भारत का अप्रैल निर्यात 13.6% उछला, $80.8 अरब के पार; सर्विसेज सरप्लस $20.54 अरब के रिकॉर्ड पर
सारांश
मुख्य बातें
भारत का कुल निर्यात अप्रैल 2026 में सालाना आधार पर 13.6% की बढ़त के साथ $80.8 अरब डॉलर पर पहुँच गया — जो गुड्स और सर्विसेज दोनों मोर्चों पर एक साथ मज़बूती का संकेत है। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण हॉर्मुज स्ट्रेट बंद होने से मध्य पूर्व के कई देशों को भारतीय निर्यात प्रभावित हुआ है।
निर्यात के आँकड़े: गुड्स और सर्विसेज
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में गुड्स निर्यात $43.56 अरब डॉलर रहा, जो अप्रैल 2025 के $38.28 अरब डॉलर से उल्लेखनीय रूप से अधिक है। सर्विसेज निर्यात $37.2 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले वर्ष यह $32.8 अरब डॉलर था। सर्विसेज सरप्लस बढ़कर $20.54 अरब डॉलर हो गया — अप्रैल 2025 के $15.9 अरब डॉलर की तुलना में यह तीव्र उछाल है।
आयात में भी बढ़ोतरी, व्यापार घाटा विस्तृत
अप्रैल 2026 में कुल आयात $88.6 अरब डॉलर रहा, जो अप्रैल 2025 के $82.3 अरब डॉलर से अधिक है। गुड्स आयात $71.9 अरब डॉलर पर पहुँचा — पिछले साल यह $65.4 अरब डॉलर था। हालाँकि सर्विसेज आयात मामूली घटकर $16.66 अरब डॉलर रह गया, जो पहले $16.9 अरब डॉलर था। आयात में यह वृद्धि घरेलू माँग की मज़बूती को दर्शाती है।
इसके परिणामस्वरूप वस्तु व्यापार घाटा बढ़कर $28.4 अरब डॉलर हो गया, जबकि अप्रैल 2025 में यह $27.1 अरब डॉलर था। सोने का आयात इस दौरान तेज़ी से बढ़कर $5.63 अरब डॉलर हो गया — अप्रैल 2025 में यह $3.1 अरब डॉलर था।
सरकार की प्रतिक्रिया
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि क्षेत्रीय चुनौतियों के बावजूद निर्यात में मज़बूती बनी हुई है, जिसका श्रेय भारत की नए भौगोलिक क्षेत्रों और उत्पाद बाज़ारों में विविधता लाने की क्षमता को जाता है। गौरतलब है कि सरकारी आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में भारत ने 1,821 नए उत्पाद-देश निर्यात संयोजन स्थापित किए, जो एक व्यापक विविधीकरण रणनीति का परिचायक है।
प्रमुख व्यापारिक साझेदार
अमेरिका भारत के लिए सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बना हुआ है। वहीं, चीन देश के आयात का सबसे बड़ा स्रोत बना रहा। हॉर्मुज स्ट्रेट की बाधा के बावजूद निर्यात में वृद्धि यह संकेत देती है कि भारत ने अपने व्यापार मार्गों में सफलतापूर्वक फेरबदल किया है।
आगे की दिशा
विश्लेषकों के अनुसार, सर्विसेज सरप्लस में यह उछाल भारत की सॉफ्टवेयर और आईटी-सक्षम सेवाओं की वैश्विक माँग को दर्शाता है। यदि हॉर्मुज स्ट्रेट की स्थिति सामान्य होती है, तो गुड्स निर्यात में और तेज़ी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।