पश्चिम बंगाल CM सुवेंदु अधिकारी सप्ताह में दो बार 'जनता दरबार' में सुनेंगे शिकायतें
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नई सरकार ने सप्ताह में दो बार, प्रत्येक बार दो घंटे के 'जनता दरबार' आयोजित करने का सैद्धांतिक निर्णय लिया है, जिसमें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी स्वयं उपस्थित रहकर आम नागरिकों की शिकायतें सीधे सुनेंगे। नबन्ना स्थित राज्य सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, इस कार्यक्रम की आधिकारिक अधिसूचना मई 2026 में ही जारी होने की संभावना है और कार्यक्रम जून 2026 से शुरू हो सकता है।
मुख्य घटनाक्रम
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय ने 'जनता दरबार' की अवधारणा को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, हालाँकि अभी तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। प्रत्येक दरबार सत्र में दो वरिष्ठ अधिकारी भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहेंगे। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं और कार्यक्रम की कार्यप्रणाली को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सरकार की मंशा और तर्क
राज्य सचिवालय के सूत्र ने बताया कि नए मुख्यमंत्री का मानना है कि प्रशासन के मुखिया को जनता की शिकायतों की प्रत्यक्ष जानकारी होनी चाहिए। सूत्र ने यह भी स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र अक्सर सीधे उन तक नहीं पहुँच पाते, और सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण नागरिकों का सीधा संपर्क हमेशा संभव नहीं होता।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में BJP की सरकार नई-नई सत्ता में आई है और प्रशासनिक पारदर्शिता स्थापित करना उसकी प्राथमिकता बताई जा रही है। गौरतलब है कि 'जनता दरबार' की परंपरा भारत में कई राज्यों में अलग-अलग स्वरूपों में रही है — उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी इस तरह के सार्वजनिक शिकायत मंचों का प्रयोग किया गया है।
आम जनता पर असर
यदि यह कार्यक्रम नियमित रूप से लागू होता है, तो पश्चिम बंगाल के नागरिकों को अपनी शिकायतें सीधे राज्य के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी तक पहुँचाने का एक संस्थागत मंच मिलेगा। विशेष रूप से वे लोग जिनकी शिकायतें नौकरशाही की परतों में दब जाती हैं, उन्हें इससे राहत मिल सकती है।
क्या होगा आगे
सूत्रों के मुताबिक, मई 2026 के अंत तक आधिकारिक अधिसूचना जारी होने और जून 2026 से कार्यक्रम शुरू होने की पूरी संभावना है। कार्यक्रम की विस्तृत कार्यप्रणाली — जैसे शिकायत पंजीकरण प्रक्रिया, सत्र का स्थान और प्रतिभागियों की संख्या — पर अभी काम जारी है।