भारत का व्यापार घाटा फरवरी में घटकर 27.1 अरब डॉलर, क्या है इसका कारण?
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नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत का वस्तु व्यापार घाटा फरवरी में घटकर 27.1 अरब डॉलर हो गया है, जबकि पिछले महीने यह 34.68 अरब डॉलर था। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को साझा की।
पिछले महीने देश का वस्तु निर्यात बढ़कर 36.61 अरब डॉलर हो गया है, जो कि जनवरी में 36.56 अरब डॉलर था। वहीं, आयात में कमी आई है, जो अब 63.71 अरब डॉलर हो गया है, जबकि पहले यह 71.24 अरब डॉलर था।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-फरवरी अवधि में देश का वस्तु निर्यात 402.93 अरब डॉलर रहा है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 395.66 अरब डॉलर था। यह सालाना आधार पर 1.84 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
ये आंकड़े ऐसे समय में आए हैं जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है, जो 28 फरवरी को शुरू हुआ था। इसके चलते मध्य पूर्व में होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाएं उत्पन्न हुई हैं, जहां से विश्व का 20 प्रतिशत तेल और गैस का निर्यात होता है। जलडमरूमध्य की बंदी से भारत के चावल जैसे उत्पादों के निर्यात पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
पहले, भारत के ऊर्जा आयात का लगभग 50 प्रतिशत होर्मुज जलडमरूमध्य से आता था, लेकिन अब इसमें विविधता आ गई है और अब एक बड़ा हिस्सा रूस से आ रहा है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि भारत के स्ट्रैटेजिक तेल भंडार और 40 आपूर्तिकर्ता देशों से ऊर्जा आयात में विविधता लाने से वैश्विक ऊर्जा संकटों का सामना करने की क्षमता में सुधार हुआ है। इस लचीलेपन के चलते ईरान युद्ध से उत्पन्न व्यवधान के बावजूद भारत में कोई ऊर्जा संकट नहीं आया है, क्योंकि सरकार स्थिति को संभाल रही है।
जहाज और बंदरगाह मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि भारत ईरान के साथ सीधे संपर्क में है ताकि उसके व्यापारिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति मिल सके। भारतीय ध्वज वाला जहाज जग लाडकी रविवार को संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा बंदरगाह से लगभग 80,800 मीट्रिक टन मुरबान कच्चे तेल के साथ भारत के लिए रवाना हुआ। जहाज और उस पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
बयान में आगे कहा गया कि इलाके में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, और पिछले 24 घंटों में भारतीय नाविकों से जुड़ी कोई दुर्घटना की सूचना नहीं मिली है।
भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी वाहक जहाज, शिवालिक और नंदा देवी, जिनमें लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी भरी हुई है, शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और वर्तमान में भारत की ओर रवाना हैं। ये सोमवार को मुंद्रा बंदरगाह और मंगलवार को कांडला बंदरगाह पहुंचने वाले हैं।