गुलजार सिंह मौत मामला: 15 सितंबर को मंत्री हरपाल चीमा के आवास तक पंजाब कांग्रेस का विरोध मार्च, चन्नी का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब में गुलजार सिंह की कथित मौत का मामला राजनीतिक रूप से गहराता जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने का फैसला किया है। कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने 13 सितंबर 2026 को घोषणा की कि पार्टी 15 सितंबर को एक विरोध मार्च निकालेगी।
विरोध मार्च का विवरण
चन्नी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि पंजाब कांग्रेस के प्रभारी महासचिव सचिन पायलट के नेतृत्व में यह मार्च 15 सितंबर को सुबह 11 बजे चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस पार्टी कार्यालय से शुरू होकर AAP मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास तक जाएगा। चन्नी ने सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से इसमें बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।
गुलजार सिंह मामले की पृष्ठभूमि
आरोपों के अनुसार, गुलजार सिंह ने पंजाब में बेलगाम नशे की समस्या को लेकर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल किए थे, जिसके बाद उन्हें कथित तौर पर दबाव और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। कांग्रेस का आरोप है कि इसी उत्पीड़न से तंग आकर गुलजार सिंह ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि अंतिम संस्कार के दौरान उन्हें उचित गरिमा और सम्मान नहीं दिया गया।
सचिन पायलट की माँगें
पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट ने इस मामले को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए स्वतंत्र और समयबद्ध जाँच की माँग की है। पायलट ने दावा किया कि मृतक द्वारा मृत्यु से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में मंत्री हरपाल सिंह चीमा का नाम स्पष्ट रूप से लिया गया है, जो इस मामले को और अधिक गंभीर बनाता है। गौरतलब है कि कांग्रेस की माँग केवल जाँच तक सीमित नहीं है — पार्टी चाहती है कि चीमा को तत्काल प्रभाव से कैबिनेट से बर्खास्त किया जाए और उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ की जाए।
आप सरकार पर बढ़ता राजनीतिक दबाव
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब में नशे की समस्या पहले से ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है और AAP सरकार विपक्षी आलोचना के घेरे में है। चन्नी और पायलट दोनों ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस गुलजार सिंह के परिवार को न्याय दिलाने के लिए जब तक आवश्यक हो, आंदोलन जारी रखेगी।
आगे क्या होगा
15 सितंबर 2026 को होने वाले इस विरोध मार्च से पंजाब में राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है। अब सबकी नज़रें इस पर होंगी कि AAP सरकार और मंत्री हरपाल सिंह चीमा इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या कोई स्वतंत्र जाँच का आदेश दिया जाता है।