क्या करोड़ों रुपए के ड्रग्स बरामद होने पर हर्षवर्धन सपकाल ने सरकार पर आरोप लगाया?
सारांश
Key Takeaways
- ड्रग्स बरामदगी का मामला गंभीर है।
- पुलिस की विफलता पर सवाल उठाए गए हैं।
- सरकार के दबाव का आरोप लगाया गया है।
- भाजपा की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं।
- चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर संदेह किया गया है।
मुंबई, 15 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा बरामद किए गए 115 करोड़ रुपए के ड्रग्स को पुलिस की विफलता का परिणाम बताया।
उन्होंने सोमवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि मुंबई पुलिस को इस मामले में पहले से ही कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन पुलिस का रवैया हमेशा से ही उदासीन रहा है।
सपकाल ने आरोप लगाया कि एकनाथ शिंदे और उनके पुत्र श्रीकांत शिंदे के दबाव में सरकार ने अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की है।
उन्होंने कहा कि पुलिस को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन सरकार के दबाव में पुलिस मूकदर्शक बनी रही है। मुझे यह जानकर आश्चर्य हो रहा है कि भाजपा को क्या हो गया है। यह वही भाजपा है जिसने नारा दिया था कि न मैं खाऊंगा और न ही खाने दूंगा, लेकिन वर्तमान में भाजपा अपने नारों के विपरीत काम कर रही है। हम इस स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।
कांग्रेस नेता सपकाल ने यह भी कहा कि वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी में राजनीतिक सभ्यता पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है। अब यह पार्टी राजनीति गरिमा को ताक पर रखने पर आमादा है।
उन्होंने कहा कि हम वोट चोरी के मुद्दे को लगातार उठाते रहेंगे। हम इस मुद्दे को लेकर जनता में जाएंगे और बताएंगे कि भाजपा किस तरह से राजनीतिक स्थिति को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। हम इस प्रयास को सफल नहीं होने देंगे। यह बात किसी से छुपी नहीं है कि चुनाव आयोग भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है। इसीलिए भाजपा लगातार राजनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि आज की तारीख में चुनाव आयोग पूरी तरह से मजाक बन चुका है, लेकिन हम जनता के बीच जाएंगे और चुनाव आयोग की हकीकत के बारे में बताएंगे। जनता का जो भी निर्णय होगा, हम उसे स्वीकार करेंगे।