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभालती थीं। कंपनी के अनुसार, वह केवल प्रोसेस एसोसिएट के पद पर कार्यरत थीं और उनके पास कोई नेतृत्व संबंधी जिम्मेदारी नहीं थी। कंपनी ने यह भी कहा कि उसे इस मामले में अपने आंतरिक चैनलों के माध्यम से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी।
अग्रिम जमानत याचिका और आगे की जाँच
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तारी से पहले निदा खान ने नासिक की अदालत में अग्रिम जमानत और अस्थायी राहत की माँग की थी। उन्होंने दावा किया था कि वह दो महीने की गर्भवती हैं, लेकिन अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले के विभिन्न पहलुओं की जाँच जारी है और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।