अमित शाह 17 मई को मधुर डेयरी के ₹128 करोड़ के ऑटोमेटेड प्लांट का उद्घाटन करेंगे, क्षमता 5 लाख लीटर प्रतिदिन होगी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 17 मई 2026 को गुजरात के गांधीनगर जिले के दशेला गांव में मधुर डेयरी के नवनिर्मित, पूर्णतः स्वचालित मिल्क प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग प्लांट का उद्घाटन करेंगे। गांधीनगर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड द्वारा लगभग ₹128 करोड़ की लागत से विकसित यह संयंत्र जिले के सहकारी दुग्ध क्षेत्र में एक निर्णायक विस्तार का प्रतीक है।
नए प्लांट की विशेषताएँ
नए संयंत्र की प्रारंभिक मिल्क प्रोसेसिंग क्षमता 2.5 लाख लीटर प्रतिदिन है, जिसे भविष्य की माँग के अनुसार बढ़ाकर 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक किया जा सकता है। इस उद्घाटन के बाद मधुर डेयरी की कुल दूध प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग क्षमता 5 लाख लीटर प्रतिदिन हो जाएगी, जिससे यह गांधीनगर जिले की सबसे बड़ी सहकारी दुग्ध संघ बन जाएगी।
उद्घाटन कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य
उद्घाटन समारोह में राज्य विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, राज्य भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा और राज्य कृषि मंत्री जीतू वाघानी भी उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन गुजरात की सहकारी दुग्ध संरचना को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर मिल रहे समर्थन को रेखांकित करता है।
दूध उत्पादकों और उपभोक्ताओं को लाभ
अधिकारियों के अनुसार, विस्तारित बुनियादी ढाँचे से सहकारी संस्था जिले के डेयरी किसानों से प्राप्त संपूर्ण दूध को प्रोसेस कर सकेगी और उत्पादकों को उनके दूध का लाभकारी मूल्य मिलने की उम्मीद है। उपभोक्ताओं को मधुर और अमूल ब्रांडों के तहत गुणवत्तापूर्ण दूध एवं डेयरी उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला तक बेहतर पहुँच प्राप्त होगी। इसके साथ ही, गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ (GCMMF) के लिए नए डेयरी उत्पादों की उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होगी, जो अमूल ब्रांड के तहत उत्पादों का विपणन करता है।
मधुर डेयरी की विकास यात्रा
यह सहकारी संस्था 6 फरवरी 1971 को केवल चार दुग्ध समितियों के सहयोग से स्थापित हुई थी। स्थापना के समय दूध की औसत खरीद मात्र 6,433 लीटर प्रतिदिन थी और वार्षिक कारोबार लगभग ₹7 लाख था। दशकों की निरंतर वृद्धि के बाद, 2025-26 में यह औसत खरीद 2.76 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुँच गई है — यह वृद्धि गुजरात के सहकारी डेयरी मॉडल की सफलता का प्रमाण है।
आगे की राह
नए प्लांट के चालू होने के बाद मधुर डेयरी की क्षमता दोगुनी हो जाएगी, जो क्षेत्र के बढ़ते दुग्ध उत्पादन की माँग को पूरा करने में सहायक होगी। GCMMF से संबद्ध यह संस्था गांधीनगर जिले के दुग्ध उत्पादकों के आर्थिक विकास और उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराने की दिशा में अपनी भूमिका और सुदृढ़ करेगी।