शायना एनसी और राम कदम का विपक्ष पर हमला: 'भ्रम बनाम सुशासन' की लड़ाई
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना नेता शायना एनसी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राम कदम ने 4 नवंबर 2026 को मुंबई में विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। शायना एनसी ने दीपावली के दौरान मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण पर चिंता जताते हुए नागरिकों से जिम्मेदारी के साथ त्योहार मनाने की अपील की और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया। राम कदम ने कांग्रेस के नेताओं के आचरण पर सवाल उठाए और पार्टी को आत्मनिरीक्षण की सलाह दी।
दीपावली और वायु प्रदूषण पर शायना एनसी की चेतावनी
शायना एनसी ने कहा कि दीपावली के दौरान मुंबई का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 से 350 तक पहुँच जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने बताया कि शहर में प्रदूषण का लगभग 51 प्रतिशत हिस्सा निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल के कारण होता है।
उन्होंने कहा कि लोग दीपावली पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाएँ, लेकिन अदालत के आदेशों का सम्मान करें और अपनी जिम्मेदारी समझें। शायना एनसी ने यह भी कहा कि वोट बैंक की राजनीति के लिए त्योहारों का राजनीतिकरण उचित नहीं है और सनातन परंपराओं के साथ-साथ मुंबई की वायु गुणवत्ता का भी ध्यान रखना आवश्यक है।
राहुल गांधी और विपक्ष पर तीखा प्रहार
शायना एनसी ने कहा कि जब विपक्ष चुनाव हारता है तो ईवीएम को दोष देता है, और जब विमर्श की लड़ाई हारता है तो विदेशियों को जिम्मेदार ठहराने लगता है। उन्होंने मतदाता सूची से तीन करोड़ घुसपैठियों के नाम हटाए जाने का उल्लेख करते हुए विपक्ष से सवाल किया कि क्या वह घुसपैठियों को बचाना चाहता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई राहुल गांधी बनाम नरेंद्र मोदी की नहीं, बल्कि 'भ्रम और सुशासन' के बीच की है। उन्होंने कहा कि भारत की जनता ने 2014, 2019 और 2024 में तीन बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुना है और जनता का फैसला नहीं बदल सकता। उनके अनुसार, यदि राहुल गांधी वास्तव में बहस करना चाहते हैं, तो उन्हें 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी करनी चाहिए।
राम कदम का कांग्रेस पर प्रहार
भाजपा विधायक राम कदम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के नेता 'संविधान बचाओ, देश बचाओ' के नारे लगाते हैं, लेकिन कथित तौर पर रामलीला मैदान जाते समय ही पार्टी की एक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि दूसरी महिला प्रतिनिधि को थप्पड़ मार देती है।
राम कदम ने कहा कि देश और संविधान बचाने की बात करने से पहले कांग्रेस को अपनी पार्टी को बचाने पर ध्यान देना चाहिए और नेताओं के आचरण एवं चरित्र की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने इसे कांग्रेस की 'असली पहचान' बताया।
संविधान और धार्मिक भावनाओं पर राम कदम का रुख
राम कदम ने कहा कि संविधान हर धर्म और व्यक्ति की आस्था एवं विश्वास का सम्मान करता है और किसी को भी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग एक तरफ संविधान की रक्षा की बात करते हैं और दूसरी तरफ उसके मूल्यों का उल्लंघन करते हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज है और सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) के साथ वैचारिक मतभेदों को लेकर आमने-सामने है। राम कदम ने चेतावनी दी कि इस तरह की गतिविधियाँ देश में अशांति पैदा कर सकती हैं और सभी को धार्मिक आस्थाओं तथा संवैधानिक मूल्यों का सम्मान करना चाहिए।