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क्या उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग पर कोताही बरतने का आरोप लगाया है?

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क्या उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग पर कोताही बरतने का आरोप लगाया है?

सारांश

उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग द्वारा महानगर पालिका चुनाव में बरती गई अव्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस बार मिली शिकायतों की संख्या को अभूतपूर्व बताते हुए चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की है। क्या यह लोकतंत्र के लिए खतरा है?

मुख्य बातें

उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
महानगर पालिका चुनाव में मिली शिकायतों की संख्या अभूतपूर्व है।
चुनाव आयोग को कार्रवाई की आवश्यकता है।
एक मंत्री को पोलिंग बूथ खोजने में समस्या हुई।
यह लोकतंत्र के लिए खतरा हो सकता है।

मुंबई, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को चुनाव आयोग पर महानगर पालिका के चुनाव में अव्यवस्था का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में मिली शिकायतों की संख्या किसी भी चुनाव में पहले कभी नहीं मिली। यह स्थिति लोकतांत्रिक प्रणाली में बिल्कुल अस्वीकार्य है।

उद्धव ठाकरे ने अपनी प्रेस वार्ता में कहा कि महाराष्ट्र के नगरपालिका चुनाव में मतदाताओं के हाथों में इंक लगाने का कार्य किया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि वे अपने मताधिकार का उपयोग कर चुके हैं। मुझे व्यक्तिगत रूप से इस विषय में कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जो एक स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अस्वीकार्य हैं।

उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि मतदान के दौरान एक मंत्री को भी अपने पोलिंग बूथ को ढूंढने में इतनी समस्या का सामना करना पड़ा। इससे अधिक दुखद स्थिति और क्या हो सकती है?

उद्धव ने कहा कि इस पूरी स्थिति ने चुनाव के दौरान बरती गई अव्यवस्था की असलियत को उजागर कर दिया है। जिस प्रकार की अव्यवस्था चुनाव आयोग द्वारा देखी जा रही है, यह स्पष्ट है कि लोकतंत्र की हत्या की एक साजिश रची जा रही है, जिसे किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जा सकता।

उन्होंने मांग की कि महानगर पालिका के चुनाव में बरती गई कोताही को देखते हुए चुनाव आयोग के कर्मचारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। कई वर्षों के बाद महानगर पालिका के चुनाव हो रहे हैं, फिर भी इस प्रकार की कोताही सामने आ रही है। चुनाव आयोग क्या कर रहा है? आयोग में काम करने वाले अधिकारियों का वेतन किस काम का है? चुनाव आयोग भी एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का सेवक है, न कि राजा। जिस प्रकार की अव्यवस्था एक लोकतांत्रिक प्रणाली में दिखाई दे रही है, वह अनुचित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उद्धव ठाकरे के आरोप गंभीर हैं। यह लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुचिता हो। चुनाव आयोग को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि जनता का विश्वास बना रहे।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग पर महानगर पालिका चुनाव में अव्यवस्था बरतने और शिकायतों की उच्च संख्या का आरोप लगाया।
क्या चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं?
हाँ, ठाकरे ने चुनाव आयोग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
उद्धव ठाकरे के आरोपों का क्या प्रभाव पड़ सकता है?
इन आरोपों से चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिह्न लग सकता है, जिससे जनता का विश्वास प्रभावित हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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