संविधान खतरे में है, पूरा देश सड़कों पर: महाराष्ट्र कांग्रेस नेताओं का भाजपा पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने 12 अक्टूबर 2026 को केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला, यह आरोप लगाते हुए कि सरकार सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अनदेखी कर रही है, संविधान पर हमला हो रहा है और जनता की आवाज़ को बलपूर्वक दबाया जा रहा है। नसीम खान, नाना पटोले, विजय वडेट्टीवार, चरण सिंह सपरा, माणिकराव ठाकरे और बालासाहेब थोरात ने एकस्वर में कहा कि यह लड़ाई किसी एक दल की नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने की राष्ट्रीय लड़ाई है।
मुख्य घटनाक्रम
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में आदेश दिया था कि लोकतंत्र में नागरिकों को धरना-प्रदर्शन का अधिकार है और उन पर कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद, नेताओं ने आरोप लगाया कि मेट्रो सेवा बंद की गई, बैरिकेडिंग लगाई गई, 50,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती हुई और आरएएफ बुलाई गई।
नसीम खान ने कहा, 'सर्वोच्च न्यायालय को यह बात सुननी चाहिए, क्योंकि सरकार बार-बार उसका भी अपमान कर रही है। देश के लोगों की आवाज़ को कुचलने और दबाने की कोशिश हो रही है। सरकार के इशारे पर सारी एजेंसियाँ काम कर रही हैं, चाहे वह पुलिस विभाग हो, चुनाव आयोग हो या केंद्र की अन्य एजेंसियाँ, सभी सत्ता का दुरुपयोग कर रही हैं।'
सीजेआई से मुलाकात पर विवाद
नाना पटोले ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से मुलाकात के अनुरोध को अस्वीकार किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'अगर मुलाकात को रिजेक्ट किया है तो दबाव के आधार पर किया है।' पटोले ने यह भी दावा किया कि सीजेआई ने जंतर-मंतर पर आंदोलन की अनुमति दी थी, लेकिन इसके बाद भी सरकार ने सेना, आरएएफ और भारी पुलिस बल तैनात किया।
पटोले ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, लोकसभा चुनाव के बाद चार महीनों में 46 लाख मत बढ़ गए और शाम 5 बजे के बाद के मतदान का प्रतिशत समय पर घोषित नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अगले दिन दोपहर 3 बजे 10 प्रतिशत यानी करीब 76 लाख अतिरिक्त मत जोड़ दिए गए — हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नेताओं के तीखे बोल: 'गोडसेवादी' से 'हिटलर' तक
चरण सिंह सपरा ने कहा कि आज़ाद भारत में यह पहली बार है जब संविधान पर इतना बड़ा हमला हो रहा है और यह हमला 'गोडसेवादी लोगों' द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने नारा दोहराया — 'बचेगा संविधान तो बचेगा हिंदुस्तान।'
विजय वडेट्टीवार ने कहा, 'आप कितना भी दबाओ, देश की जनता पूरी ताकत के साथ इस व्यवस्था को सुधारने के लिए राहुल गांधी के साथ खड़ी है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल 'हिटलर की तरह देश चलाना चाहता है।'
राहुल गांधी और खड़गे की भूमिका
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में एक शांति मार्च की अपील की गई है। नेताओं ने कहा कि यह मार्च सभी गांधीवादी विचारधारा के लोगों के लिए खुला है — चाहे युवा हों, वरिष्ठ नागरिक हों, महिलाएँ हों या किसी भी वर्ग के नागरिक। बालासाहेब थोरात ने कहा, 'यह एक ऐतिहासिक लड़ाई है और जनता की पूरी आवाज़ भारतीय जनता पार्टी तक जानी चाहिए।'
आगे क्या होगा
माणिकराव ठाकरे ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक संविधान द्वारा प्रदत्त मत का अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता सुनिश्चित नहीं हो जाती। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल देशभर में सरकार के खिलाफ समन्वित प्रदर्शन कर रहे हैं और सर्वोच्च न्यायालय में संबंधित याचिकाएँ भी विचाराधीन बताई जा रही हैं।