उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 16 मई को गंगटोक में सिक्किम स्थापना दिवस समारोह में होंगे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 16 मई 2026 को गंगटोक में आयोजित सिक्किम राज्य स्थापना दिवस समारोह में भाग लेंगे। पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनकी सिक्किम की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने 15 मई को यह जानकारी दी।
यात्रा का महत्व
अधिकारी के बयान के अनुसार, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन गंगटोक में राज्य स्थापना दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब सिक्किम हाल ही में राष्ट्रीय ध्यान का केंद्र रहा है — पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं राज्य के भारत में विलय की 50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में गंगटोक पहुँचे थे।
PM मोदी की सिक्किम यात्रा की पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी गंगटोक यात्रा के दौरान लगभग ₹4,000 करोड़ की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था। उन्होंने गंगटोक के युवाओं के साथ फुटबॉल भी खेला और दो किलोमीटर लंबी सांस्कृतिक रोड शो में भाग लिया, जिसमें पारंपरिक परिधान पहने और तिरंगा लहराते उत्साही नागरिकों ने उनका स्वागत किया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी फुटबॉल की तस्वीरें साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा कि 'गंगटोक की सुहावनी सुबह सिक्किम में अपने युवा दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलने जैसा आनंद और कहीं नहीं!' एक अन्य पोस्ट में उन्होंने इसे 'ऊर्जा से भरपूर फुटबॉल सत्र' बताया।
पद्म पुरस्कार विजेताओं से संवाद
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी यात्रा के दौरान पद्म पुरस्कार विजेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, कलाकारों, शिक्षाविदों और खिलाड़ियों सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों के साथ 'ज्ञानवर्धक संवाद' किया। अधिकारियों के अनुसार, इस संवाद में विकास, संस्कृति, नवाचार, शिक्षा, सामाजिक कल्याण और युवाओं के अवसरों जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
एक्स पर बैठक का विवरण साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 'उपस्थित लोगों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करना अद्भुत रहा।' यह संवाद जमीनी स्तर के योगदानकर्ताओं और नवप्रवर्तकों को सम्मानित करने के उनके व्यापक प्रयासों का हिस्सा माना जा रहा है।
आगे क्या
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन की यह यात्रा केंद्र सरकार की सिक्किम के प्रति निरंतर उच्च-स्तरीय राजनीतिक संलग्नता को दर्शाती है। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर उनकी उपस्थिति से राज्य और केंद्र के बीच संबंधों को और प्रगाढ़ करने की उम्मीद है।