डोंबिवली सिद्धिविनायक मंदिर की दानपेटी से चोरी, CCTV में कैद हुआ आरोपी; मानपाडा पुलिस ने लिया हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
डोंबिवली एमआईडीसी स्थित सिद्धिविनायक मंदिर में शुक्रवार, 15 मई की सुबह 6:34 बजे एक व्यक्ति को दानपेटी से नोट चुराते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों ने पूरी वारदात रिकॉर्ड कर ली, जिसके बाद मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं ने मिलकर आरोपी को भागने से पहले ही दबोच लिया।
घटनाक्रम: कैसे हुई चोरी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने खुद को एक सामान्य श्रद्धालु के रूप में पेश करते हुए मंदिर में प्रवेश किया। कुछ देर दर्शन का नाटक करने के बाद उसने कथित तौर पर गोंद लगी एक पतली लकड़ी की छड़ी की सहायता से दानपेटी में रखे नोट बाहर खींचने शुरू किए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी काफी रकम निकाल चुका था, तभी उसे पकड़ा गया।
यह घटना तब उजागर हुई जब मंदिर प्रबंधन ने सुबह की नियमित सीसीटीवी फुटेज समीक्षा के दौरान संदिग्ध हरकत देखी। इसके तत्काल बाद मंदिर के कोषाध्यक्ष चंद्रशेखर शिंदे और उस समय दर्शन के लिए मौजूद श्रद्धालु पांडुरंग उडे ने मिलकर आरोपी को घेर लिया और उसे भागने का मौका नहीं दिया।
पुलिस कार्रवाई और जाँच
आरोपी को तत्काल मानपाडा पुलिस स्टेशन के हवाले किया गया, जहाँ उससे गहन पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी इससे पहले भी डोंबिवली एमआईडीसी या आसपास के इलाकों में इस तरह की चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है। सीसीटीवी फुटेज को जाँच में अहम साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया जा चुका है।
मंदिर और स्थानीय समुदाय पर असर
डोंबिवली एमआईडीसी का यह सिद्धिविनायक मंदिर स्थानीय निवासियों की गहरी आस्था का केंद्र है, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु — विशेषकर सुबह और शाम की आरती के समय — दर्शन के लिए आते हैं। इस घटना ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय निवासियों ने चंद्रशेखर शिंदे और पांडुरंग उडे की सतर्कता और साहस की सराहना की। साथ ही, इलाके में बढ़ती चोरी और सेंधमारी की घटनाओं पर चिंता जताते हुए पुलिस प्रशासन से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत करने की माँग की गई है।
आगे क्या होगा
फिलहाल आरोपी मानपाडा पुलिस की हिरासत में है और उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। पुलिस के अनुसार जाँच के दायरे को विस्तृत किया जा सकता है, यदि पूछताछ में अन्य वारदातों से संबंध सामने आता है। मंदिर प्रबंधन से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की भी उम्मीद है।