हरभजन सिंह के बयान से पंजाब में सियासत तेज, भाजपा ने AAP सरकार पर लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद पंजाब की राजनीति में हलचल मच गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पंजाब कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने 22 मई को चंडीगढ़ में कहा कि हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की 'असली सच्चाई' जनता के सामने रख दी है। शर्मा ने AAP पर पंजाब की जनता के साथ 'धोखा' करने और व्यापक भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया।
हरभजन सिंह का एक्स पोस्ट और विवाद की जड़
पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा — 'जब सही समय आएगा तो आपकी हर बात का जवाब दिया जाएगा। मैंने आपके किसी भी नेता का अपमान नहीं किया है।' उन्होंने आगे लिखा कि जो लोग उन्हें 'गद्दार' कह रहे हैं, वे पहले अपने नेताओं से पूछें कि पंजाब की राज्यसभा सीट कितने में बिकी थी। हरभजन ने यह भी कहा कि वे बता सकते हैं कि 'किसे कितनी रिश्वत मिली और किसकी तरफ से मिली' और कैसे कुछ लोगों को 'पंजाब को लूटने' के लिए मंत्री या 'चौकीदार' बनाया गया।
भाजपा की प्रतिक्रिया और आरोप
अश्विनी शर्मा ने कहा कि AAP ने हरभजन सिंह के खिलाफ जिस भाषा का प्रयोग किया, वह अनुचित था। उन्होंने कहा, 'हरभजन सिंह ने इतना सब होने के बाद भी संयम रखा — यही उनके चरित्र को दर्शाता है।' शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि AAP नेता और मंत्री 'केवल भ्रष्टाचार में लगे हैं' और पंजाब सरकार जनहित में काम नहीं कर रही।
भूमि घोटाले और कोरोना काल के आरोप
भाजपा नेता ने कथित तौर पर कहा कि कोरोना महामारी के दौरान 'शराब की डिलीवरी' की आड़ में भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने लुधियाना, मोहाली और खरड़ जैसे शहरों में 'करोड़ों और अरबों के जमीन घोटालों' का भी उल्लेख किया और कहा कि AAP नेताओं को इन मामलों में जाँच का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। गौरतलब है कि ये आरोप भाजपा की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जनता का आक्रोश और आगे की राजनीति
शर्मा ने कहा कि पंजाब की जनता AAP सरकार से 'परेशान हो चुकी है' और आने वाले समय में जनता ही सरकार को जवाब देगी। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को 'बेहद ईमानदार' बताते थे और भ्रष्टाचार विरोधी अभियान चलाते थे, उनका 'भ्रष्ट चेहरा अब बेनकाब हो गया है।' यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू होने लगी हैं और विपक्ष AAP सरकार को घेरने के हर अवसर का उपयोग कर रहा है।