तरुण चुघ का AAP पर हमला: 'आप सरकार नशा रोकने वालों की नहीं, बढ़ावा देने वालों की साथी'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद तरुण चुघ ने 22 सितंबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में AAP सरकार नशे को बढ़ावा देने वाले तत्वों की संरक्षक बन गई है। चुघ ने BJP की 'नशा-मुक्त पंजाब यात्रा' का बचाव करते हुए कहा कि यह अभियान अब एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।
चुघ के आरोप: AAP सरकार और नशा माफिया
BJP सांसद तरुण चुघ ने कहा, 'आम आदमी पार्टी के लगातार लग रहे आरोप ड्रग्स की समस्या के खिलाफ उनकी लड़ाई में नाकामी की कहानी बयां कर रहे हैं। आज आम आदमी पार्टी, ड्रग्स के आतंक, डर और जबरन वसूली के खिलाफ BJP की शुरू की गई लड़ाई और निकाली जा रही यात्राओं से घबरा गई है।' उन्होंने आगे कहा, 'केजरीवाल का गैंग चाहे या न चाहे, BJP अब पंजाब को नशा मुक्त बनाकर ही रहेगी।'
चुघ ने सीधे शब्दों में कहा कि 'आम आदमी पार्टी नशा रोकने वालों के नहीं, बल्कि नशे को बढ़ावा देने वालों के साथ है।' उनका यह बयान AAP और BJP के बीच पंजाब में ड्रग्स के मुद्दे पर जारी राजनीतिक टकराव को और तेज करता है।
नशा-मुक्त पंजाब यात्रा: BJP का लक्ष्य
चुघ ने स्पष्ट किया कि BJP की यात्रा का मुख्य उद्देश्य ड्रग सप्लाई चेन और ड्रग मनी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू हो चुकी है और पार्टी इसे अंजाम तक पहुँचाएगी।
चुघ ने सोमवार को भी कहा था कि पंजाब की पवित्र भूमि, जो कभी अपनी वीरता और समृद्धि के लिए जानी जाती थी, आज नशे की विनाशकारी बुराई के कारण अपने युवाओं का भविष्य बर्बाद होते देख रही है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में ड्रग्स का मुद्दा लगातार चुनावी और सामाजिक बहस के केंद्र में बना हुआ है।
सत्ता में बैठे लोगों पर संरक्षण का आरोप
चुघ ने कथित तौर पर कहा कि 'ड्रग तस्कर सत्ता में बैठे लोगों की शह पर फल-फूल रहे हैं।' उनके अनुसार, यदि राज्य का कोई नागरिक या युवा इस काले धंधे के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करता है, तो सत्ता में बैठे लोग अपनी ताकत का इस्तेमाल कर उसे डराते-धमकाते हैं। गौरतलब है कि पंजाब में ड्रग तस्करी के मामले में राजनीतिक संरक्षण के आरोप पहले भी लगते रहे हैं, और यह मुद्दा विभिन्न जाँच एजेंसियों के निशाने पर रहा है।
SIR और चुनावी सूची विवाद
चुघ ने मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर भी बात की और कहा कि मतदाता पात्रता की पुष्टि के लिए यह प्रक्रिया चुनावी तंत्र का ज़रूरी हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि घुसपैठियों, मृत और फर्जी मतदाताओं को सूची से हटाया जा रहा है, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) को फर्जी मतदाताओं के नाम हटने से आपत्ति है।
आलोचकों का कहना है कि दोनों दलों — BJP और AAP — के बीच पंजाब में यह राजनीतिक जुबानी जंग ड्रग्स की असल समस्या पर ठोस समाधान की बजाय चुनावी ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे रही है। पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र यह आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने के आसार हैं।