अमित शाह आज गांधीनगर में ₹128 करोड़ के मधुर डेयरी प्लांट का उद्घाटन करेंगे, क्षमता 5 लाख लीटर प्रतिदिन होगी

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अमित शाह आज गांधीनगर में ₹128 करोड़ के मधुर डेयरी प्लांट का उद्घाटन करेंगे, क्षमता 5 लाख लीटर प्रतिदिन होगी

सारांश

₹128 करोड़ की लागत से बना मधुर डेयरी का नया स्वचालित प्लांट गांधीनगर जिले को उसका सबसे बड़ा सहकारी दुग्ध संघ बनाएगा। 1971 में ₹7 लाख के टर्नओवर से शुरू हुई यह संस्था अब ₹628 करोड़ पर है — और अमित शाह के हाथों उद्घाटन इसे राष्ट्रीय सहकारिता एजेंडे से जोड़ता है।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह रविवार को गांधीनगर के दासेला गांव में ₹128 करोड़ के मधुर डेयरी प्लांट का उद्घाटन करेंगे।
नया संयंत्र प्रतिदिन 2.5 लाख लीटर दूध प्रोसेस करेगा; भविष्य में 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक विस्तार संभव।
इससे मधुर डेयरी गांधीनगर जिले का सबसे बड़ा सहकारी दुग्ध संघ बन जाएगा।
मधुर डेयरी का वार्षिक टर्नओवर ₹7 लाख (1971) से बढ़कर अब लगभग ₹628 करोड़ हो गया है।
वर्ष 2025-26 में औसत दूध खरीद 2.76 लाख लीटर प्रतिदिन दर्ज की गई।
समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल , उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी सहित वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह रविवार, 18 मई 2025 को गुजरात के गांधीनगर जिले के दासेला गांव में ₹128 करोड़ की लागत से निर्मित मधुर डेयरी के नए अत्याधुनिक दूध प्रोसेसिंग और पैकेजिंग प्लांट का उद्घाटन करेंगे। गांधीनगर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड द्वारा स्थापित यह पूरी तरह स्वचालित संयंत्र जिले के सहकारी डेयरी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

नए प्लांट की विशेषताएँ

यह नया संयंत्र प्रतिदिन 2.5 लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग करने में सक्षम है। भविष्य की माँग को देखते हुए इसे 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक विस्तारित किया जा सकता है। इस प्लांट के चालू होते ही मधुर डेयरी की कुल दूध प्रोसेसिंग और पैकेजिंग क्षमता 5 लाख लीटर प्रतिदिन पर पहुँच जाएगी, जिससे यह गांधीनगर जिले का सबसे बड़ा सहकारी दुग्ध संघ बन जाएगा।

उद्घाटन में उपस्थित रहेंगे ये नेता

उद्घाटन समारोह में गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा और राज्य के कृषि मंत्री जीतू वघानी भी उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन सहकारी डेयरी क्षेत्र में राज्य सरकार की सक्रिय भागीदारी को रेखांकित करता है।

दुग्ध उत्पादकों और उपभोक्ताओं पर असर

अधिकारियों के अनुसार, इस नए संयंत्र से डेयरी से जुड़े हज़ारों दुग्ध उत्पादकों और उपभोक्ताओं दोनों को सीधा लाभ मिलेगा। नई व्यवस्था से जिले के किसानों से खरीदे जाने वाले संपूर्ण दूध की प्रोसेसिंग संभव हो सकेगी और दूध उत्पादकों को उनके उत्पाद का बेहतर एवं लाभकारी मूल्य मिलने की उम्मीद है। यह विस्तार गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ (GCMMF) — जो अमूल ब्रांड के तहत उत्पादों की मार्केटिंग करता है — के लिए नए डेयरी उत्पादों के निर्माण की क्षमता भी बढ़ाएगा।

मधुर डेयरी का सफ़र: ₹7 लाख से ₹628 करोड़ तक

मधुर डेयरी की स्थापना 6 फरवरी 1971 को मात्र चार दूध समितियों और कुछ सहकारी कार्यकर्ताओं के सहयोग से हुई थी। उस समय प्रतिदिन केवल 6,433 लीटर दूध की खरीद होती थी और वार्षिक टर्नओवर लगभग ₹7 लाख था। वर्ष 2025-26 में औसत दूध खरीद बढ़कर 2.76 लाख लीटर प्रतिदिन हो गई है और वार्षिक टर्नओवर अब लगभग ₹628 करोड़ तक पहुँच गया है। यह पाँच दशकों में सहकारी मॉडल की उल्लेखनीय सफलता का प्रमाण है।

आगे की राह

मधुर डेयरी ने हाल के वर्षों में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और विस्तार योजनाएँ शुरू की हैं। सहकारी संस्था का कहना है कि इन प्रयासों से गांधीनगर जिले के दूध उत्पादकों की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी तथा उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण दूध उत्पाद मिलते रहेंगे। नए संयंत्र के साथ मधुर डेयरी गुजरात के सहकारी डेयरी परिदृश्य में अपनी स्थिति और मज़बूत करने की दिशा में अग्रसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह विस्तार दूध उत्पादकों को वास्तव में बेहतर मूल्य दिला पाएगा या केवल प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने तक सीमित रहेगा। ₹128 करोड़ का निवेश प्रभावशाली है, परंतु इसका लाभ तभी सार्थक होगा जब हज़ारों छोटे दुग्ध उत्पादकों की आय में मापनीय वृद्धि दर्ज हो।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मधुर डेयरी का नया प्लांट कहाँ और कब खुलेगा?
मधुर डेयरी का नया प्लांट गुजरात के गांधीनगर जिले के दासेला गांव में स्थित है और इसका उद्घाटन रविवार, 18 मई 2025 को गृह मंत्री अमित शाह के हाथों होगा। यह संयंत्र ₹128 करोड़ की लागत से बनाया गया है।
मधुर डेयरी के नए प्लांट की दूध प्रोसेसिंग क्षमता कितनी है?
नए संयंत्र की प्रारंभिक दूध प्रोसेसिंग क्षमता 2.5 लाख लीटर प्रतिदिन है, जिसे भविष्य में 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाया जा सकता है। इस प्लांट के चालू होने से मधुर डेयरी की कुल क्षमता 5 लाख लीटर प्रतिदिन हो जाएगी।
मधुर डेयरी और अमूल का क्या संबंध है?
मधुर डेयरी, गांधीनगर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड के अंतर्गत आती है, जो गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ (GCMMF) से जुड़ी है। GCMMF ही अमूल ब्रांड के तहत डेयरी उत्पादों की मार्केटिंग करता है, इसलिए मधुर डेयरी के विस्तार से अमूल उत्पादों की आपूर्ति क्षमता भी बढ़ेगी।
इस प्लांट से दूध उत्पादकों को क्या फायदा होगा?
अधिकारियों के अनुसार, नए संयंत्र से जिले के किसानों से खरीदे जाने वाले संपूर्ण दूध की प्रोसेसिंग हो सकेगी और उत्पादकों को उनके दूध का बेहतर एवं लाभकारी मूल्य मिलने की उम्मीद है। इससे हज़ारों दुग्ध उत्पादक सदस्यों की आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी।
मधुर डेयरी की स्थापना कब हुई थी और इसने कितनी तरक्की की है?
मधुर डेयरी की स्थापना 6 फरवरी 1971 को केवल चार दूध समितियों के साथ हुई थी, जब प्रतिदिन 6,433 लीटर दूध खरीदा जाता था और वार्षिक टर्नओवर लगभग ₹7 लाख था। वर्ष 2025-26 में यह आँकड़ा बढ़कर 2.76 लाख लीटर प्रतिदिन और ₹628 करोड़ वार्षिक टर्नओवर तक पहुँच गया है।
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