6 अक्टूबर 2026
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फडणवीस का राहुल गांधी पर हमला: दिल्ली विरोध को बताया संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ साजिश

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फडणवीस का राहुल गांधी पर हमला: दिल्ली विरोध को बताया संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ साजिश

सारांश

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिल्ली विरोध-प्रदर्शन को संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ सुनियोजित साजिश बताते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। साथ ही एमपीएससी विवाद पर संवैधानिक सीमाओं का हवाला देते हुए जाँच का आश्वासन दिया और सूखा राहत के लिए केंद्रीय दल के 11 अक्टूबर के दौरे की घोषणा की।

मुख्य बातें

CM देवेंद्र फडणवीस ने 6 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी और कांग्रेस पर दिल्ली विरोध-प्रदर्शन के ज़रिए संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया।
एमपीएससी चेयरमैन को हटाने की मांग पर फडणवीस ने अनुच्छेद 317 का हवाला देते हुए कहा कि राज्य सरकार यह सीधे नहीं कर सकती; राज्यपाल से व्यापक जाँच का अनुरोध किया गया।
सरकार ने आदिवासी छात्रों की मांगें मानीं, लेकिन फडणवीस ने जारी विरोध को 'राजनीतिक अहंकार' से प्रेरित बताया।
23,000 से अधिक गाँवों में सूखे की समीक्षा पूरी; केंद्र सरकार की टीम 11 अक्टूबर को महाराष्ट्र दौरे पर आएगी।
महायुति गठबंधन हसन मुश्रीफ के नेतृत्व में कोल्हापुर गोकुल मिल्क यूनियन चुनाव एकजुट होकर लड़ेगा।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 6 अक्टूबर 2026 को मुंबई में साप्ताहिक कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए नई दिल्ली में हुए विरोध-प्रदर्शनों को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा हमला बोला। फडणवीस ने आरोप लगाया कि भारत की संवैधानिक संस्थाओं में जनता का भरोसा जान-बूझकर कमज़ोर किया जा रहा है।

संवैधानिक संस्थाओं पर नैरेटिव का आरोप

फडणवीस ने दावा किया कि कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक देशभर में अराजकता फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति नकारात्मकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह नैरेटिव इसलिए गढ़ा जा रहा है ताकि संवैधानिक संस्थाओं को बार-बार बदनाम करके अंततः खुद संविधान को ही खारिज करने का रास्ता साफ किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह संदेश फैलाया जा रहा था कि संवैधानिक संस्थाएँ समाप्त हो रही हैं और न्याय देने में असमर्थ हैं।

एमपीएससी विवाद और सरकार का रुख

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के छात्रों के आंदोलन पर फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार ने सक्रियता से कदम उठाए हैं और आदिवासी छात्रों की मांगों को मान लिया गया है। हालाँकि, उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक तत्व अपनी नेतृत्व की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए छात्रों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

मौजूदा एमपीएससी चेयरमैन को हटाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने संवैधानिक स्थिति स्पष्ट की — संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत राज्य सरकार को सीधे चेयरमैन हटाने का अधिकार नहीं है; इसके लिए सर्वोच्च न्यायालय की जाँच के बाद राष्ट्रपति को सिफारिश भेजनी पड़ती है। फडणवीस ने यह भी स्पष्ट किया कि जब पेपर लीक हुआ था, उस समय मौजूदा चेयरमैन पद पर नहीं थे।

उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों का भरोसा बनाए रखने के लिए सरकार ने राज्यपाल से आयोग के मौजूदा और पूर्व दोनों चेयरमैन की व्यापक जाँच शुरू करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने छात्रों को आश्वस्त किया कि सरकार का किसी को भी बचाने का कोई इरादा नहीं है।

विरोध-प्रदर्शन पर 'राजनीतिक अहंकार' का आरोप

फडणवीस ने विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों की आलोचना की कि मुख्य मांगें पूरी किए जाने के बावजूद आंदोलन जारी है। उनके अनुसार चल रहे विरोध-प्रदर्शन छात्रों की वास्तविक चिंता से नहीं, बल्कि 'राजनीतिक अहंकार' से प्रेरित हैं।

सूखा राहत और केंद्रीय दल का दौरा

सूखे से राहत के उपायों पर फडणवीस ने बताया कि राज्य ने 23,000 से अधिक सर्वेक्षण किए गए गाँवों में सूखे की स्थिति की समीक्षा पूरी कर ली है और पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र सरकार की एक टीम 11 अक्टूबर को महाराष्ट्र का दौरा करेगी ताकि स्थिति का जायजा लिया जा सके और वित्तीय सहायता प्रदान की जा सके।

गोकुल डेयरी चुनाव पर महायुति का रुख

गोकुल डेयरी चुनावों के संदर्भ में फडणवीस ने पुष्टि की कि महायुति गठबंधन हसन मुश्रीफ के नेतृत्व में कोल्हापुर गोकुल मिल्क यूनियन का चुनाव मिलकर लड़ेगा। आने वाले दिनों में एमपीएससी जाँच की दिशा और केंद्रीय दल की रिपोर्ट यह तय करेगी कि राज्य सरकार संवैधानिक मोर्चे पर आगे क्या कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उतनी ही सावधानी से तैयार भी। एमपीएससी विवाद में अनुच्छेद 317 का तकनीकी हवाला देना कानूनी दृष्टि से सही है, लेकिन यह उस जवाबदेही के सवाल को टालता है जो छात्रों के आंदोलन की असली जड़ है। जब सरकार खुद राज्यपाल से जाँच का अनुरोध कर रही है, तो विरोध को केवल 'राजनीतिक अहंकार' कहना उन छात्रों की वैध माँगों को कमतर आँकना है जो पेपर लीक से सीधे प्रभावित हुए। आगे की परीक्षा यह है कि जाँच की रिपोर्ट कब और किस रूप में सार्वजनिक होती है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
फडणवीस ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस दिल्ली विरोध-प्रदर्शनों के ज़रिए संवैधानिक संस्थाओं में जनता का भरोसा जान-बूझकर कमज़ोर कर रहे हैं। उनके अनुसार यह नैरेटिव अंततः संविधान को ही खारिज करने का रास्ता तैयार करने के लिए गढ़ा जा रहा है।
एमपीएससी चेयरमैन को हटाने की मांग पर सरकार का क्या रुख है?
फडणवीस ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत राज्य सरकार सीधे एमपीएससी चेयरमैन को नहीं हटा सकती — इसके लिए सर्वोच्च न्यायालय की जाँच के बाद राष्ट्रपति को सिफारिश भेजनी पड़ती है। सरकार ने राज्यपाल से मौजूदा और पूर्व दोनों चेयरमैन की व्यापक जाँच का अनुरोध किया है।
महाराष्ट्र में सूखा राहत के लिए केंद्र सरकार क्या कदम उठा रही है?
केंद्र सरकार की एक टीम 11 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र का दौरा करेगी ताकि सूखे की स्थिति का जायजा लिया जा सके और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। राज्य ने 23,000 से अधिक सर्वेक्षण किए गए गाँवों में सूखे की समीक्षा पहले ही पूरी कर ली है।
एमपीएससी छात्र आंदोलन पर फडणवीस का क्या कहना है?
फडणवीस ने कहा कि सरकार ने आदिवासी छात्रों की मांगें मान ली हैं और सक्रिय रूप से कदम उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य मांगें पूरी होने के बाद भी जारी विरोध-प्रदर्शन छात्रों की असली चिंता से नहीं, बल्कि 'राजनीतिक अहंकार' से प्रेरित हैं।
गोकुल डेयरी चुनाव में महायुति का क्या रुख है?
फडणवीस ने पुष्टि की कि महायुति गठबंधन हसन मुश्रीफ के नेतृत्व में कोल्हापुर गोकुल मिल्क यूनियन का चुनाव एकजुट होकर लड़ेगा। यह घोषणा महाराष्ट्र में सहकारी संस्थाओं की राजनीति में गठबंधन की एकता को रेखांकित करती है।
राष्ट्र प्रेस
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