राहुल गांधी भ्रम फैलाते हैं, संसद में बहस की हिम्मत नहीं: तरुण चुघ का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने 4 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। चुघ ने कहा कि राहुल गांधी केवल बयानबाज़ी जानते हैं और संसद में किसी भी मुद्दे पर खुलकर बहस करने की उनमें क्षमता नहीं है।
बयानबाज़ी बनाम संसदीय बहस
चुघ ने राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की दी गई चुनौती पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी 'संसद के भगोड़े' हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब गृह मंत्री अमित शाह SIR और EVM जैसे मुद्दों पर सदन में खुली बहस की चुनौती देते हैं, तो राहुल गांधी जवाब देने की बजाय विदेश चले जाते हैं।
चुघ ने कहा, 'राहुल गांधी सिर्फ देश में भ्रम पैदा कर सकते हैं और देश को बदनाम करने की कोशिश कर सकते हैं — असल में उनके भीतर बयानवीर से ज़्यादा कोई वीरता नहीं है।' उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी न्यायालय, चुनाव आयोग और देश की संस्थाओं को चुनौती देते रहते हैं, जो उनकी आदत बन चुकी है।
पंजाब 'इंसाफ रैली' और 1984 सिख नरसंहार
पंजाब में कांग्रेस की 'इंसाफ रैली' के संदर्भ में चुघ ने कहा कि राहुल गांधी पंजाब में वोट माँगने जा रहे हैं, लेकिन उन्हें पहले 1984 सिख नरसंहार के पीड़ित परिवारों को न्याय न मिलने पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने 30 वर्षों तक पीड़ितों को न्याय से वंचित रखा।
चुघ ने दावा किया कि 52 शहरों को गांधी-नेहरू परिवार के इशारे पर कांग्रेस ने तबाह किया था और वोटर लिस्ट देख-देखकर सिखों को उनके घरों से निकालकर जिंदा जलाया गया था तथा गुरुद्वारे जलाए गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता सिख पीड़ितों के पोस्टर फाड़ देते हैं।
उमर अब्दुल्ला सरकार पर निशाना
नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी के इस्तीफे पर चुघ ने कहा कि उमर अब्दुल्ला की सरकार को अब उनकी ही पार्टी के सांसद और विधायक 'नौसिखिया' का प्रमाण-पत्र दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर सरकार रोज़गार देने में विफल रही है और चुनावी घोषणापत्र का एक भी वादा पूरा नहीं हुआ।
चुघ ने कहा, 'पूरा जम्मू-कश्मीर उनसे दुखी है, अब तो उनकी पार्टी के नेता बगावत कर रहे हैं — यह सरकार हर मोर्चे पर नाकाम साबित हुई है।'
राजनीतिक संदर्भ
यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच संसदीय बहस और सार्वजनिक मंचों पर आमने-सामने की चुनौतियाँ तेज़ हो रही हैं। गौरतलब है कि राहुल गांधी की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। BJP और कांग्रेस के बीच यह वाक्-युद्ध आगामी चुनावी मौसम में और तीखा होने के संकेत दे रहा है।