भारत का निर्यात फरवरी में 11.05%25 की वृद्धि के साथ 76.13 अरब डॉलर पर पहुंचा

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भारत का निर्यात फरवरी में 11.05%25 की वृद्धि के साथ 76.13 अरब डॉलर पर पहुंचा

सारांश

भारत का कुल निर्यात फरवरी 2026 में 11.05%25 बढ़कर 76.13 अरब डॉलर हो गया है। जानें इसके मुख्य घटकों और आर्थिक प्रभावों के बारे में।

Key Takeaways

  • भारत का कुल निर्यात फरवरी 2026 में 11.05%25 बढ़कर 76.13 अरब डॉलर हुआ।
  • वस्तु निर्यात 36.61 अरब डॉलर रहा।
  • सेवाओं का निर्यात 39.53 अरब डॉलर होने का अनुमान है।
  • इंजीनियरिंग सामान और इलेक्ट्रॉनिक सामान में वृद्धि हुई।
  • भारत का व्यापार घाटा 310.60 अरब डॉलर रहा।

नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत का कुल निर्यात (वस्त्र एवं सेवा) फरवरी 2026 में वार्षिक आधार पर 11.05 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 76.13 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। यह जानकारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा सोमवार को साझा की गई।

मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 26 की अप्रैल-फरवरी अवधि में भारत का कुल निर्यात 790.86 अरब डॉलर रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 25 की समान अवधि में यह 747.58 अरब डॉलर था।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने भारत का वस्त्र निर्यात 36.61 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष फरवरी में 36.91 अरब डॉलर था।

वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-फरवरी अवधि में देश का वस्त्र निर्यात 402.93 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 395.66 अरब डॉलर था। इस समीक्षा अवधि में वार्षिक आधार पर 1.84 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी महीने के लिए सेवा निर्यात का अनुमानित मूल्य 39.53 अरब डॉलर है, जबकि फरवरी 2025 में यह 31.65 अरब डॉलर था। वहीं, अप्रैल-फरवरी 2025-26 की अवधि के लिए यह 387.93 अरब डॉलर होने का अनुमान है, जबकि अप्रैल-फरवरी 2024-25 में यह 351.93 अरब डॉलर था।

फरवरी में वस्त्र निर्यात वृद्धि के मुख्य कारणों में इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक सामान, जैविक और अजैविक रसायन, रत्न और आभूषण, तथा मांस, डेयरी और पोल्ट्री उत्पाद शामिल हैं।

इंजीनियरिंग सामान का निर्यात फरवरी 2025 में 9.17 अरब डॉलर से बढ़कर फरवरी 2026 में 10.36 अरब डॉलर हो गया, जो 12.90 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इलेक्ट्रॉनिक सामान का निर्यात भी फरवरी 2025 में 3.79 अरब डॉलर से बढ़कर फरवरी 2026 में 4.18 अरब डॉलर हो गया, जो 10.37 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

जैविक और अजैविक रसायनों का निर्यात फरवरी 2025 में 2.23 अरब डॉलर से बढ़कर पिछले महीने 2.38 अरब डॉलर हो गया, जिसमें 6.85 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

रत्न और आभूषणों का निर्यात भी फरवरी 2025 में 2.53 अरब डॉलर से बढ़कर फरवरी 2026 में 2.64 अरब डॉलर हो गया, जिसमें 4.08 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

आंकड़ों के अनुसार, मांस, डेयरी और मुर्गी उत्पादों का निर्यात पिछले महीने 0.45 अरब डॉलर से बढ़कर 0.55 अरब डॉलर हो गया, जिसमें 22.66 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

अप्रैल-फरवरी 2025-26 के दौरान कुल आयात 713.53 अरब डॉलर रहा, जबकि अप्रैल-फरवरी 2024-25 के दौरान यह 657.46 अरब डॉलर था। इसी अवधि में व्यापार घाटा 310.60 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 261.80 अरब डॉलर था।

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-फरवरी 2025-26 के दौरान सेवा आयात का अनुमानित मूल्य 186.98 अरब डॉलर है, जबकि अप्रैल-फरवरी 2024-25 में यह 181.23 अरब डॉलर था। इस अवधि के लिए सेवा व्यापार अधिशेष 200.96 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 170.69 अरब डॉलर था।

Point of View

जिससे व्यापारिक संभावनाओं का विस्तार होता है। यह सरकार की नीतियों और वैश्विक मांग में सुधार को भी दर्शाता है।
NationPress
17/03/2026

Frequently Asked Questions

भारत का कुल निर्यात फरवरी 2026 में कितना रहा?
भारत का कुल निर्यात फरवरी 2026 में 76.13 अरब डॉलर रहा, जो कि 11.05 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
भारत का वस्तु निर्यात कितना रहा?
भारत का वस्तु निर्यात फरवरी 2026 में 36.61 अरब डॉलर रहा।
सेवाओं का निर्यात फरवरी 2026 में कितना रहा?
फरवरी 2026 में सेवाओं का निर्यात 39.53 अरब डॉलर होने का अनुमान है।
भारत का अप्रैल-फरवरी 2025-26 का संचयी निर्यात क्या है?
अप्रैल-फरवरी 2025-26 के दौरान भारत का संचयी निर्यात 790.86 अरब डॉलर रहने का अनुमान है।
भारत का आयात क्या रहा?
अप्रैल-फरवरी 2025-26 के दौरान भारत का आयात 713.53 अरब डॉलर रहा।
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