अमित शाह ने गांधीनगर में मधुर डेयरी के ₹128 करोड़ के ऑटोमेटेड प्लांट का उद्घाटन किया

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अमित शाह ने गांधीनगर में मधुर डेयरी के ₹128 करोड़ के ऑटोमेटेड प्लांट का उद्घाटन किया

सारांश

गांधीनगर के दशीला गाँव में मधुर डेयरी का ₹128 करोड़ का पूर्णतः स्वचालित मिल्क प्रोसेसिंग संयंत्र चालू हो गया है। इससे डेयरी की कुल क्षमता 5 लाख लीटर प्रतिदिन हो गई है और यह गांधीनगर की सबसे बड़ी सहकारी डेयरी यूनियन बन गई है।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर के दशीला गाँव में मधुर डेयरी के नए संयंत्र का उद्घाटन किया।
संयंत्र की लागत ₹128 करोड़ ; प्रारंभिक क्षमता 2.5 लाख लीटर प्रतिदिन , विस्तार योग्य 5 लाख लीटर तक।
मधुर डेयरी की कुल प्रोसेसिंग क्षमता अब 5 लाख लीटर प्रतिदिन — गांधीनगर की सबसे बड़ी सहकारी डेयरी यूनियन।
मधुर डेयरी की स्थापना 6 फरवरी 1971 को हुई थी; तब संग्रहण 6,433 लीटर/दिन था, अब 2,50,327 लीटर/दिन ।
समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल , GCMMF अध्यक्ष अशोक चौधरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 18 मई 2025 को गांधीनगर जिले के दशीला गाँव में स्थित मधुर डेयरी के अत्याधुनिक, पूर्णतः स्वचालित मिल्क प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग संयंत्र का उद्घाटन किया। ₹128 करोड़ की लागत से निर्मित यह संयंत्र गांधीनगर जिले की सहकारी डेयरी क्षेत्र में एक ऐतिहासिक विस्तार को चिह्नित करता है।

नए संयंत्र की क्षमता और विशेषताएँ

नवनिर्मित संयंत्र की प्रारंभिक मिल्क प्रोसेसिंग क्षमता 2.5 लाख लीटर प्रतिदिन है, जिसे माँग के अनुसार 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाया जा सकता है। इस विस्तार के बाद मधुर डेयरी की कुल प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग क्षमता 5 लाख लीटर प्रतिदिन हो गई है, जिससे यह गांधीनगर जिले की सबसे बड़ी सहकारी डेयरी यूनियन बन गई है।

यह संयंत्र पूर्णतः स्वचालित तकनीक पर आधारित है, जो दूध की गुणवत्ता नियंत्रण और प्रसंस्करण दक्षता दोनों सुनिश्चित करता है। गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) से संबद्ध मधुर डेयरी 'मधुर' और 'अमूल' ब्रांड के तहत उपभोक्ताओं को डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराती है।

मधुर डेयरी की विकास यात्रा

मधुर डेयरी की स्थापना 6 फरवरी 1971 को मात्र 3-4 दुग्ध समितियों के साथ हुई थी। उस समय प्रतिदिन केवल 6,433 लीटर दूध का संग्रहण होता था। पाँच दशकों की निरंतर प्रगति के बाद अब यह संग्रहण 2,50,327 लीटर प्रतिदिन तक पहुँच चुका है। यह वृद्धि गुजरात के सहकारी डेयरी मॉडल की सफलता का प्रमाण है।

गौरतलब है कि यह विस्तार ऐसे समय में आया है जब देशभर में डेयरी क्षेत्र में आधुनिकीकरण और प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने पर ज़ोर दिया जा रहा है। मधुर डेयरी की दीर्घकालिक विकास रणनीति के तहत अवसंरचना परियोजनाओं में यह निवेश जिले के दूध उत्पादकों की आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

दूध उत्पादकों और उपभोक्ताओं पर असर

नए संयंत्र से जिले भर के दूध उत्पादकों का संपूर्ण दूध प्रसंस्कृत किया जा सकेगा, जिससे सभी उत्पादकों को उनके दूध का उचित और लाभकारी मूल्य मिलना सुनिश्चित होगा। उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाला दूध और विविध डेयरी उत्पाद सुलभ होंगे। साथ ही GCMMF की समग्र दूध उत्पाद निर्माण क्षमता में भी वृद्धि होगी।

उद्घाटन समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

समारोह में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा, कृषि एवं पशुपालन मंत्री जीतू वाघानी, गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी, GCMMF अध्यक्ष अशोक चौधरी, GCMMF प्रबंध निदेशक जयन मेहता और गुजरात राज्य रजिस्ट्रार एम. पी. पांड्या उपस्थित रहे। मधुर डेयरी के अध्यक्ष शंकरसिंह राणा और प्रबंध निदेशक गौरांग दीक्षित ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।

अपने संबोधन में अमित शाह और मुख्यमंत्री पटेल ने मधुर डेयरी की विकास पहलों की सराहना करते हुए डेयरी के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस विस्तार से गांधीनगर जिले का सहकारी डेयरी क्षेत्र और सुदृढ़ होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्षमता वृद्धि का लाभ वास्तव में जमीनी स्तर के दूध उत्पादकों तक पहुँचता है या नहीं। 1971 में 6,433 लीटर से 2,50,327 लीटर तक की यात्रा प्रभावशाली है, परंतु स्वचालन के युग में यह भी देखना होगा कि तकनीकी आधुनिकीकरण छोटे उत्पादकों की आजीविका को प्रभावित तो नहीं करता। ₹128 करोड़ का यह निवेश सहकारी क्षेत्र में राज्य की प्रतिबद्धता दर्शाता है, पर दीर्घकालिक सफलता के लिए पारदर्शी मूल्य-निर्धारण और उत्पादक-हितैषी नीतियों की निरंतरता अनिवार्य रहेगी।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मधुर डेयरी का नया संयंत्र कहाँ स्थित है और इसकी क्षमता क्या है?
नया संयंत्र गांधीनगर जिले के दशीला गाँव में स्थित है। इसकी प्रारंभिक मिल्क प्रोसेसिंग क्षमता 2.5 लाख लीटर प्रतिदिन है, जिसे आवश्यकतानुसार 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाया जा सकता है।
मधुर डेयरी के नए प्लांट की लागत कितनी है?
यह अत्याधुनिक, पूर्णतः स्वचालित संयंत्र लगभग ₹128 करोड़ की लागत से निर्मित किया गया है। इसके उद्घाटन के बाद मधुर डेयरी गांधीनगर जिले की सबसे बड़ी सहकारी डेयरी यूनियन बन गई है।
मधुर डेयरी का GCMMF और अमूल से क्या संबंध है?
मधुर डेयरी, गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) — जो अमूल फेडरेशन के नाम से जानी जाती है — से संबद्ध एक सहकारी डेयरी संस्था है। यह 'मधुर' और 'अमूल' दोनों ब्रांड के तहत उपभोक्ताओं को डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराती है।
मधुर डेयरी की स्थापना कब हुई और इसने कितनी प्रगति की है?
मधुर डेयरी की स्थापना 6 फरवरी 1971 को मात्र 3-4 दुग्ध समितियों के साथ हुई थी, जब प्रतिदिन केवल 6,433 लीटर दूध का संग्रहण होता था। अब यह आँकड़ा बढ़कर 2,50,327 लीटर प्रतिदिन हो गया है।
नए संयंत्र से दूध उत्पादकों को क्या फायदा होगा?
नए संयंत्र से जिले के सभी दूध उत्पादकों का संपूर्ण दूध प्रसंस्कृत किया जा सकेगा और उन्हें उचित व लाभकारी मूल्य मिलेगा। उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पाद सुलभ होंगे और GCMMF की समग्र उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होगी।
राष्ट्र प्रेस
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