30 सितंबर 2026
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अमित शाह का जालंधर दौरा: भाजपा का 'नशा-मुक्त पंजाब' अभियान, AAP सरकार पर सीधा हमला

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अमित शाह का जालंधर दौरा: भाजपा का 'नशा-मुक्त पंजाब' अभियान, AAP सरकार पर सीधा हमला

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह के जालंधर दौरे से पहले भाजपा ने AAP सरकार को पंजाब में नशे की बढ़ती समस्या के लिए सीधे जिम्मेदार ठहराया। 4,000 किमी की 'नशा-मुक्त पंजाब' यात्रा और 117 विधानसभाओं में जनसंपर्क — यह सब 2027 के चुनावी दंगल की तैयारी का हिस्सा है।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 सितंबर को जालंधर पहुँचे, जहाँ भाजपा का 'नशा-मुक्त पंजाब' कार्यक्रम आयोजित हुआ।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने AAP पर आरोप लगाया कि साढ़े चार साल में नशे पर काबू नहीं पाया गया।
भाजपा की यात्रा में 4,000 किलोमीटर का सफर और 117 विधानसभा क्षेत्रों में जनसंपर्क किया गया।
नेता जयवीर शेरगिल ने दावा किया कि 2027 में भाजपा सरकार बनने पर पंजाब से नशा समाप्त होगा।
ढिल्लों ने AAP पर सरकारी आवासों पर कब्ज़े और GMADA में हस्तक्षेप के आरोप भी लगाए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 30 सितंबर को जालंधर पहुँचने से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पंजाब इकाई के नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी राज्य में नशे के कारोबार को जड़ से समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नेताओं ने आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि उसके सत्ता में आने के बाद पंजाब ड्रग्स तस्करों के लिए 'खुला मैदान' बन चुका है।

पंजाब भाजपा अध्यक्ष का AAP पर हमला

पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा, 'पंजाब में सबसे बड़ा मुद्दा ड्रग्स है। मौजूदा सरकार ड्रग्स को रोकने में नाकाम रही है। केजरीवाल ने कहा था कि तीन महीने में ड्रग्स रोक दिए जाएंगे, लेकिन साढ़े चार साल बाद भी ड्रग्स नहीं रुके हैं। क्योंकि वे ड्रग्स नहीं रोक पाए, इसलिए उन्होंने लोगों की आवाज दबाना शुरू कर दिया।'

ढिल्लों ने यह भी कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था, आर्थिक हालत, बेरोज़गारी, किसानों, गरीबों और दलितों से जुड़े मुद्दों पर आवाज़ उठाने वालों को दबाया जा रहा है।

'नशा-मुक्त पंजाब' यात्रा का ब्यौरा

केवल सिंह ढिल्लों ने बताया कि भाजपा ने नशे के खिलाफ एक व्यापक यात्रा निकाली, जिसमें 4,000 किलोमीटर से अधिक का सफर तय किया गया और 117 विधानसभा क्षेत्रों में गाँव-गाँव जाकर लोगों से संवाद किया गया। उन्होंने दावा किया कि जहाँ सैकड़ों लोगों के आने की उम्मीद थी, वहाँ 5,000 से 10,000 तक की भीड़ उमड़ी।

ढिल्लों के अनुसार, इस जनसंपर्क अभियान ने यह स्पष्ट कर दिया कि पंजाब की जनता भाजपा के साथ खड़ी है और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है।

AAP पर 'पंजाब लूटने' का आरोप

ढिल्लों ने AAP पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि दिल्ली से बाहर होने के बाद AAP पंजाब में आई और यहाँ के संसाधनों को दिल्ली ले जाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए बने सरकारी आवासों पर AAP के लोगों ने कब्ज़ा कर लिया है और GMADA के कामकाज में भी अनुचित हस्तक्षेप किया जा रहा है।

जयवीर शेरगिल का बयान और 2027 का संदेश

भाजपा नेता जयवीर शेरगिल ने गृह मंत्री शाह के दौरे को भाजपा की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, '2027 में भाजपा की सरकार आएगी तो पंजाब में नशा हारेगा और पंजाब से केजरीवाल भी दौड़ेगा।' शेरगिल ने AAP को 'ऐशो-आराम पार्टी' करार देते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों को खुद दबा रही है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब सरकार पुलिसकर्मियों को सलाह दे रही है कि वे घर जाते समय वर्दी न पहनें, ताकि गैंगस्टरों से बच सकें — एक ऐसा दावा जो, यदि सत्य है, तो राज्य की कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर करता है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज़ हो रही हैं और सभी दल जनता के बीच अपनी पकड़ मज़बूत करने में जुटे हैं।

राजनीतिक परिप्रेक्ष्य

गौरतलब है कि पंजाब में नशे की समस्या दशकों पुरानी है और हर चुनाव में यह मुद्दा केंद्र में रहता है। भाजपा की यह यात्रा और शाह का दौरा स्पष्ट रूप से 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर की गई रणनीतिक तैयारी का हिस्सा प्रतीत होती है। AAP सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पार्टी ने अपने संभावित समाधान का कोई ठोस खाका अभी तक सार्वजनिक नहीं किया है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह अभियान जमीनी बदलाव की माँग बन पाता है या महज चुनावी शोर बनकर रह जाता है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह का जालंधर दौरा किस उद्देश्य से हुआ?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 सितंबर को भाजपा के 'नशा-मुक्त पंजाब' अभियान के तहत जालंधर पहुँचे। यह दौरा 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की राज्य में पकड़ मज़बूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
भाजपा की 'नशा-मुक्त पंजाब' यात्रा क्या है?
यह भाजपा द्वारा पंजाब में नशे के खिलाफ चलाया गया जनसंपर्क अभियान है, जिसमें 4,000 किलोमीटर से अधिक का सफर तय किया गया और 117 विधानसभा क्षेत्रों में गाँव-गाँव जाकर लोगों से संवाद किया गया। पार्टी नेताओं के अनुसार, इस यात्रा में जगह-जगह 5,000 से 10,000 तक की भीड़ उमड़ी।
भाजपा ने AAP सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि AAP सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में पंजाब ड्रग्स तस्करों के लिए खुला मैदान बन गया है। इसके अलावा सरकारी आवासों पर कब्ज़े, GMADA में हस्तक्षेप और नशे के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों को दबाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
पंजाब में नशे की समस्या 2027 चुनाव को कैसे प्रभावित कर सकती है?
नशे का मुद्दा पंजाब में हर विधानसभा चुनाव में केंद्रीय भूमिका निभाता है। भाजपा इसे AAP के खिलाफ प्रमुख चुनावी हथियार बना रही है, जबकि AAP ने 2022 में इसी मुद्दे पर बड़ा जनादेश हासिल किया था। 2027 में यह मुद्दा मतदाताओं के निर्णय को प्रभावित करने वाला प्रमुख कारक रह सकता है।
केवल सिंह ढिल्लों कौन हैं?
केवल सिंह ढिल्लों भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष हैं। उन्होंने 30 सितंबर को अमित शाह के जालंधर दौरे से पहले AAP सरकार पर नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था को लेकर तीखे आरोप लगाए।
राष्ट्र प्रेस
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