पंजाब में कानून-व्यवस्था ध्वस्त, 'आप' सरकार की विफलता छुपा रहे भगवंत मान: कांग्रेस नेता विजय इंदर सिंगला
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता विजय इंदर सिंगला ने 4 नवंबर 2026 को संगरूर में आयोजित कांग्रेस की 'इंसाफ रैली' के अवसर पर पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान अपनी पार्टी की नाकामियों को छिपाने के लिए विपक्ष पर हमलावर हो रहे हैं।
नशे और अपराध पर सिंगला के गंभीर आरोप
सिंगला ने कहा, 'आज लोगों के घरों के दरवाजे तक नशा बिक रहा है और यह आसानी से मिल जाता है। सीमा पार से हथियार और ड्रग्स आ रहे हैं।' उन्होंने यह भी तर्क दिया कि सीमा क्षेत्र पर बीएसएफ (BSF) का नियंत्रण है, और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 15 किमी से बढ़ाकर 50 किमी कर दिया है। उनके अनुसार, पंजाब में हत्याओं की घटनाएँ बढ़ रही हैं और गवाह देने वालों के परिवारों को धमकियाँ दी जा रही हैं।
बेरोज़गारी और टूटे वादों पर हमला
सिंगला ने AAP के उस वादे की याद दिलाई जिसमें हर घर को एक सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने कहा, 'पंजाब में बेरोज़गारी बहुत बड़ा मुद्दा है। आम आदमी पार्टी ने वादा किया था कि हर घर में एक सरकारी नौकरी देंगे, लेकिन वह पूरा नहीं किया।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि पंजाब में बिगड़ी कानून-व्यवस्था के कारण कोई भी व्यापारी राज्य में निवेश नहीं करना चाहता।
AAP विधायकों के इस्तीफे पर सिंगला की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संगरूर रैली को लेकर कहा था कि चाहे राहुल गांधी आ जाएं या सोनिया गांधी, उससे कुछ नहीं होगा, और कांग्रेस को पहले अपनी आंतरिक गुटबाज़ी दूर करनी चाहिए। इस पर सिंगला ने पलटवार करते हुए कहा, 'मुख्यमंत्री अपनी पार्टी की नाकामी को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। तीन दिनों में आप के 3 विधायकों ने इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया है।' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले 7 राज्यसभा सांसद AAP छोड़कर BJP में शामिल हो चुके हैं।
राहुल गांधी की मोदी को बहस की चुनौती पर विवाद
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस पर कहा कि बहस की जगह संसद है और वहाँ बहस क्यों नहीं होती। इस पर सिंगला ने कहा, 'प्रधानमंत्री ने आज तक मीडिया से बातचीत नहीं की। वह सिर्फ मन की बात करते हैं। कई मुद्दों पर संसद में सत्ताधारी पार्टी बहस नहीं होने देती।' उन्होंने तर्क दिया कि संसद के बाहर बहस होने पर देश की जनता को सरकार की योजनाओं की हकीकत पता चलेगी।
2027 चुनाव की ओर नज़र
सिंगला ने 'इंसाफ रैली' को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की शुरुआत बताया। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में पंजाब की जनता कांग्रेस की मजबूत सरकार बनाएगी और कांग्रेस के शासनकाल में ड्रग माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई की गई थी। यह रैली AAP के खिलाफ कांग्रेस की पुनर्वापसी की कोशिश का हिस्सा मानी जा रही है।