दिल्ली पुलिस के आउटर-नॉर्थ जिले को मिला 'सर्वश्रेष्ठ पुलिस इकाई' पुरस्कार, बौद्धिक संपदा अपराधों पर की गई कार्रवाई के लिए सम्मानित
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस का आउटर-नॉर्थ जिला बौद्धिक संपदा अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है।
- उन्हें 'सर्वश्रेष्ठ पुलिस इकाई' पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
- इस कार्रवाई में कई महत्वपूर्ण अधिकारियों का सहयोग रहा है।
- पुलिस की कार्रवाई से उपभोक्ताओं को नकली उत्पादों से सुरक्षा मिलेगी।
- भविष्य में ऐसे अपराधों के खिलाफ और अधिक सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस के आउटर-नॉर्थ जिले को बौद्धिक संपदा (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी-आईपी) से संबंधित अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रतिष्ठित 'सर्वश्रेष्ठ पुलिस इकाई' पुरस्कार से नवाजा गया है। यह पुरस्कार नकली और कॉपीराइट उल्लंघन करने वाले उत्पादों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए प्रदान किया गया है।
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को एक प्रेस नोट जारी कर बताया कि यह पुरस्कार 9 मार्च को भारत मंडपम में आयोजित एक भव्य समारोह में दिया गया। समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आउटर-नॉर्थ जिले के डीसीपी हरेश्वर स्वामी को ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र और एक लाख रुपये की नकद राशि देकर सम्मानित किया।
यह उपलब्धि डीसीपी हरेश्वर स्वामी के दूरदर्शी नेतृत्व के तहत हासिल की गई है। इस सफलता में संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह के मार्गदर्शन और जोन-1 के विशेष पुलिस आयुक्त रविंद्र यादव के समग्र नेतृत्व की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा, दिल्ली पुलिस के आयुक्त सतीश गोलछा द्वारा लगातार प्रोत्साहन और निगरानी ने टीम को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
आउटर-नॉर्थ जिला पुलिस ने बौद्धिक संपदा उल्लंघन से जुड़े मामलों में लगातार कार्रवाई करते हुए कई छापेमारी अभियान चलाए और बड़ी मात्रा में नकली एवं कॉपीराइट उल्लंघन करने वाले सामान जब्त किए। गहन जांच और प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई के माध्यम से पुलिस ने ऐसे कई अवैध नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, जो नकली उत्पादों के निर्माण और वितरण में शामिल थे।
दिल्ली पुलिस का आउटर-नॉर्थ जिला बौद्धिक संपदा अपराधों के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल वैध व्यवसायों को संरक्षण मिलेगा बल्कि उपभोक्ताओं को भी नकली और घटिया उत्पादों से बचाया जा सकेगा। साथ ही, ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।