अमित शाह का AAP पर प्रहार: 'आप-दा सरकार ने पंजाब को ड्रग्स के दलदल में धकेला', 2029 तक नशा मुक्त करने का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 30 सितंबर 2026 को जालंधर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के समापन समारोह में आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार पर कड़ा प्रहार किया। शाह ने आरोप लगाया कि नशा मुक्त पंजाब का नारा देकर सत्ता में आई सरकार ने प्रदेश को ड्रग्स के दलदल में धकेल दिया है। उन्होंने घोषणा की कि भाजपा 31 दिसंबर 2029 से पहले पंजाब से नशे के कारोबार को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए संकल्पित है।
यात्रा का विस्तार और उद्देश्य
गृह मंत्री ने बताया कि यह यात्रा पठानकोट से शुरू होकर 13 दिनों में लगभग 4 हजार किलोमीटर की दूरी तय करते हुए पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुँची। इस दौरान गांव-गांव जाकर नशे के विरुद्ध जनजागरूकता अभियान चलाया गया और युवाओं को नशे की लत से बचाने का संदेश दिया गया।
शाह ने कहा कि जालंधर के समापन समारोह में प्रदेशभर से उमड़ा लोगों का उत्साह यह दर्शाता है कि पंजाब की जनता मौजूदा सरकार को सत्ता से हटाने का मन बना चुकी है।
AAP सरकार पर आरोप
अमित शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'नशा मुक्त पंजाब का नारा देकर सत्ता में आई 'आप-दा' सरकार ने पंजाब को ड्रग्स के दलदल में धकेल दिया है।' उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में पंजाब में 'चिट्टा' यानी सिंथेटिक ड्रग्स का अवैध कारोबार बेरोकटोक जारी है। गौरतलब है कि पंजाब में ड्रग्स की समस्या दशकों पुरानी है और यह मुद्दा हर विधानसभा चुनाव में केंद्र में रहा है।
केंद्र बनाम पूर्व सरकार: ड्रग्स बरामदगी के आँकड़े
शाह ने ड्रग्स बरामदगी के आँकड़े पेश करते हुए दावा किया कि 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के दौरान देशभर में 26 लाख किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए गए, जबकि 2014 से 2024 के बीच मोदी सरकार के कार्यकाल में इससे कहीं अधिक मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी हुई। उन्होंने जब्त नशीले पदार्थों की कीमत की तुलना करते हुए भी केंद्र सरकार की कार्रवाई को अधिक प्रभावी बताया।
यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है और नशे के मुद्दे को अपना प्रमुख चुनावी हथियार बनाने की रणनीति अपना रही है।
पंजाब की पहचान और सामूहिक लड़ाई का आह्वान
गृह मंत्री ने पंजाब के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि राज्य हमेशा देश की खाद्य सुरक्षा और सीमा सुरक्षा में अग्रणी रहा है। उन्होंने पंजाब की माताओं और युवाओं से भाजपा का समर्थन करने की अपील की और कहा कि नशे के विरुद्ध सामूहिक लड़ाई ही इस समस्या का स्थायी समाधान है।
शाह ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार पंजाब में ड्रग्स की सप्लाई चेन तोड़ने और सीमा पार से होने वाली तस्करी रोकने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के प्रयासों को और मजबूत करेगी। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की यह यात्रा और शाह का यह हमला पंजाब की राजनीति में नए समीकरणों की नींव रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।