अमित शाह का जालंधर दौरा: भाजपा का 'नशा-मुक्त पंजाब' अभियान, AAP सरकार पर सीधा हमला
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 30 सितंबर को जालंधर पहुँचने से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पंजाब इकाई के नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी राज्य में नशे के कारोबार को जड़ से समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नेताओं ने आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि उसके सत्ता में आने के बाद पंजाब ड्रग्स तस्करों के लिए 'खुला मैदान' बन चुका है।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष का AAP पर हमला
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा, 'पंजाब में सबसे बड़ा मुद्दा ड्रग्स है। मौजूदा सरकार ड्रग्स को रोकने में नाकाम रही है। केजरीवाल ने कहा था कि तीन महीने में ड्रग्स रोक दिए जाएंगे, लेकिन साढ़े चार साल बाद भी ड्रग्स नहीं रुके हैं। क्योंकि वे ड्रग्स नहीं रोक पाए, इसलिए उन्होंने लोगों की आवाज दबाना शुरू कर दिया।'
ढिल्लों ने यह भी कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था, आर्थिक हालत, बेरोज़गारी, किसानों, गरीबों और दलितों से जुड़े मुद्दों पर आवाज़ उठाने वालों को दबाया जा रहा है।
'नशा-मुक्त पंजाब' यात्रा का ब्यौरा
केवल सिंह ढिल्लों ने बताया कि भाजपा ने नशे के खिलाफ एक व्यापक यात्रा निकाली, जिसमें 4,000 किलोमीटर से अधिक का सफर तय किया गया और 117 विधानसभा क्षेत्रों में गाँव-गाँव जाकर लोगों से संवाद किया गया। उन्होंने दावा किया कि जहाँ सैकड़ों लोगों के आने की उम्मीद थी, वहाँ 5,000 से 10,000 तक की भीड़ उमड़ी।
ढिल्लों के अनुसार, इस जनसंपर्क अभियान ने यह स्पष्ट कर दिया कि पंजाब की जनता भाजपा के साथ खड़ी है और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है।
AAP पर 'पंजाब लूटने' का आरोप
ढिल्लों ने AAP पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि दिल्ली से बाहर होने के बाद AAP पंजाब में आई और यहाँ के संसाधनों को दिल्ली ले जाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए बने सरकारी आवासों पर AAP के लोगों ने कब्ज़ा कर लिया है और GMADA के कामकाज में भी अनुचित हस्तक्षेप किया जा रहा है।
जयवीर शेरगिल का बयान और 2027 का संदेश
भाजपा नेता जयवीर शेरगिल ने गृह मंत्री शाह के दौरे को भाजपा की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, '2027 में भाजपा की सरकार आएगी तो पंजाब में नशा हारेगा और पंजाब से केजरीवाल भी दौड़ेगा।' शेरगिल ने AAP को 'ऐशो-आराम पार्टी' करार देते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों को खुद दबा रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब सरकार पुलिसकर्मियों को सलाह दे रही है कि वे घर जाते समय वर्दी न पहनें, ताकि गैंगस्टरों से बच सकें — एक ऐसा दावा जो, यदि सत्य है, तो राज्य की कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर करता है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज़ हो रही हैं और सभी दल जनता के बीच अपनी पकड़ मज़बूत करने में जुटे हैं।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
गौरतलब है कि पंजाब में नशे की समस्या दशकों पुरानी है और हर चुनाव में यह मुद्दा केंद्र में रहता है। भाजपा की यह यात्रा और शाह का दौरा स्पष्ट रूप से 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर की गई रणनीतिक तैयारी का हिस्सा प्रतीत होती है। AAP सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।