AAP नेता की नशीली दवाओं में गिरफ्तारी पर BJP का हमला, भगवंत मान सरकार पर उठे सवाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं सांसद तरुण चुघ ने 19 अक्टूबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जालंधर में 1 लाख नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री के मामले में AAP के युवा नेता अमन आनंद जालंधरिया की गिरफ्तारी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के नशा विरोधी दावों की पोल खोल दी है। चंडीगढ़ से की गई इस टिप्पणी ने पंजाब की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
तरुण चुघ ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री भगवंत मान पूरे पंजाब में नशे के खिलाफ 'युद्ध' के दावे करते हैं, दूसरी तरफ उनकी अपनी पार्टी के नेता नशीली दवाओं की तस्करी के मामले में गिरफ्तार हो रहे हैं। BJP सांसद ने सवाल उठाया कि जब नशे की सप्लाई चेन तोड़ने की जिम्मेदारी सरकार की है, तो यह नेटवर्क आखिर किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से एक राष्ट्रीय चिंता का विषय बनी हुई है।
आम जनता पर असर
तरुण चुघ के अनुसार, पंजाब में नशा 'गली-गली पिज्जा और टॉफी की तरह उपलब्ध' होने की स्थिति तक पहुँच गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को 'गोलियों और घातक हथियारों से निशाना बनाए जाने की घटनाएँ' चिंता बढ़ा रही हैं। BJP सांसद ने माँग की कि नशे के खिलाफ लड़ते हुए जान गँवाने वालों के परिवारों को न्याय मिले और तस्करी में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो।
अमित शाह के पंजाब दौरे की अहमियत
तरुण चुघ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 20 अक्टूबर के पंजाब दौरे को 'अत्यंत महत्वपूर्ण' बताया। उन्होंने कहा कि सीमा पार से होने वाली तस्करी पर प्रभावी रोक, नशे की सप्लाई चेन को ध्वस्त करना और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई 'समय की माँग' है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
भगवंत मान सरकार को BJP की सलाह
तरुण चुघ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को गुजरात, हरियाणा और राजस्थान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ नशे की खेप पकड़ने और तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'केवल अभियान चलाने और विज्ञापन देने से पंजाब का भविष्य सुरक्षित नहीं होगा।' BJP की माँग है कि नशे के स्रोत, सप्लायर, वितरक और उन्हें राजनीतिक संरक्षण देने वाले हर व्यक्ति की पहचान कर पूरे नेटवर्क को तोड़ा जाए।
क्या होगा आगे
अमित शाह का 20 अक्टूबर का पंजाब दौरा इस मुद्दे पर केंद्र-राज्य संबंधों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। पंजाब सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, AAP नेता की गिरफ्तारी आगामी चुनावी माहौल में सत्तारूढ़ दल के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है।