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पश्चिम बंगाल में NDA सरकार की उम्मीद: BJP-JDU नेताओं ने कहा- TMC से ऊब चुकी है जनता

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पश्चिम बंगाल में NDA सरकार की उम्मीद: BJP-JDU नेताओं ने कहा- TMC से ऊब चुकी है जनता

सारांश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में NDA नेताओं ने BJP सरकार बनने का पुरजोर दावा किया है। बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी, JDU सांसद संजय कुमार झा और राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि TMC से ऊब चुकी जनता अब बदलाव के लिए मतदान कर रही है।

मुख्य बातें

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि PM मोदी का यह आकलन सही है कि बंगाल गंभीर संकट में है और TMC शासन में जनता परेशान है।
भाजपा नेता राम कृपाल यादव के अनुसार PM मोदी ने ममता बनर्जी के १५ साल के शासन के बाद बंगाल में प्रगति और विकास का वादा किया है।
JDU राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि बंगाल से आ रही रिपोर्टें NDA के पक्ष में स्पष्ट रुझान दर्शा रही हैं।
जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने दावा किया कि पहले और दूसरे दोनों चरणों में भाजपा को बड़ी बढ़त मिलने की संभावना है।
IPS अजय पाल शर्मा की पर्यवेक्षक के रूप में तैनाती पर सरावगी ने कहा कि मतदाताओं को डराने-धमकाने पर सख्त कार्रवाई होगी।

पटना, 28 अप्रैल 2026 (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण का प्रचार समाप्त होते ही NDA नेताओं ने जोरदार दावा किया है कि राज्य में इस बार भाजपा की सरकार बनना तय है। बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह आकलन बिल्कुल सटीक है कि बंगाल गंभीर संकट से गुजर रहा है और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के शासन में आम जनता बेहद परेशान है।

मुख्य घटनाक्रम: NDA नेताओं के बड़े दावे

संजय सरावगी ने घुसपैठ की समस्या को लेकर गहरी चिंता जताई। उनके अनुसार, कथित तौर पर इस समस्या ने बंगाल की जनसांख्यिकीय संरचना और संसाधनों के वितरण पर गहरा असर डाला है। उन्होंने कहा कि पहले चरण के मतदान के दौरान मतदाताओं ने बड़ी संख्या में बाहर निकलकर अपना गुस्सा जाहिर किया, जिससे प्रधानमंत्री की अपील को जमीनी स्तर पर समर्थन मिल रहा है।

भाजपा नेता राम कृपाल यादव ने कहा कि पीएम मोदी ने बंगाल की जनता से अपील करते हुए स्पष्ट किया है कि ममता बनर्जी के १५ साल के शासन के बाद अब प्रगति, विकास और सर्वकल्याण का समय आ गया है। पीएम ने वादा किया है कि वे एक सुंदर बंगाल का निर्माण करेंगे जहाँ सम्मान, रोजगार, आवास, शांति और सद्भाव सुनिश्चित होगा।

चुनाव आयोग और पर्यवेक्षकों की भूमिका

पश्चिम बंगाल चुनाव में आईपीएस अजय पाल शर्मा की तैनाती के सवाल पर संजय सरावगी ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग पूरे देश से पर्यवेक्षकों को चुनाव प्रक्रिया में शामिल करता है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी मतदाताओं को धमकाया या डराया गया, या कोई आपराधिक गतिविधि पाई गई, तो उससे नियमानुसार सख्ती से निपटा जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष पर चुनावी हिंसा के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं।

JDU का आकलन: एनडीए के पक्ष में झुका चुनावी माहौल

जदयू के राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि बंगाल से आ रही तमाम रिपोर्टें NDA के पक्ष में स्पष्ट रुझान दिखा रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले जहाँ सत्ता-विरोधी भावना और भय का माहौल था, वहाँ अब मतदाता खुलकर वोट डालने निकल रहे हैं। पहले चरण की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों के विवरण के अनुसार भी समग्र चुनावी वातावरण NDA की ओर झुकता हुआ प्रतीत हो रहा है।

गौरतलब है कि २०२१ के बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ७७ सीटें जीती थीं और इस बार वह उससे कहीं बेहतर प्रदर्शन का दावा कर रही है। यह पहली बार नहीं है जब भाजपा ने बंगाल में सरकार बनाने का दावा किया हो, लेकिन इस बार जमीनी समीकरण कुछ अलग बताए जा रहे हैं।

TMC को झटके की संभावना: BJP को बड़ी बढ़त का अनुमान

जदयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने दावा किया कि पहले चरण में भाजपा को मजबूत बढ़त मिलने और बड़ी संख्या में सीटें जीतने की संभावना है। दूसरे चरण में भी भाजपा उम्मीदवारों की जीत का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है, जबकि TMC को जनता की ओर से करारे झटके लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कहा जा रहा है कि टीएमसी सरकार का जाना तय है और बंगाल में भाजपा सरकार बनने का समय आ गया है।

आने वाले दिनों में शेष चरणों के मतदान और अंततः मतगणना यह तय करेगी कि NDA के ये दावे जमीनी हकीकत से कितने मेल खाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पहले चरण में बढ़ा हुआ मतदान प्रतिशत सत्ता-विरोधी भावना का संकेत जरूर देता है। विरोधाभास यह है कि २०२१ में भी भाजपा ने ऐसे ही दावे किए थे, फिर भी TMC ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की थी। मुख्यधारा की मीडिया जो अनदेखा कर रही है वह यह है कि घुसपैठ और संसाधनों के बंटवारे जैसे मुद्दे इस बार ग्रामीण मतदाताओं के बीच कहीं अधिक गहरे असर डाल रहे हैं। NDA का असली परीक्षण मतगणना के दिन होगा, तब तक ये बयान राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखे जाने चाहिए।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में NDA नेताओं ने क्या दावा किया?
NDA नेताओं ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में इस बार भाजपा की सरकार बनेगी। बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी, JDU सांसद संजय कुमार झा और राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि TMC से ऊब चुकी जनता बड़ी संख्या में मतदान कर बदलाव का संकेत दे रही है।
बंगाल चुनाव में TMC के खिलाफ क्या माहौल है?
आंकड़ों और रिपोर्टों के अनुसार पहले चरण में मतदाता बड़ी संख्या में बाहर निकले, जिसे सत्ता-विरोधी भावना का संकेत माना जा रहा है। NDA नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी के १५ साल के शासन में घुसपैठ, बेरोजगारी और हिंसा से जनता परेशान है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में IPS अजय पाल शर्मा की क्या भूमिका है?
IPS अजय पाल शर्मा को चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल चुनाव में पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया है। संजय सरावगी ने कहा कि यदि मतदाताओं को डराया-धमकाया गया या कोई आपराधिक गतिविधि पाई गई तो उससे नियमानुसार सख्ती से निपटा जाएगा।
2021 के बंगाल चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन कैसा रहा था?
२०२१ के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ७७ सीटें जीती थीं, जबकि TMC ने २१३ सीटों के साथ भारी बहुमत से जीत दर्ज की थी। इस बार भाजपा उससे बेहतर प्रदर्शन का दावा कर रही है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 का अगला चरण कब है?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरे चरण का प्रचार समाप्त हो चुका है और मतदान की प्रक्रिया जारी है। शेष चरणों के बाद मतगणना में NDA और TMC के बीच असली टक्कर का फैसला होगा।
राष्ट्र प्रेस
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