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प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना: 25 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम की स्थापना

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प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना: 25 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम की स्थापना

सारांश

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 25 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित हो चुके हैं, जो नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 25 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित हुए हैं।
सरकार ने 14,585.29 करोड़ रुपए इस योजना पर खर्च किए हैं।
एक करोड़ घरों में सोलर सिस्टम लगाने से 1000 अरब यूनिट बिजली का उत्पादन हो सकता है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना है।
सरकार ने नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन भी लागू किया है।

नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत, अब तक देशभर में 25 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। सरकार ने मंगलवार को संसद में जानकारी दी कि 5 मार्च 2026 तक कुल 25,02,217 घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए हैं।

वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए 14,585.29 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं, जबकि पूर्ववर्ती वित्त वर्ष 2024-25 में 7,822.92 करोड़ रुपए का खर्च हुआ था।

राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में, ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने बताया कि इस योजना के द्वारा राष्ट्रीय पोर्टल पर अब तक 63,26,125 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 25 लाख से ज्यादा घरों में सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं।

यह योजना 2024 में शुरू की गई थी और यह एक डिमांड-ड्रिवन योजना है। इस योजना का लाभ उन सभी घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिनके पास स्थानीय बिजली वितरण कंपनी (डिस्कॉम) से जुड़ा कनेक्शन है। वे राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर अपने घर की छत पर सोलर सिस्टम स्थापित करवा सकते हैं।

सरकार का अनुमान है कि यदि एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जाते हैं, तो इससे लगभग 1000 अरब यूनिट नवीकरणीय बिजली का उत्पादन हो सकता है। साथ ही, इन सिस्टम के 25 वर्षों के जीवनकाल में लगभग 720 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आ सकती है।

इस योजना को 2025 के अंत तक लागू करने में गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, केरल और राजस्थान जैसे राज्य सबसे आगे रहे हैं।

एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 तक देश में गैर-जीवाश्म ईंधन (नॉन-फॉसिल फ्यूल) आधारित बिजली उत्पादन क्षमता 266.78 गीगावाट तक पहुंच चुकी है।

इसमें 258 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा (जिसमें 135.81 गीगावाट सौर ऊर्जा, 54.51 गीगावाट पवन ऊर्जा, 11.61 गीगावाट जैव ऊर्जा, 5.16 गीगावाट लघु जल विद्युत और 50.91 गीगावाट वृहद जल विद्युत) और 8.78 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता शामिल है।

मंत्री ने आगे यह भी बताया कि सरकार नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (एनजीएचएम) को भी लागू कर रही है, जिसका उद्देश्य भारत को ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, उपयोग और निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। देश के विभिन्न राज्यों में इस योजना का तेजी से कार्यान्वयन इसे एक सफल उदाहरण बनाता है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना कब शुरू हुई?
यह योजना 2024 में शुरू की गई थी।
इस योजना के तहत अब तक कितने सोलर सिस्टम लगाए गए हैं?
इस योजना के तहत अब तक 25 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए हैं।
सरकार का क्या अनुमान है?
सरकार का अनुमान है कि यदि एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जाते हैं, तो इससे लगभग 1000 अरब यूनिट नवीकरणीय बिजली का उत्पादन हो सकता है।
इस योजना का लाभ किसे मिलेगा?
इस योजना का लाभ उन सभी घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिनके पास स्थानीय बिजली वितरण कंपनी (डिस्कॉम) से जुड़ा कनेक्शन है।
क्या इस योजना का पर्यावरण पर कोई प्रभाव है?
हां, इस योजना के तहत लगाए गए सोलर सिस्टम से कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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