AAP भ्रष्टाचार में डूबी है, हरभजन सिंह को गद्दार कहना मानसिक दिवालियापन: BJP नेता तरुण चुघ
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने 23 मई 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा हमला बोला और कहा कि राज्यसभा सांसद एवं पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह को 'गद्दार' कहना पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP नेतृत्व की 'मानसिक दिवालियापन' को दर्शाता है। चुघ ने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर से ही कई नेताओं ने AAP के शीर्ष नेतृत्व पर भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप देने के आरोप लगाए हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि पूरी पार्टी भ्रष्टाचार में डूबी हुई है।
हरभजन सिंह विवाद और AAP पर आरोप
हरभजन सिंह ने हाल ही में AAP पर टिकट बेचने के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद पार्टी की ओर से उन्हें 'गद्दार' जैसे शब्दों से नवाज़ा गया। चुघ ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस खिलाड़ी ने देश के लिए खेलकर भारत का गौरव बढ़ाया, उसे इस तरह संबोधित करना अस्वीकार्य है। उनके अनुसार, AAP के भीतर के नेता ही पार्टी के भ्रष्ट चरित्र को उजागर कर रहे हैं।
चुघ ने आरोप लगाया कि AAP में मंत्री पद और अन्य राजनीतिक पद कथित तौर पर पैसे के लेनदेन के ज़रिए दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की नींव भले ही 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन पर रखी गई थी, लेकिन आज उस आंदोलन से जुड़े अधिकांश लोग पार्टी छोड़ चुके हैं।
केजरीवाल और भगवंत मान पर निशाना
BJP नेता ने कहा कि AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर पार्टी के भीतर के कई नेताओं ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। चुघ ने यह भी उल्लेख किया कि एक मामले में अदालत ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मनी ट्रेल को लेकर गंभीर टिप्पणियाँ की थीं। हालाँकि, इन आरोपों पर AAP की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं थी।
नगर निगम चुनाव और EVM विवाद
नगर निगम चुनाव को लेकर हाईकोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए चुघ ने कहा कि पंजाब सरकार और राज्य चुनाव आयोग ने ईवीएम (EVM) की उपलब्धता को लेकर परस्पर विरोधाभासी बयान दिए। उनके अनुसार, पहले कहा गया कि EVM उपलब्ध नहीं हैं, फिर कहा गया कि मशीनें मिल नहीं रही हैं — जबकि चुनाव आयोग ने स्वयं EVM की उपलब्धता की पुष्टि की थी।
चुघ ने दावा किया कि फरवरी में ही आयोग ने EVM उपलब्ध कराने की बात कही थी और बाद में जयपुर से मशीनें भेजे जाने संबंधी पत्र भी प्राप्त हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार जानबूझकर EVM के इस्तेमाल को टाल रही थी और उसके मंत्री तथा विधायक जनता को धमकाने का काम कर रहे हैं।
AAP का भविष्य और राजनीतिक संकट
यह ऐसे समय में आया है जब AAP पहले से ही कई आंतरिक और कानूनी चुनौतियों से जूझ रही है। गौरतलब है कि पार्टी के भीतर से उठती आवाज़ें और हरभजन सिंह जैसे प्रमुख चेहरों का विरोध AAP के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील स्थिति पैदा करता है। आलोचकों का कहना है कि यदि पार्टी अपने आंतरिक विवादों को नहीं सुलझाती, तो आगामी चुनावों में इसका राजनीतिक नुकसान हो सकता है।