30 सितंबर 2026
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अमित शाह का जालंधर दौरा: भाजपा नेता राकेश राठौर के घर भोजन, AAP-कांग्रेस पर तीखा हमला

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अमित शाह का जालंधर दौरा: भाजपा नेता राकेश राठौर के घर भोजन, AAP-कांग्रेस पर तीखा हमला

सारांश

अमित शाह का जालंधर दौरा महज़ एक राजनीतिक भोज नहीं था — यह 2027 पंजाब चुनाव की तैयारी का स्पष्ट संकेत था। नशे की आड़ में AAP और कांग्रेस को घेरते हुए उन्होंने 31 दिसंबर 2029 की समयसीमा दे दी। भाजपा की पंजाब रणनीति अब 'नशा मुक्ति' को केंद्र में रखकर आकार ले रही है।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 30 सितंबर को जालंधर में पंजाब भाजपा उपाध्यक्ष राकेश राठौर के आवास पर भोजन किया।
शाह ने श्री देवी तालाब मंदिर में पूजा की और परागपुर में 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के समापन समारोह को संबोधित किया।
उन्होंने बताया कि PIT-NDPS कानून के तहत देशभर में 5,000 से अधिक नशा तस्कर जेल भेजे गए।
मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब में इस वर्ष एक भी कार्रवाई नहीं हुई।
शाह ने ऐलान किया कि 31 दिसंबर 2029 के बाद पंजाब में चिट्टा पहुँचाने वाला कोई नहीं बचेगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार, 30 सितंबर को जालंधर पहुँचे, जहाँ उन्होंने पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष राकेश राठौर के आवास पर परिवार सहित भोजन किया। इसके बाद उन्होंने परागपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के समापन समारोह को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस पर तीखे प्रहार किए।

राठौर आवास पर आत्मीय भोज

राकेश राठौर और उनके परिवार ने गृह मंत्री का उष्ण स्वागत किया। भोजन के दौरान खींची गई तस्वीरों में शाह के साथ सरदार केवल सिंह ढिल्लों सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद नज़र आए। इससे पहले शाह ने श्री देवी तालाब मंदिर में माथा टेककर पूजा-अर्चना की।

नशा मुक्त पंजाब यात्रा का समापन समारोह

परागपुर में आयोजित समापन रैली में शाह ने नशे की समस्या पर केंद्र सरकार की कार्रवाई का ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने नशा तस्करों के विरुद्ध PIT-NDPS कानून बनाया, जिसके तहत देशभर में 5,000 से अधिक तस्करों को जेल भेजा जा चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस पंजाब में सबसे अधिक नशा बिकता है, वहाँ इस वर्ष एक भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई — और मुख्यमंत्री भगवंत मान को इसका जवाब देना चाहिए।

AAP और कांग्रेस पर सीधा हमला

शाह ने कहा, 'जो दिल्ली में शराब घोटाले में पकड़े गए हों, वे पंजाब को नशा मुक्त नहीं कर सकते।' उन्होंने पंजाब की जनता से अपील करते हुए कहा कि राज्य कांग्रेस और 'आप' दोनों को आज़मा चुका है, अब एक बार पाँच वर्ष के लिए भाजपा को अवसर दिया जाए। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे से प्रभावित परिवारों के मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज़ हो रही है।

माताओं की पीड़ा और भाजपा का संकल्प

गृह मंत्री ने भावुक स्वर में कहा कि वे उन माताओं से मिले हैं जिन्होंने नशे में अपने बच्चे खो दिए। 'वे कहती हैं कि हमारे बच्चे तो नहीं बचे, लेकिन बाकी बच्चों को बचा लीजिए।' उन्होंने जोड़ा कि जो पंजाब पूरे देश के लिए धान-गेहूँ उगाता है और देश की सुरक्षा करता है, आज वहाँ माताएँ सड़कों पर उतरकर अपने बच्चों की जान बचाने की गुहार लगा रही हैं।

31 दिसंबर 2029 की समयसीमा का ऐलान

शाह ने स्पष्ट घोषणा की कि 31 दिसंबर 2029 के बाद पंजाब के बच्चों तक चिट्टा पहुँचाने वाला कोई नहीं बचेगा — नशा तस्करों को चुन-चुनकर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने भाजपा की पूर्व उपलब्धियों का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी ने कश्मीर से धारा 370 समाप्त की, 50 साल पुरानी नक्सल समस्या को समय-सीमा देकर खत्म किया और नॉर्थ-ईस्ट के उग्रवाद पर निर्णायक प्रहार किया। गौरतलब है कि 2027 में पंजाब विधानसभा चुनाव होने हैं और भाजपा राज्य में अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भाजपा नेता के घर पारिवारिक भोज और नशे के मुद्दे पर भावनात्मक रैली, यह तीनों मिलकर 2027 विधानसभा चुनाव की भाजपा की जमीनी तैयारी की झलक देते हैं। '31 दिसंबर 2029' की समयसीमा एक बड़ा राजनीतिक दाँव है — लेकिन सवाल यह है कि केंद्र के पास PIT-NDPS जैसा कानून होने के बावजूद पंजाब में नशे की समस्या क्यों नहीं थमी, इसका जवाब भाजपा के पास भी नहीं है। आलोचकों का कहना है कि नशे को चुनावी हथियार बनाना तब तक अधूरा है जब तक राज्य और केंद्र की एजेंसियों के बीच समन्वय की ठोस रूपरेखा सामने न आए।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह जालंधर किस उद्देश्य से आए थे?
गृह मंत्री अमित शाह 30 सितंबर को जालंधर में भाजपा की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के समापन समारोह में शामिल होने आए थे। इसके अलावा उन्होंने श्री देवी तालाब मंदिर में पूजा की और भाजपा नेता राकेश राठौर के घर भोजन किया।
PIT-NDPS कानून क्या है और शाह ने इसका ज़िक्र क्यों किया?
PIT-NDPS (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) एक केंद्रीय कानून है जो नशा तस्करों को निवारक हिरासत में रखने की अनुमति देता है। शाह ने बताया कि इस कानून के तहत देशभर में 5,000 से अधिक तस्कर जेल भेजे गए, लेकिन पंजाब में इस वर्ष एक भी कार्रवाई नहीं हुई।
शाह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर क्या आरोप लगाए?
शाह ने कहा कि जहाँ सबसे अधिक नशा बिकता है उस पंजाब में इस वर्ष एक भी कार्रवाई न होने पर मुख्यमंत्री भगवंत मान को जवाब देना चाहिए। उन्होंने दिल्ली शराब घोटाले का हवाला देते हुए कहा कि AAP नेता पंजाब को नशा मुक्त नहीं कर सकते।
भाजपा ने पंजाब को नशा मुक्त करने के लिए क्या समयसीमा दी है?
अमित शाह ने ऐलान किया कि 31 दिसंबर 2029 के बाद पंजाब के बच्चों तक चिट्टा पहुँचाने वाला कोई नहीं बचेगा और नशा तस्करों को चुन-चुनकर जेल भेजा जाएगा। यह घोषणा 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
परागपुर रैली में और कौन से मुद्दे उठाए गए?
शाह ने धारा 370 हटाने, नक्सल समस्या के समाधान और नॉर्थ-ईस्ट में उग्रवाद पर कार्रवाई का उल्लेख करते हुए भाजपा की 'कहा तो किया' वाली छवि पेश की। उन्होंने पंजाब की जनता से आग्रह किया कि एक बार पाँच वर्ष के लिए भाजपा को अवसर दें।
राष्ट्र प्रेस
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