अमित शाह ने गांधीनगर में मधुर डेयरी के ₹128 करोड़ के ऑटोमैटिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन किया

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अमित शाह ने गांधीनगर में मधुर डेयरी के ₹128 करोड़ के ऑटोमैटिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन किया

सारांश

गांधीनगर के दशेला में ₹128 करोड़ के ऑटोमैटिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का उद्घाटन — 75% मुनाफा सीधे पशुपालकों को, क्षमता भविष्य में पाँच लाख लीटर तक बढ़ाने की योजना। अमित शाह ने इसे श्वेत क्रांति 2.0 और महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया।

मुख्य बातें

केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर के दशेला में मधुर डेयरी के ₹128 करोड़ के ऑटोमैटिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का लोकार्पण किया।
प्लांट की वर्तमान क्षमता ढाई लाख लीटर प्रतिदिन; भविष्य में पाँच लाख लीटर तक विस्तार की योजना।
संचालन खर्च के बाद लगभग 75 प्रतिशत मुनाफा सीधे पशुपालकों के बैंक खातों में जाएगा।
गुजरात में 36 लाख पशुपालक बहनें प्रतिदिन तीन करोड़ लीटर दूध देती हैं; रोज़ाना ₹200 करोड़ सीधे उनके खातों में।
श्वेत क्रांति 2.0 के तहत अगले 10 वर्षों में देश का दूध उत्पादन तीन गुना करने का लक्ष्य।
मधुर डेयरी 1971 में 4 मंडलियों से शुरू होकर आज ₹268 करोड़ के वार्षिक टर्नओवर तक पहुँची।

केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 18 मई 2025 को गांधीनगर के दशेला में मधुर डेयरी के नवनिर्मित मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का लोकार्पण किया। ₹128 करोड़ की लागत से 15 एकड़ भूमि पर बने इस पूर्णतः स्वचालित संयंत्र की प्रतिदिन ढाई लाख लीटर दूध प्रोसेस करने की क्षमता है, जिसे भविष्य में पाँच लाख लीटर तक विस्तारित करने की योजना है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पशुपालक बहनों ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया।

प्लांट की विशेषताएँ और पशुपालकों को लाभ

शाह ने समारोह को संबोधित करते हुए बताया कि इस संयंत्र के संचालन खर्च के बाद होने वाला लगभग 75 प्रतिशत मुनाफा सीधे पशुपालकों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र में 'सर्कुलर इकोनॉमी' को प्रोत्साहन देकर पशुपालकों की आय में कम से कम 20 प्रतिशत की वृद्धि करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह प्लांट गांधीनगर जिले के पशुपालकों की आर्थिक उन्नति का आधार बनेगा।

महिला सशक्तीकरण और डेयरी क्षेत्र

शाह ने डेयरी सेक्टर को महिला सशक्तीकरण का विशेष माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि आज गुजरात में 36 लाख पशुपालक बहनों के माध्यम से प्रतिदिन तीन करोड़ लीटर दूध एकत्र किया जाता है, जिससे हर दिन लगभग ₹200 करोड़ की राशि सीधे बहनों के बैंक खातों में जमा होती है। अपने निजी अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जो बहनें पहले आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं थीं, वे आज डेयरी क्षेत्र के कारण 'घर की सेठ' बनी हैं।

श्वेत क्रांति 2.0 और तकनीक का उपयोग

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि श्वेत क्रांति 2.0 के अंतर्गत आगामी 10 वर्षों में देश का कुल दूध उत्पादन तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने अमूल की शुगर फ्री चॉकलेट का उदाहरण देते हुए कहा कि यह उत्पाद अपनी श्रेणी में देश में प्रथम स्थान पर है, जिसका लाभ सीधे किसानों तक पहुँच रहा है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री की ओर से लॉन्च की गई डिजिटल सहायक 'सरलाबेन' ग्रामीण क्षेत्र की बहनों को पशुपालन एवं खेती में सहायता प्रदान कर रही है।

मधुर डेयरी की विकास गाथा

शाह ने मधुर डेयरी की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था सरदार वल्लभभाई पटेल, त्रिभुवनभाई पटेल और डॉ. वर्गीस कुरियन की सहकारिता परंपरा को आगे बढ़ा रही है। वर्ष 1971 में मात्र 4 मंडलियों और 6,000 लीटर दूध संग्रह से शुरू हुई यह यात्रा आज ₹268 करोड़ के वार्षिक टर्नओवर तक पहुँच चुकी है। गांधीनगर में 15,000 सभासदों वाली उपभोक्ता सहकारी मंडली 230 वितरण केंद्रों से मधुर डेयरी के दूध का वितरण करती है।

मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस अवसर को 'श्वेत क्रांति से विकास क्रांति का उत्सव' बताया। उन्होंने कहा कि गुजरात की धरती सदियों से सहकारिता की भावना से समृद्ध है और 'सहकार से समृद्धि' का मार्ग इस दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में अमूल फेडरेशन-जीसीएमएमएफ के चेयरमैन अशोक भाई चौधरी, नाफेड के चेयरमैन जेठाभाई आहिर, तथा गांधीनगर दक्षिण के विधायक अल्पेश ठाकोर सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मधुर डेयरी के चेयरमैन शंकरसिंह राणा ने स्वागत भाषण में डेयरी की विस्तृत पृष्ठभूमि प्रस्तुत की। इस नए प्लांट के संचालन से गांधीनगर क्षेत्र के पशुपालकों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर इसके लिए चारे की उपलब्धता, पशु स्वास्थ्य सेवाओं और जलवायु अनुकूलन जैसी संरचनात्मक चुनौतियों पर ठोस नीतिगत कार्य अभी बाकी है। डेयरी सेक्टर में महिला सशक्तीकरण की कहानी प्रेरक है, किंतु 'सर्कुलर इकोनॉमी' और '20% आय वृद्धि' जैसे लक्ष्यों के लिए सत्यापन-योग्य मापन तंत्र सार्वजनिक किया जाना ज़रूरी है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गांधीनगर में मधुर डेयरी का नया मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट क्या है?
यह गांधीनगर के दशेला में ₹128 करोड़ की लागत से 15 एकड़ भूमि पर निर्मित पूर्णतः स्वचालित मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट है, जिसकी प्रतिदिन ढाई लाख लीटर दूध प्रोसेस करने की क्षमता है। इसका उद्घाटन केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया।
इस प्लांट से पशुपालकों को क्या फायदा होगा?
प्लांट के संचालन खर्च के बाद होने वाले मुनाफे का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा सीधे पशुपालकों के बैंक खातों में जमा होगा। इसके अलावा, डेयरी क्षेत्र में सर्कुलर इकोनॉमी के माध्यम से पशुपालकों की आय में कम से कम 20 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।
मधुर डेयरी की स्थापना कब हुई और इसका टर्नओवर कितना है?
मधुर डेयरी की स्थापना वर्ष 1971 में मात्र 4 मंडलियों और 6,000 लीटर दूध संग्रह से हुई थी। आज यह ₹268 करोड़ के वार्षिक टर्नओवर के साथ गांधीनगर की प्रमुख सहकारी डेयरी संस्था है।
श्वेत क्रांति 2.0 क्या है और इसका लक्ष्य क्या है?
श्वेत क्रांति 2.0 केंद्र सरकार की डेयरी क्षेत्र विकास पहल है, जिसके अंतर्गत आगामी 10 वर्षों में देश का कुल दूध उत्पादन तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें तकनीक, सहकारी नेटवर्क और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से पशुपालकों की आय बढ़ाने पर ज़ोर दिया जा रहा है।
गुजरात में डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी कितनी है?
गुजरात में 36 लाख पशुपालक बहनें प्रतिदिन तीन करोड़ लीटर दूध एकत्र करती हैं, जिससे हर दिन लगभग ₹200 करोड़ की राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा होती है। अमित शाह ने डेयरी क्षेत्र को महिला आर्थिक स्वावलंबन का प्रमुख माध्यम बताया।
राष्ट्र प्रेस
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