दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून की ईरान से अपील, होर्मुज स्ट्रेट में 26 जहाजों की सुरक्षित वापसी की माँग

Click to start listening
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून की ईरान से अपील, होर्मुज स्ट्रेट में 26 जहाजों की सुरक्षित वापसी की माँग

सारांश

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने ईरानी समकक्ष अराघची से तीसरी बार बात की और होर्मुज स्ट्रेट में फंसे 26 जहाजों व 170 से अधिक लोगों की सुरक्षित वापसी की माँग रखी। यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब ट्रंप ईरान के नए शांति प्रस्ताव से असंतुष्ट हैं और इस्लामाबाद वार्ता बेनतीजा रही।

Key Takeaways

दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री चो ह्यून ने 2 मई 2026 को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। होर्मुज स्ट्रेट में दक्षिण कोरिया के 26 जहाज और 170 से अधिक लोग अभी भी फंसे हुए हैं। यह दोनों मंत्रियों के बीच फरवरी के अंत से तीसरी बातचीत थी; इस बार पहल ईरान की ओर से हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए प्रस्ताव को अपर्याप्त बताया; इस्लामाबाद वार्ता बेनतीजा रही। दक्षिण कोरिया ने पूर्व राजदूत चुंग ब्युंग-हा को विशेष दूत बनाकर ईरान भेजा था।

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने शनिवार, 2 मई 2026 को अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही फिर से शुरू करने की अपील की। दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दोनों मंत्रियों के बीच फरवरी के अंत में अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद उपजे तनाव के बाद से तीसरी बार हुई बातचीत थी, और इस बार पहल ईरान की ओर से की गई।

मुख्य घटनाक्रम

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, मंत्री चो ह्यून ने बातचीत में स्पष्ट किया कि दक्षिण कोरिया और अन्य देशों के जहाज अभी भी इस अहम समुद्री मार्ग में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इनकी सुरक्षित आवाजाही दोबारा शुरू होना अत्यंत आवश्यक है। वहीं, ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिका के साथ चल रही बातचीत पर ईरान का पक्ष रखा।

फंसे हुए जहाज और चालक दल

युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज स्ट्रेट में दक्षिण कोरिया के कुल 26 जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें 170 से अधिक लोग सवार हैं। यह स्थिति न केवल दक्षिण कोरिया बल्कि वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का लगभग पाँचवाँ हिस्सा तेल परिवहन होता है।

अमेरिका-ईरान वार्ता की स्थिति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रैल की शुरुआत में युद्धविराम की समय-सीमा बढ़ाई थी और ईरान से एक ठोस शांति प्रस्ताव देने को कहा था। साथ ही, उन्होंने ईरान पर नौसैनिक घेराबंदी और आर्थिक प्रतिबंधों के ज़रिए दबाव भी बढ़ाया। शुक्रवार को ट्रंप ने कहा कि वे ईरान के नए प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं। इससे पहले पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच हुई पहली सीधी बातचीत भी बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई थी।

दक्षिण कोरिया की राजनयिक पहल

दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति प्रवक्ता कांग यू-जुंग ने 29 अप्रैल को कहा कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता और सभी जहाजों की सुरक्षा का समर्थन करता है। इसी क्रम में, अप्रैल में दक्षिण कोरिया ने कुवैत में अपने पूर्व राजदूत चुंग ब्युंग-हा को विशेष दूत बनाकर ईरान भेजा था, ताकि फंसे हुए जहाजों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।

आगे की राह

मंत्री चो ह्यून ने उम्मीद जताई कि जल्द ही शांति और स्थिरता बहाल होगी, क्योंकि इस संघर्ष का असर वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक अमेरिका-ईरान वार्ता में कोई ठोस सफलता नहीं मिलती, होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य स्थिति बहाल होना कठिन बना रहेगा।

Point of View

NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

होर्मुज स्ट्रेट में दक्षिण कोरिया के कितने जहाज फंसे हैं?
दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज स्ट्रेट में दक्षिण कोरिया के कुल 26 जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें 170 से अधिक लोग सवार हैं।
दक्षिण कोरिया और ईरान के बीच यह बातचीत क्यों हुई?
दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री चो ह्यून ने होर्मुज स्ट्रेट में फंसे अपने जहाजों और नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए ईरानी विदेश मंत्री अराघची से बात की। यह फरवरी के अंत से दोनों मंत्रियों के बीच तीसरी बातचीत थी और इस बार पहल ईरान की ओर से हुई।
अमेरिका-ईरान वार्ता की वर्तमान स्थिति क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए शांति प्रस्ताव को अपर्याप्त बताया है। इस्लामाबाद में हुई पहली सीधी बातचीत भी बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई थी, और ट्रंप ने ईरान पर नौसैनिक घेराबंदी व आर्थिक प्रतिबंधों के ज़रिए दबाव बनाए रखा है।
दक्षिण कोरिया ने फंसे जहाजों के लिए क्या राजनयिक कदम उठाए हैं?
दक्षिण कोरिया ने अप्रैल में कुवैत में अपने पूर्व राजदूत चुंग ब्युंग-हा को विशेष दूत नियुक्त कर ईरान भेजा था। इसके अलावा, राष्ट्रपति प्रवक्ता कांग यू-जुंग ने 29 अप्रैल को समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता के समर्थन में बयान दिया और ईरान के साथ बातचीत जारी रखने की पुष्टि की।
होर्मुज स्ट्रेट का संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित कर रहा है?
होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के तेल परिवहन का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है, इसलिए इस मार्ग में व्यवधान वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को सीधे प्रभावित करता है। दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री ने स्वयं कहा कि इस संघर्ष का असर पूरी दुनिया की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
Nation Press