अमित शाह 17 मई को मधुर डेयरी के ₹128 करोड़ के ऑटोमेटेड प्लांट का उद्घाटन करेंगे, क्षमता 5 लाख लीटर प्रतिदिन होगी

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अमित शाह 17 मई को मधुर डेयरी के ₹128 करोड़ के ऑटोमेटेड प्लांट का उद्घाटन करेंगे, क्षमता 5 लाख लीटर प्रतिदिन होगी

सारांश

गांधीनगर के दशेला में ₹128 करोड़ की लागत से तैयार मधुर डेयरी का पूर्णतः स्वचालित प्लांट 17 मई को अमित शाह के हाथों खुलेगा। इससे जिले की दुग्ध प्रोसेसिंग क्षमता 5 लाख लीटर प्रतिदिन हो जाएगी — 1971 में 6,433 लीटर से शुरू हुई यात्रा का नया पड़ाव।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 17 मई 2026 को गांधीनगर के दशेला गांव में मधुर डेयरी के नए प्लांट का उद्घाटन करेंगे।
नया संयंत्र ₹128 करोड़ की लागत से निर्मित; प्रारंभिक क्षमता 2.5 लाख लीटर प्रतिदिन , जिसे 5 लाख लीटर तक बढ़ाया जा सकता है।
उद्घाटन के बाद मधुर डेयरी की कुल क्षमता 5 लाख लीटर प्रतिदिन होगी — गांधीनगर की सबसे बड़ी सहकारी दुग्ध संघ।
मधुर डेयरी की स्थापना 6 फरवरी 1971 को हुई थी; तब खरीद 6,433 लीटर/दिन थी, अब 2.76 लाख लीटर/दिन (2025-26)।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल , उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी सहित वरिष्ठ राज्य नेता उपस्थित रहेंगे।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 17 मई 2026 को गुजरात के गांधीनगर जिले के दशेला गांव में मधुर डेयरी के नवनिर्मित, पूर्णतः स्वचालित मिल्क प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग प्लांट का उद्घाटन करेंगे। गांधीनगर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड द्वारा लगभग ₹128 करोड़ की लागत से विकसित यह संयंत्र जिले के सहकारी दुग्ध क्षेत्र में एक निर्णायक विस्तार का प्रतीक है।

नए प्लांट की विशेषताएँ

नए संयंत्र की प्रारंभिक मिल्क प्रोसेसिंग क्षमता 2.5 लाख लीटर प्रतिदिन है, जिसे भविष्य की माँग के अनुसार बढ़ाकर 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक किया जा सकता है। इस उद्घाटन के बाद मधुर डेयरी की कुल दूध प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग क्षमता 5 लाख लीटर प्रतिदिन हो जाएगी, जिससे यह गांधीनगर जिले की सबसे बड़ी सहकारी दुग्ध संघ बन जाएगी।

उद्घाटन कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य

उद्घाटन समारोह में राज्य विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, राज्य भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा और राज्य कृषि मंत्री जीतू वाघानी भी उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन गुजरात की सहकारी दुग्ध संरचना को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर मिल रहे समर्थन को रेखांकित करता है।

दूध उत्पादकों और उपभोक्ताओं को लाभ

अधिकारियों के अनुसार, विस्तारित बुनियादी ढाँचे से सहकारी संस्था जिले के डेयरी किसानों से प्राप्त संपूर्ण दूध को प्रोसेस कर सकेगी और उत्पादकों को उनके दूध का लाभकारी मूल्य मिलने की उम्मीद है। उपभोक्ताओं को मधुर और अमूल ब्रांडों के तहत गुणवत्तापूर्ण दूध एवं डेयरी उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला तक बेहतर पहुँच प्राप्त होगी। इसके साथ ही, गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ (GCMMF) के लिए नए डेयरी उत्पादों की उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होगी, जो अमूल ब्रांड के तहत उत्पादों का विपणन करता है।

मधुर डेयरी की विकास यात्रा

यह सहकारी संस्था 6 फरवरी 1971 को केवल चार दुग्ध समितियों के सहयोग से स्थापित हुई थी। स्थापना के समय दूध की औसत खरीद मात्र 6,433 लीटर प्रतिदिन थी और वार्षिक कारोबार लगभग ₹7 लाख था। दशकों की निरंतर वृद्धि के बाद, 2025-26 में यह औसत खरीद 2.76 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुँच गई है — यह वृद्धि गुजरात के सहकारी डेयरी मॉडल की सफलता का प्रमाण है।

आगे की राह

नए प्लांट के चालू होने के बाद मधुर डेयरी की क्षमता दोगुनी हो जाएगी, जो क्षेत्र के बढ़ते दुग्ध उत्पादन की माँग को पूरा करने में सहायक होगी। GCMMF से संबद्ध यह संस्था गांधीनगर जिले के दुग्ध उत्पादकों के आर्थिक विकास और उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराने की दिशा में अपनी भूमिका और सुदृढ़ करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्षमता वृद्धि से किसानों को वास्तविक लाभकारी मूल्य मिलेगा या नहीं। अमित शाह की उपस्थिति इस उद्घाटन को राजनीतिक महत्व देती है, खासकर तब जब सहकारिता मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर पर डेयरी सहकारिताओं को मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है। ₹128 करोड़ का निवेश प्रभावशाली है, पर यह देखना होगा कि उत्पादन मील के पत्थरों के साथ-साथ किसानों की आय में मापनीय सुधार होता है या नहीं।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मधुर डेयरी का नया प्लांट कहाँ और कब खुलेगा?
मधुर डेयरी का नया पूर्णतः स्वचालित मिल्क प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग प्लांट 17 मई 2026 को गुजरात के गांधीनगर जिले के दशेला गांव में खुलेगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह इसका उद्घाटन करेंगे।
मधुर डेयरी के नए प्लांट की लागत और क्षमता कितनी है?
यह प्लांट लगभग ₹128 करोड़ की लागत से विकसित किया गया है। इसकी प्रारंभिक प्रोसेसिंग क्षमता 2.5 लाख लीटर प्रतिदिन है, जिसे भविष्य में 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाया जा सकता है।
इस विस्तार से गांधीनगर के दूध उत्पादकों को क्या फायदा होगा?
अधिकारियों के अनुसार, विस्तारित क्षमता से सहकारी संस्था जिले के डेयरी किसानों का संपूर्ण दूध प्रोसेस कर सकेगी और उत्पादकों को लाभकारी मूल्य मिलने की उम्मीद है। उपभोक्ताओं को मधुर और अमूल ब्रांड के तहत बेहतर और विस्तृत डेयरी उत्पाद उपलब्ध होंगे।
मधुर डेयरी की स्थापना कब हुई थी और इसकी विकास यात्रा कैसी रही?
मधुर डेयरी की स्थापना 6 फरवरी 1971 को केवल चार दुग्ध समितियों के सहयोग से हुई थी, जब दैनिक खरीद 6,433 लीटर और वार्षिक कारोबार लगभग ₹7 लाख था। 2025-26 में यह खरीद बढ़कर औसतन 2.76 लाख लीटर प्रतिदिन हो गई है।
GCMMF और अमूल का मधुर डेयरी से क्या संबंध है?
मधुर डेयरी गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ (GCMMF) से संबद्ध है, जो अमूल ब्रांड के तहत उत्पादों का विपणन करता है। नए प्लांट से GCMMF के लिए नए डेयरी उत्पादों की उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होगी।
राष्ट्र प्रेस
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