2 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

महाराष्ट्र कांग्रेस का BJP पर हमला: 'लोकतंत्र बचाओ' रैलियाँ 'खुद चोर कोतवाल को डांटे' जैसी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
महाराष्ट्र कांग्रेस का BJP पर हमला: 'लोकतंत्र बचाओ' रैलियाँ 'खुद चोर कोतवाल को डांटे' जैसी

सारांश

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने BJP की 'लोकतंत्र बचाओ' रैलियों को सीधे 'खुद चोर कोतवाल को डांटे' कहकर खारिज किया। RSS पर संविधान न मानने और 13 करोड़ मतदाताओं को वंचित करने के आरोप के साथ महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर तीखे संघर्ष में है।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने 2 नवंबर 2026 को BJP की 'लोकतंत्र बचाओ' रैलियों को 'खुद चोर कोतवाल को डांटे' करार दिया।
सपकाल ने आरोप लगाया कि RSS ने कभी डॉ.
बाबासाहेब अंबेडकर निर्मित संविधान को स्वीकार नहीं किया।
कांग्रेस ने दावा किया कि मोदी और फडणवीस सरकारें 2024 के चुनावों में कथित वोट चोरी से सत्ता में आईं।
सपकाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार 13 करोड़ नागरिकों को मताधिकार से वंचित कर रही है।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री फडणवीस को घुसपैठियों के ठोस आँकड़े सार्वजनिक करने की चुनौती दी।

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को मुंबई में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'लोकतंत्र और संविधान बचाओ' अभियान को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि यह 'खुद चोर कोतवाल को डांटे' जैसी स्थिति है। सपकाल ने आरोप लगाया कि BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ही लोकतंत्र एवं संविधान के वास्तविक विरोधी हैं।

रैलियों की पृष्ठभूमि

सपकाल के अनुसार, दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन द्वारा आयोजित 'वोट बचाओ, देश बचाओ' मेगा रैली से BJP को करारा झटका लगा, और उसी के प्रतिक्रियास्वरूप BJP अब देशभर में 'लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ' रैलियाँ आयोजित कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कांग्रेस पर लोकतंत्र को कमज़ोर करने का आरोप 'हास्यास्पद' है।

संविधान और RSS पर कांग्रेस के आरोप

सपकाल ने आरोप लगाया कि BJP की मातृ संस्था RSS ने कभी डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के नेतृत्व में तैयार किए गए संविधान को स्वीकार नहीं किया, और BJP नेता खुलेआम इसे बदलने की बात करते रहे हैं। उन्होंने कहा, 'BJP संविधान का नाम तो लेती है, लेकिन उसके हृदय में मनुस्मृति बसी है।' गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक तापमान तेज़ी से बढ़ रहा है।

चुनावी भ्रष्टाचार के आरोप

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकारें 2024 के चुनावों में कथित वोट चोरी के ज़रिये सत्ता में आईं। उन्होंने कहा कि इस कथित चुनावी भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो चुका है, और सत्ताधारी नेता चुनाव हारने के बाद संभावित कार्रवाई की आशंका से चिंतित हैं। ये आरोप सपकाल की ओर से लगाए गए हैं; BJP की ओर से इन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं है।

मतदाता सूची और ज्ञानेश कुमार विवाद

सपकाल ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार, ज्ञानेश कुमार की सहायता से, 13 करोड़ नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित कर रही है। उन्होंने कहा कि यह संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकार का हनन है। उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस को चुनौती देते हुए कहा कि यदि घुसपैठियों का मुद्दा वास्तविक है, तो सरकार को उनके ठोस आँकड़े सार्वजनिक करने चाहिए।

संवैधानिक संस्थाओं पर नियंत्रण का आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में सभी संवैधानिक संस्थाओं पर नियंत्रण स्थापित करने और लोकतंत्र को कमज़ोर करने का प्रयास किया गया। उनके अनुसार, RSS और BJP से संबद्ध व्यक्तियों को संवैधानिक संस्थाओं और विश्वविद्यालयों में नियुक्त किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि BJP 13 साल सत्ता में रहने के बावजूद अपनी उपलब्धियाँ गिनाने के बजाय जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राहुल गांधी को निशाना बनाती रहती है। महाराष्ट्र की राजनीतिक बहस आने वाले दिनों में और तेज़ होने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन रामलीला मैदान रैली के बाद आई इस प्रतिक्रिया का टाइमिंग सोचा-समझा है — यह INDIA गठबंधन की जवाबी कथा को महाराष्ट्र की ज़मीन पर उतारने की कोशिश है। असली सवाल यह है कि '13 करोड़ मतदाताओं को वंचित' और 'वोट चोरी' जैसे गंभीर आरोप साक्ष्य के साथ पेश किए जाएँगे या केवल चुनावी बयानबाज़ी बनकर रह जाएँगे। BJP ने अभी तक कोई आधिकारिक खंडन नहीं दिया, जो मुख्यधारा की कवरेज में आमतौर पर नज़रअंदाज़ हो जाता है। महाराष्ट्र की राजनीति में जब भी संविधान और RSS को एक साथ एजेंडे पर लाया जाता है, तो यह दलित और OBC मतदाताओं को लक्षित करने का संकेत भी होता है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हर्षवर्धन सपकाल ने BJP की 'लोकतंत्र बचाओ' रैलियों पर क्या कहा?
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने 2 नवंबर 2026 को कहा कि BJP की 'लोकतंत्र और संविधान बचाओ' रैलियाँ 'खुद चोर कोतवाल को डांटे' जैसी हैं। उनके अनुसार BJP और RSS ही लोकतंत्र एवं संविधान के असली विरोधी हैं।
कांग्रेस ने RSS और BJP पर संविधान को लेकर क्या आरोप लगाए?
सपकाल ने आरोप लगाया कि RSS ने कभी डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान को स्वीकार नहीं किया और BJP नेता खुलेआम इसे बदलने की बात करते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि BJP संविधान का नाम लेती है, लेकिन उसके हृदय में मनुस्मृति बसी है।
कांग्रेस ने 13 करोड़ मतदाताओं के मताधिकार छिनने का आरोप क्यों लगाया?
सपकाल ने दावा किया कि केंद्र सरकार ज्ञानेश कुमार की सहायता से 13 करोड़ नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित कर रही है, जो संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकार का हनन है। उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस से घुसपैठियों के ठोस आँकड़े सार्वजनिक करने की माँग की।
INDIA गठबंधन की रामलीला मैदान रैली का BJP की रैलियों से क्या संबंध है?
कांग्रेस के अनुसार, दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' मेगा रैली के बाद BJP घबराहट में देशभर में 'लोकतंत्र बचाओ' रैलियाँ आयोजित कर रही है। यह दावा सपकाल का है; BJP ने इस पर अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
सपकाल ने मुख्यमंत्री फडणवीस और BJP के 13 साल के शासन पर क्या कहा?
सपकाल ने कहा कि 13 साल सत्ता में रहने के बावजूद BJP अपनी उपलब्धियाँ गिनाने के बजाय नेहरू, इंदिरा गांधी और राहुल गांधी को निशाना बनाती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में सभी संवैधानिक संस्थाओं पर नियंत्रण का प्रयास किया गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले