19 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

AAP नेता की नशीली दवाओं में गिरफ्तारी पर BJP का हमला, भगवंत मान सरकार पर उठे सवाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
AAP नेता की नशीली दवाओं में गिरफ्तारी पर BJP का हमला, भगवंत मान सरकार पर उठे सवाल

सारांश

जालंधर में AAP के युवा नेता की 1 लाख नशीली दवाओं की तस्करी में गिरफ्तारी ने पंजाब की सियासत में भूचाल ला दिया है। BJP सांसद तरुण चुघ ने भगवंत मान सरकार के नशा विरोधी दावों को 'खोखला' करार दिया और गृह मंत्री अमित शाह के 20 अक्टूबर के पंजाब दौरे को निर्णायक बताया।

मुख्य बातें

AAP के युवा नेता अमन आनंद जालंधरिया को जालंधर में 1 लाख नशीली दवाओं की अवैध बिक्री के मामले में गिरफ्तार किया गया।
BJP सांसद तरुण चुघ ने 19 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर नशा विरोधी अभियान को 'दिखावा' बताते हुए हमला बोला।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का 20 अक्टूबर को पंजाब दौरा निर्धारित, जिसे BJP ने 'निर्णायक' बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है।
BJP ने माँग की कि नशा तस्करी नेटवर्क के स्रोत से लेकर सप्लायर तक हर व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई हो, चाहे उसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हो।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं सांसद तरुण चुघ ने 19 अक्टूबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जालंधर में 1 लाख नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री के मामले में AAP के युवा नेता अमन आनंद जालंधरिया की गिरफ्तारी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के नशा विरोधी दावों की पोल खोल दी है। चंडीगढ़ से की गई इस टिप्पणी ने पंजाब की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

तरुण चुघ ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री भगवंत मान पूरे पंजाब में नशे के खिलाफ 'युद्ध' के दावे करते हैं, दूसरी तरफ उनकी अपनी पार्टी के नेता नशीली दवाओं की तस्करी के मामले में गिरफ्तार हो रहे हैं। BJP सांसद ने सवाल उठाया कि जब नशे की सप्लाई चेन तोड़ने की जिम्मेदारी सरकार की है, तो यह नेटवर्क आखिर किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से एक राष्ट्रीय चिंता का विषय बनी हुई है।

आम जनता पर असर

तरुण चुघ के अनुसार, पंजाब में नशा 'गली-गली पिज्जा और टॉफी की तरह उपलब्ध' होने की स्थिति तक पहुँच गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को 'गोलियों और घातक हथियारों से निशाना बनाए जाने की घटनाएँ' चिंता बढ़ा रही हैं। BJP सांसद ने माँग की कि नशे के खिलाफ लड़ते हुए जान गँवाने वालों के परिवारों को न्याय मिले और तस्करी में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो।

अमित शाह के पंजाब दौरे की अहमियत

तरुण चुघ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 20 अक्टूबर के पंजाब दौरे को 'अत्यंत महत्वपूर्ण' बताया। उन्होंने कहा कि सीमा पार से होने वाली तस्करी पर प्रभावी रोक, नशे की सप्लाई चेन को ध्वस्त करना और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई 'समय की माँग' है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

भगवंत मान सरकार को BJP की सलाह

तरुण चुघ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को गुजरात, हरियाणा और राजस्थान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ नशे की खेप पकड़ने और तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'केवल अभियान चलाने और विज्ञापन देने से पंजाब का भविष्य सुरक्षित नहीं होगा।' BJP की माँग है कि नशे के स्रोत, सप्लायर, वितरक और उन्हें राजनीतिक संरक्षण देने वाले हर व्यक्ति की पहचान कर पूरे नेटवर्क को तोड़ा जाए।

क्या होगा आगे

अमित शाह का 20 अक्टूबर का पंजाब दौरा इस मुद्दे पर केंद्र-राज्य संबंधों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। पंजाब सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, AAP नेता की गिरफ्तारी आगामी चुनावी माहौल में सत्तारूढ़ दल के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह एक अपवाद है या किसी गहरी संरचनात्मक समस्या का संकेत। BJP का हमला स्वाभाविक रूप से राजनीति-प्रेरित है, फिर भी यह तथ्य कि एक सत्तारूढ़ दल का नेता इतने बड़े मामले में पकड़ा गया, सरकार की आंतरिक निगरानी तंत्र पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। पंजाब में नशे की समस्या हर दल के कार्यकाल में रही है — अकाली, कांग्रेस और अब AAP — जो दर्शाता है कि यह किसी एक पार्टी की विफलता नहीं, बल्कि एक संस्थागत संकट है। अमित शाह के दौरे से अल्पकालिक दबाव बन सकता है, लेकिन बिना राज्य-केंद्र के समन्वित दीर्घकालिक तंत्र के, ये दौरे भी पिछली घोषणाओं की तरह सुर्खियों तक सिमटकर रह सकते हैं।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

AAP नेता अमन आनंद जालंधरिया को किस मामले में गिरफ्तार किया गया?
अमन आनंद जालंधरिया को जालंधर में 1 लाख नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री के मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी AAP की पंजाब सरकार के नशा विरोधी अभियान के दावों पर सवाल खड़े करती है।
BJP सांसद तरुण चुघ ने भगवंत मान सरकार पर क्या आरोप लगाए?
BJP सांसद तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की नशा विरोधी लड़ाई महज दिखावा है और उनकी ही पार्टी के नेता नशीली दवाओं की तस्करी में संलिप्त हैं। उन्होंने पूछा कि नशे का नेटवर्क किसके राजनीतिक संरक्षण में चल रहा है।
अमित शाह का पंजाब दौरा कब है और इसका क्या महत्व है?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पंजाब दौरा 20 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। BJP ने इसे नशे, सीमा पार तस्करी और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की दिशा में एक अहम कदम बताया है।
केंद्र सरकार का नशामुक्त भारत का लक्ष्य क्या है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। BJP का कहना है कि पंजाब में AAP सरकार की निष्क्रियता इस राष्ट्रीय लक्ष्य को कमजोर कर रही है।
पंजाब में नशे की समस्या से निपटने के लिए BJP ने क्या सुझाव दिए?
BJP ने सुझाव दिया कि पंजाब सरकार को गुजरात, हरियाणा और राजस्थान की तर्ज पर नशे के स्रोत, सप्लायर और वितरक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना चाहिए। केवल विज्ञापन और अभियान से नहीं, बल्कि राजनीतिक संरक्षण मुक्त ठोस कार्रवाई से ही युवाओं को इस दलदल से बाहर निकाला जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 4 सप्ताह पहले
  5. 4 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले