अमृतसर में AAP का तरुण चुघ के घर के बाहर प्रदर्शन, पंजाब का रुका फंड जारी करने की मांग
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने शनिवार, 20 जून को अमृतसर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर पंजाब के साथ वित्तीय भेदभाव का आरोप लगाते हुए राज्य का रुका हुआ फंड तत्काल जारी करने की मांग की।
प्रदर्शन का कारण और मांगें
AAP के वरिष्ठ नेताओं — पंजाब के मंत्री हरभजन सिंह, विधायक डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर, कुलदीप सिंह धालीवाल और अजय गुप्ता — ने एकजुट होकर केंद्र सरकार पर पंजाब के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। पार्टी की मुख्य माँग यह है कि केंद्र द्वारा रोका गया पंजाब का फंड बिना देरी के जारी किया जाए।
विधायक निज्जर का BJP अध्यक्ष से सवाल
AAP विधायक इंद्रबीर सिंह निज्जर ने कहा, 'आज BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अमृतसर और लुधियाना आ रहे हैं। हम चाहते हैं कि वे पंजाब के प्रति BJP की नीति साफ करें — चंडीगढ़ पर उनका क्या रुख है? नदी के पानी को लेकर पंजाब का हक कितना है? हमारे बांधों पर किसका नियंत्रण होना चाहिए? और जो फंड देने थे, वह कब जारी होगा?'
मंत्री हरभजन सिंह की प्रतिक्रिया
पंजाब के मंत्री हरभजन सिंह ने कहा, 'यह विरोध प्रदर्शन BJP की नीतियों और उसकी धर्म की राजनीति के खिलाफ है। BJP ने पंजाब में भी धार्मिक राजनीति लाने की कोशिश की है, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। पंजाब गुरुओं और संतों की धरती है। केंद्र सरकार ने पंजाब का फंड रोक दिया है, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान अन्य स्रोतों से राज्य का विकास करवा रहे हैं।' उन्होंने BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से माँग की कि वे पंजाब के प्रति अपना रुख स्पष्ट करें और राज्य में 'धर्म की राजनीति' बंद करें।
धालीवाल का बयान
AAP विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा, 'आज का विरोध प्रदर्शन BJP की नीतियों और कामों के खिलाफ है। हम BJP के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ के घर के बाहर इसीलिए विरोध कर रहे हैं।'
आगे क्या
यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ जब BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पंजाब दौरे पर थे। AAP ने स्पष्ट किया है कि जब तक केंद्र पंजाब का रुका हुआ फंड जारी नहीं करता और राज्य के प्रमुख मुद्दों — चंडीगढ़, नदी जल अधिकार, बाँध नियंत्रण — पर अपना रुख स्पष्ट नहीं करता, तब तक विरोध जारी रहेगा।