अमित शाह का जालंधर दौरा: 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के समापन पर 2 लाख समर्थक जुटने की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार, 30 सितंबर 2026 को जालंधर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के समापन समारोह को संबोधित करेंगे। परागपुर रोड क्षेत्र में आयोजित इस विशाल रैली में दोपहर लगभग 2 बजे शाह के पहुँचने की संभावना है। जालंधर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
रैली स्थल की तैयारियाँ
BJP ने परागपुर रोड पर 50-55 एकड़ भूमि पर इस कार्यक्रम की व्यवस्था की है। इसमें से लगभग 40 एकड़ मुख्य सभा स्थल के रूप में आरक्षित है, जबकि शेष भूभाग पार्किंग के लिए निर्धारित किया गया है। पार्टी नेताओं के अनुसार, पंजाब के विभिन्न हिस्सों से लगभग 2,000 बसें कार्यकर्ताओं और समर्थकों को लेकर जालंधर पहुँचने की उम्मीद है।
BJP नेताओं ने दावा किया है कि रैली में करीब 2 लाख लोगों के शामिल होने की संभावना है। रैली स्थल पर विशाल पंडाल तैयार कर लिया गया है और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' का सफर
यह राज्यव्यापी अभियान 18 सितंबर 2026 को शुरू हुआ था, जब BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पठानकोट से चार समानांतर यात्राओं को हरी झंडी दिखाई थी। चारों यात्राओं ने मिलकर पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया और राज्यभर में लगभग 4,000 किलोमीटर की दूरी तय की। बुधवार को ये चारों यात्राएँ जालंधर में एक साथ समाप्त होंगी।
गौरतलब है कि यह अभियान नशाखोरी की गंभीर समस्या के विरुद्ध जनजागरण के लिए चलाया गया था। BJP ने इसे पंजाब के जन-जन तक पहुँचाने के लिए व्यापक संगठनात्मक ढाँचे का उपयोग किया।
BJP का राजनीतिक संदेश
शाह का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब BJP ने पंजाब में अपनी राजनीतिक सक्रियता काफी बढ़ा दी है। पार्टी ने मादक पदार्थों की समस्या को अपने प्रमुख चुनावी मुद्दों में शामिल किया है और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर नशे की समस्या से निपटने में विफलता का आरोप लगा रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों की गतिविधियाँ तेज हो रही हैं और पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से एक संवेदनशील सामाजिक मुद्दा बनी हुई है।
आगे क्या
समापन रैली में अमित शाह पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि वे AAP सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए BJP का आगामी एजेंडा भी सामने रखेंगे। इस रैली के बाद पंजाब में BJP की राजनीतिक गतिविधियों की दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।