होर्मुज में 'एचएमएम नामू' हमला: दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री ने ईरान के अराघची से माँगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने रविवार, 17 मई को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की और होर्मुज जलडमरूमध्य में दक्षिण कोरियाई मालवाहक जहाज 'एचएमएम नामू' पर हुए हमले के बारे में ईरान का स्पष्टीकरण माँगा। इस हमले में जहाज पर विस्फोट और आग लगी थी, हालाँकि चालक दल के सभी 24 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया।
हमले का घटनाक्रम
दक्षिण कोरियाई सरकार की जाँच टीम ने पहले यह निष्कर्ष निकाला था कि 4 मई को दो अज्ञात उड़ने वाली वस्तुओं ने एचएमएम नामू पर हमला किया, जिससे जहाज में विस्फोट हुआ और आग भड़क उठी। यह जहाज दक्षिण कोरियाई शिपिंग कंपनी एचएमएम द्वारा संचालित है। चालक दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन घटना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजरानी की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
कूटनीतिक बातचीत में क्या हुआ
दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय के अनुसार, चो ह्यून ने अराघची से हमले के तथ्यों पर ईरान का पक्ष स्पष्ट करने को कहा और होर्मुज जलडमरूमध्य में, विशेष रूप से दक्षिण कोरियाई जहाजों की, सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। जवाब में, अराघची ने मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर ईरान का दृष्टिकोण साझा किया और महत्वपूर्ण जलमार्ग में सुरक्षित आवागमन बहाल करने की ज़रूरत पर सहमति जताई।
दोनों देशों ने दक्षिण कोरियाई जहाजों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आपसी संपर्क बनाए रखने पर भी सहमति व्यक्त की।
क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि
यह घटना ऐसे समय में हुई जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर था। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमला किया था, जिसके बाद तेहरान ने इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया गया और यहाँ के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी शुरू हो गई।
गौरतलब है कि 8 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता में संघर्ष विराम लागू हुआ, लेकिन इस्लामाबाद में हुई वार्ताएँ स्थायी समझौते तक नहीं पहुँच सकीं। बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संघर्ष विराम को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया।
होर्मुज की रणनीतिक अहमियत
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त तेल और व्यापार मार्गों में से एक है। इस मार्ग से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, और यहाँ किसी भी व्यवधान का असर वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर तत्काल पड़ता है। दक्षिण कोरिया जैसे ऊर्जा-आयात पर निर्भर देशों के लिए इस मार्ग की सुरक्षा राष्ट्रीय हित का विषय है।
आगे क्या होगा
दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है कि एचएमएम नामू हमले की अतिरिक्त जाँच जारी है। दोनों देशों के बीच संपर्क बनाए रखने की सहमति से कूटनीतिक चैनल खुले हैं, लेकिन हमले की जिम्मेदारी अभी तक आधिकारिक रूप से किसी पर नहीं डाली गई है। क्षेत्रीय स्थिरता और जहाजरानी सुरक्षा पर आने वाले हफ्तों में और वार्ताएँ अपेक्षित हैं।