उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने तीस्ता नदी किनारे बिताए पल, 'विकसित बंगाल' के लिए राज्य सरकार पर जताया भरोसा

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उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने तीस्ता नदी किनारे बिताए पल, 'विकसित बंगाल' के लिए राज्य सरकार पर जताया भरोसा

सारांश

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन की सिक्किम यात्रा महज औपचारिकता नहीं थी — तीस्ता किनारे का वह पड़ाव एक संदेश भी था। 'विकसित बंगाल' और 'एक्ट ईस्ट' की बात एक साथ करते हुए उन्होंने पूर्वी भारत के विकास को राष्ट्रीय एजेंडे से जोड़ा।

मुख्य बातें

राधाकृष्णन ने 17 मई 2025 को मोंगपोंग में तीस्ता नदी के किनारे समय बिताया।
उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार पर 'विकसित बंगाल' की परिकल्पना साकार करने का भरोसा जताया।
राधाकृष्णन सिक्किम के 51वें राज्य स्थापना दिवस समारोह में भाग लेने गंगटोक पहुँचे थे।
उन्होंने PM मोदी की सिक्किम यात्रा में शुरू की गई ₹4,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उल्लेख किया।
सिक्किम को उत्तर-पूर्व की 'अष्टलक्ष्मी' का अभिन्न अंग बताते हुए 'एक्ट ईस्ट, एक्ट फास्ट' दृष्टिकोण को रेखांकित किया।

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 17 मई 2025 को गंगटोक से बागडोगरा हवाई अड्डे की यात्रा के दौरान मोंगपोंग में तीस्ता नदी के किनारे कुछ समय व्यतीत किया और पश्चिम बंगाल के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार पर्यटन अवसंरचना को और मज़बूत करेगी तथा 'विकसित बंगाल' की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य करेगी।

तीस्ता किनारे का पड़ाव

उपराष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राधाकृष्णन ने मोंगपोंग में रुककर तीस्ता नदी की मनमोहक सुंदरता और पश्चिम बंगाल के सुरम्य परिदृश्य का दीदार किया। यह पड़ाव उनकी सिक्किम यात्रा के समापन पर हुआ।

सिक्किम स्थापना दिवस में भागीदारी

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन सिक्किम राज्य स्थापना दिवस के 51वें समारोह में भाग लेने के लिए गंगटोक पहुँचे थे। समारोह में उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों में इस हिमालयी राज्य की विकास-यात्रा असाधारण रही है। उन्होंने यह भी स्मरण किया कि एक छात्र के रूप में उन्होंने सिक्किम के भारत में विलय से जुड़े घटनाक्रमों को बारीकी से देखा था।

राधाकृष्णन ने कहा कि सिक्किम प्रकृति, संस्कृति और सुशासन के बीच सामंजस्य का एक उत्कृष्ट उदाहरण है और 51वाँ स्थापना वर्ष विकास, परिवर्तन एवं समावेशी प्रगति के नए अध्याय की शुरुआत करेगा।

विकास परियोजनाओं का उल्लेख

उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया सिक्किम यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य में ₹4,000 करोड़ से अधिक की कई विकास परियोजनाएँ आरंभ की गई हैं और जनता को समर्पित की गई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के 'एक्ट ईस्ट, एक्ट फास्ट' दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए सिक्किम को उत्तर-पूर्व की 'अष्टलक्ष्मी' का अभिन्न अंग बताया।

पर्यटन और 'विकसित बंगाल' की उम्मीद

मोंगपोंग में तीस्ता किनारे ठहरते हुए राधाकृष्णन ने पश्चिम बंगाल की पर्यटन संभावनाओं की सराहना की। उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य सरकार पर्यटन के बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करेगी और 'विकसित बंगाल' की परिकल्पना को ज़मीन पर उतारने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर-पूर्व और पूर्वी भारत में पर्यटन विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी की प्राथमिकताओं से हमेशा मेल नहीं खाती। ₹4,000 करोड़ की परियोजनाओं का उल्लेख और 'एक्ट ईस्ट' की पुनरावृत्ति बताती है कि केंद्र पूर्वोत्तर में अपनी उपस्थिति और आख्यान — दोनों को मज़बूत करना चाहता है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन मोंगपोंग में तीस्ता नदी किनारे क्यों रुके?
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन गंगटोक से बागडोगरा हवाई अड्डे की यात्रा के दौरान मोंगपोंग में तीस्ता नदी की प्राकृतिक सुंदरता और पश्चिम बंगाल के सुरम्य परिदृश्य का अवलोकन करने के लिए रुके। इस दौरान उन्होंने 'विकसित बंगाल' के लिए राज्य सरकार पर भरोसा भी जताया।
सिक्किम राज्य स्थापना दिवस के 51वें समारोह में उपराष्ट्रपति ने क्या कहा?
उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले 50 वर्षों में सिक्किम की विकास-यात्रा असाधारण रही है और यह राज्य प्रकृति, संस्कृति और सुशासन के बीच सामंजस्य का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने 51वें स्थापना वर्ष को विकास और समावेशी प्रगति के नए अध्याय की शुरुआत बताया।
PM मोदी की सिक्किम यात्रा में कितनी राशि की परियोजनाएँ शुरू हुईं?
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया सिक्किम यात्रा के दौरान ₹4,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाएँ आरंभ की गईं और जनता को समर्पित की गईं।
'अष्टलक्ष्मी' और 'एक्ट ईस्ट' से सिक्किम का क्या संबंध है?
उपराष्ट्रपति ने सिक्किम को उत्तर-पूर्व के आठ राज्यों की 'अष्टलक्ष्मी' संकल्पना का अभिन्न अंग बताया, जो केंद्र सरकार की पूर्वोत्तर विकास नीति का हिस्सा है। 'एक्ट ईस्ट, एक्ट फास्ट' प्रधानमंत्री मोदी का वह दृष्टिकोण है जो पूर्वोत्तर राज्यों के त्वरित विकास और दक्षिण-पूर्व एशिया से संपर्क पर ज़ोर देता है।
'विकसित बंगाल' की परिकल्पना क्या है?
'विकसित बंगाल' केंद्र सरकार के 'विकसित भारत' लक्ष्य से जुड़ी एक परिकल्पना है, जिसमें पश्चिम बंगाल में पर्यटन अवसंरचना, औद्योगिक विकास और समावेशी प्रगति को बढ़ावा देने की बात कही जाती है। उपराष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि राज्य सरकार इस दिशा में सक्रिय कदम उठाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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