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हरभजन सिंह पर हरपाल चीमा का हमला: राजस्थान का वीडियो पंजाब से जोड़ने का आरोप

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हरभजन सिंह पर हरपाल चीमा का हमला: राजस्थान का वीडियो पंजाब से जोड़ने का आरोप

सारांश

पंजाब के मंत्री हरपाल चीमा ने हरभजन सिंह पर राजस्थान के श्रीगंगानगर का वीडियो पंजाब का बताकर शेयर करने का आरोप लगाया। पंजाब पुलिस ने जाँच में वीडियो को राजस्थान का पाया। चीमा ने इसे भाजपा के प्रचार-तंत्र का हिस्सा बताते हुए 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान की उपलब्धियाँ गिनाईं।

मुख्य बातें

हरपाल सिंह चीमा ने 11 अगस्त को हरभजन सिंह पर भ्रामक वीडियो शेयर कर पंजाब को बदनाम करने का आरोप लगाया।
पंजाब पुलिस की जाँच में वायरल वीडियो राजस्थान के श्रीगंगानगर का पाया गया, पंजाब का नहीं।
चीमा ने भाजपा की 'आईटी मशीनरी' पर दूसरे राज्यों के वीडियो को पंजाब का बताकर फैलाने का आरोप लगाया।
2007-2017 के शिअद-भाजपा शासनकाल में नशे की समस्या बढ़ने का हवाला देते हुए भाजपा को घेरा।
पंजाब में अब तक 3,000 से अधिक खेल स्टेडियम बने; 6,000 और निर्माणाधीन।

पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मंगलवार, 11 अगस्त को पूर्व भारतीय क्रिकेटर एवं राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह पर तीखा हमला बोला। चीमा ने आरोप लगाया कि हरभजन सिंह ने राजस्थान के श्रीगंगानगर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर उसे भ्रामक तरीके से पंजाब से जोड़ा, जिससे राज्य और यहाँ के युवाओं की छवि धूमिल होती है।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

हरपाल चीमा ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'हरभजन सिंह को अपने मंच का उपयोग पंजाब के युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दे उठाने में करना चाहिए था, न कि ऐसी भ्रामक सामग्री फैलाने में जो पंजाब की साख को नुकसान पहुँचाए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस ने वीडियो की जाँच कर पुष्टि की कि वह वास्तव में भाजपा-शासित राजस्थान के श्रीगंगानगर का था और उसका पंजाब से कोई संबंध नहीं था।

चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने हरभजन सिंह को पंजाब के हितों की आवाज़ उठाने और राज्य के युवाओं के लिए काम करने हेतु राज्यसभा भेजा था, लेकिन अब वे कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रचार-तंत्र को बल दे रहे हैं।

भाजपा की 'आईटी मशीनरी' पर निशाना

चीमा ने आरोप लगाया कि भाजपा की 'आईटी मशीनरी' दूसरे राज्यों के वीडियो उठाकर उन्हें पंजाब की घटनाओं के रूप में प्रचारित कर रही है, ताकि राज्य और उसके युवाओं को बदनाम किया जा सके। उन्होंने कहा कि तथ्यों की पुष्टि किए बिना इस तरह की सामग्री साझा करना गैर-जिम्मेदाराना है।

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब सरकार अपने 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान को लेकर सक्रिय रूप से प्रचार कर रही है। चीमा ने कहा कि भाजपा इस अभियान में भगवंत मान सरकार की प्रगति को कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है।

भाजपा के पुराने रिकॉर्ड पर सवाल

चीमा ने 2007 से 2017 के बीच शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन 10 वर्षों में पंजाब में नशे की समस्या गंभीर रूप से बढ़ी। उन्होंने कहा कि उसी दौर में 'चिट्टा' और 'स्मैक' जैसे शब्द पंजाब के साथ बड़े पैमाने पर जुड़ गए और अनगिनत युवाओं की ज़िंदगी बर्बाद हुई।

गौरतलब है कि नशे का मुद्दा पंजाब में राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील रहा है और हर चुनाव में इसे केंद्र में रखा जाता है।

खेल अवसंरचना और युवा नीति

चीमा ने बताया कि पंजाब सरकार युवाओं को सकारात्मक विकल्प देने के लिए खेल सुविधाओं का विस्तार कर रही है। राज्य में अब तक 3,000 से अधिक खेल स्टेडियम बनाए जा चुके हैं और 6,000 और निर्माणाधीन हैं। उन्होंने कहा, 'हम खेलों में निवेश कर रहे हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि पंजाब के युवा नशीली दवाओं से दूर रहें और एक स्वस्थ एवं उत्पादक भविष्य की ओर बढ़ें।'

आगे क्या

हरभजन सिंह की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब पंजाब में AAP और BJP के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक बयानबाज़ी की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि विपक्ष का हर भ्रामक वीडियो इस जाँच से ध्यान हटाने का काम करता है। हरभजन सिंह जैसे सार्वजनिक व्यक्तित्व की जिम्मेदारी बनती है कि वे तथ्यों की पुष्टि के बाद ही सामग्री साझा करें — लेकिन साथ ही, सरकार को भी अपने नशा-विरोधी दावों के लिए पारदर्शी आँकड़े सामने रखने होंगे।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरपाल चीमा ने हरभजन सिंह पर क्या आरोप लगाए?
पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा ने आरोप लगाया कि हरभजन सिंह ने राजस्थान के श्रीगंगानगर का एक वीडियो शेयर कर उसे भ्रामक तरीके से पंजाब से जोड़ा, जिससे राज्य की छवि खराब होती है। चीमा ने इसे भाजपा के प्रचार-तंत्र को बढ़ावा देना बताया।
पंजाब पुलिस ने वायरल वीडियो के बारे में क्या पाया?
पंजाब पुलिस ने जाँच में पाया कि वायरल वीडियो वास्तव में राजस्थान के श्रीगंगानगर का था, न कि पंजाब का। यह भाजपा-शासित राज्य है और उसका पंजाब से कोई संबंध नहीं था।
हरभजन सिंह को राज्यसभा में किसने भेजा था?
हरभजन सिंह को आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा सांसद के रूप में पंजाब के हितों का प्रतिनिधित्व करने के लिए नामित किया था। चीमा ने कहा कि उनसे यह अपेक्षा थी कि वे राज्य के युवाओं के मुद्दे उठाएँगे।
पंजाब में नशे के खिलाफ सरकार क्या कदम उठा रही है?
भगवंत मान सरकार 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान चला रही है और युवाओं को सकारात्मक विकल्प देने के लिए खेल अवसंरचना विकसित कर रही है। राज्य में 3,000 से अधिक खेल स्टेडियम बन चुके हैं और 6,000 और निर्माणाधीन हैं।
चीमा ने भाजपा के पंजाब में नशे के रिकॉर्ड पर क्या कहा?
चीमा ने कहा कि 2007 से 2017 के बीच शिरोमणि अकाली दल-भाजपा सरकार के 10 वर्षों में पंजाब में नशे की समस्या गंभीर रूप से बढ़ी और 'चिट्टा' व 'स्मैक' जैसे शब्द उसी दौर में राज्य से बड़े पैमाने पर जुड़े।
राष्ट्र प्रेस
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