देवेंद्र फडणवीस का राहुल गांधी पर हमला: संविधान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय साजिश का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को मुंबई में आयोजित 'लोकतंत्र और संविधान बचाओ रैली' में कांग्रेस पार्टी और नेता राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार करते हुए उन पर भारतीय संविधान को कमज़ोर करने और 'सत्ता परिवर्तन' लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया। फडणवीस ने कहा कि यह लड़ाई किसी पार्टी की नहीं, बल्कि देश के संवैधानिक ढाँचे की रक्षा की है।
रैली में क्या बोले फडणवीस
मुख्यमंत्री फडणवीस ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता में देखना चाहता है और सत्ताधारी गठबंधन लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरा है। उन्होंने कहा, 'यह लड़ाई मोदी, भाजपा या NDA के खिलाफ नहीं है — यह एक गुप्त युद्ध है।' उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि जब तक मौजूदा संकट न टले, तब तक संघर्ष जारी रखें।
फडणवीस ने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान तभी तक जीवित रह सकता है जब नागरिक उसकी रक्षा करें। उन्होंने कहा, 'जब तक सूर्य और चंद्रमा का अस्तित्व है, संविधान को विचारधाराओं में मतभेदों के बावजूद कायम रहना चाहिए।'
राहुल गांधी पर सीधा निशाना
फडणवीस ने राहुल गांधी पर 'अति-वामपंथी व्यवस्था' स्थापित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'डॉ. अंबेडकर ने हमें लोकतंत्र की रक्षा करना सिखाया है, लेकिन राहुल गांधी अति-वामपंथी व्यवस्था बनाना चाहते हैं।'
राहुल गांधी के वंश और राजनीतिक हैसियत को सीधे चुनौती देते हुए फडणवीस ने कहा, 'यह भारत है और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर का संविधान यहाँ है। आपकी दादी (इंदिरा गांधी) ने कोशिश की — वह सशक्त और कुशल नेता थीं — लेकिन वह इसे नष्ट नहीं कर सकीं। आप कौन हैं, राहुल गांधी?' यह टिप्पणी रैली में उपस्थित समर्थकों की तालियों के बीच की गई।
सत्ता परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय साजिश का आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी भारत के संविधान में बदलाव करने तथा संवैधानिक ढाँचे को ध्वस्त करने की एक अंतरराष्ट्रीय साजिश के तहत प्रतिदिन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'संविधान में बदलाव और सभी राष्ट्रीय संस्थानों में आमूलचूल परिवर्तन के लिए राजनीतिक पुनर्गठन को ही सत्ता परिवर्तन कहा जाता है।'
पड़ोसी देशों का उदाहरण देते हुए फडणवीस ने कहा कि बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका में सत्ता परिवर्तन और संवैधानिक संशोधन हुए। उन्होंने उद्धव ठाकरे पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने भी — चाहे वे इसका अर्थ समझते हों या नहीं — सत्ता परिवर्तन की बात की थी। फडणवीस ने दृढ़ता से कहा, 'जब तक हमारे खून में एक कतरा खून है, हम सत्ता परिवर्तन नहीं होने देंगे।'
आपातकाल और ऐतिहासिक संदर्भ
फडणवीस ने 1975 के आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का चुनाव सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अमान्य घोषित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि उस दौर में भी कांग्रेस ने भारी बहुमत के बल पर यह दावा किया कि प्रधानमंत्री संविधान से ऊपर है — एक ऐसी मिसाल जिसे वे लोकतंत्र पर पार्टी के रवैये का प्रमाण मानते हैं।
गौरतलब है कि यह रैली ऐसे समय में आयोजित की गई जब देश में संविधान और लोकतंत्र की रक्षा को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो रही है। फडणवीस की यह आक्रामक भाषा आने वाले दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक तापमान को और बढ़ा सकती है।