पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: बिहार भाजपा नेताओं का दावा, '4 मई को TMC सरकार का जाना तय'
सारांश
Key Takeaways
- बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने 29 अप्रैल 2026 को दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनना तय है।
- दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ; पहले चरण में 152 सीटों पर रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया था।
- राम कृपाल यादव ने दावा किया कि दूसरे चरण में भी 90%25 से अधिक मतदान होने की उम्मीद है।
- मंगल पांडे ने कहा कि 4 मई को TMC सरकार का जाना तय है।
- बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने TMC पर मतदाताओं को परेशान करने का आरोप लगाया।
- भाजपा ने ममता बनर्जी के 15 वर्षों के शासन को चुनाव का मुख्य मुद्दा बताया।
पटना से बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने 29 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के दौरान दावा किया कि इस बार राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनना तय है। नेताओं ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कथित कुशासन को लेकर जनता में व्यापक असंतोष का हवाला देते हुए कहा कि बदलाव अब अवश्यंभावी है।
नेताओं के प्रमुख बयान
भाजपा के वरिष्ठ नेता राम कृपाल यादव ने कहा, "पश्चिम बंगाल में बदलाव के लिए मतदान हो रहा है। ममता दीदी का जाना तय है। लोग उनके कुशासन से त्रस्त हैं।" उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले चरण में बंपर मतदान के बाद दूसरे चरण में भी 90 प्रतिशत से अधिक मतदान की उम्मीद है और सरकार भाजपा की बनेगी।
बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर आरोप लगाते हुए कहा कि TMC के कार्यकर्ताओं ने लोगों को परेशान किया है, यही कारण है कि बड़ी संख्या में मतदाता TMC के विरुद्ध मतदान कर रहे हैं।
वरिष्ठ भाजपा नेता मंगल पांडे ने कहा, "जिस तरह जनता ने पहले चरण में बदलाव के लिए वोट दिया, उसी तरह दूसरे चरण में भी साफ दिखाई दे रहा है कि बंगाल बदलाव की दिशा में काफी आगे बढ़ चुका है। 4 मई को TMC सरकार का जाना तय है।"
भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा कि इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में मतदान हो रहा है और इसी कारण TMC समर्थकों में बेचैनी है।
मतदान का संदर्भ
यह बयान उस समय आया जब पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के तहत 142 विधानसभा सीटों पर मतदान जारी था। इससे पहले पहले चरण में 152 सीटों पर रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया था। गौरतलब है कि यह चुनाव दो चरणों में संपन्न हो रहा है, जिसमें कुल 294 विधानसभा सीटें शामिल हैं।
भाजपा का चुनावी आधार
बिहार भाजपा नेताओं ने दावा किया कि पूरे राज्य में जनता ममता बनर्जी के 15 वर्षों के शासन से थक चुकी है और अब विकास, कानून-व्यवस्था तथा सुशासन के लिए भाजपा को अवसर देना चाहती है। यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा पश्चिम बंगाल में अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
आलोचकों का कहना है कि चुनाव-पूर्व दावे अक्सर पार्टी की रणनीतिक संचार का हिस्सा होते हैं और इन्हें अंतिम परिणाम का संकेत नहीं माना जा सकता। TMC की ओर से इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मतगणना की तिथि के बाद ही स्पष्ट होगा कि जनादेश किस दिशा में गया।