18 सितंबर 2026
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फडणवीस का राहुल गांधी पर हमला: 'चोट माथे पर, पट्टी घुटने पर बाँध रहे'

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फडणवीस का राहुल गांधी पर हमला: 'चोट माथे पर, पट्टी घुटने पर बाँध रहे'

सारांश

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस ने राहुल गांधी पर निशाना साधा — 'चोट माथे पर, पट्टी घुटने पर।' यह तकरार TMC के चुनाव चिह्न फ्रीज होने के बाद राहुल के चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोपों के जवाब में आई, जिसने संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 18 सितंबर 2026 को मुंबई में राहुल गांधी की सोच को 'अराजक' बताया।
फडणवीस ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चुनावी हार छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर जनता का भरोसा तोड़ने में लगे हैं।
राहुल गांधी ने एक्स पर चुनाव आयोग (ECI) पर आरोप लगाया कि वह शिवसेना, NCP और तृणमूल कांग्रेस के नाम-चिह्न छीनकर जनादेश पलटने वाली ताकतों की मदद कर रहा है।
राहुल गांधी ने इसे 'वोट चोरी, सरकार चोरी और पार्टी चोरी' का पैटर्न बताया।
फडणवीस ने पलटवार करते हुए कहा कि जब तक राहुल यह नहीं समझेंगे कि देश क्यों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ है, उनकी चुनावी हार जारी रहेगी।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 18 सितंबर 2026 को मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि वह लगातार चुनावी हार को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर जनता का भरोसा कम करने की कोशिश कर रहे हैं। फडणवीस ने राहुल गांधी की सोच को 'अराजक' करार दिया और एक तीखे मुहावरे में कहा कि 'चोट माथे पर लगी है, लेकिन वह पट्टी घुटने पर बाँध रहे हैं।'

क्या कहा फडणवीस ने

मीडिया से बातचीत में फडणवीस ने कहा, 'राहुल गांधी यह स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं कि भारत के लोगों ने उनके नेतृत्व को नकार दिया है। चोट माथे पर लगी है, लेकिन वह पट्टी घुटने पर बाँध रहे हैं। जिस दिन उन्हें यह समझ में आ जाएगा कि भारत के नागरिक वास्तव में क्या चाहते हैं और वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मजबूती से क्यों खड़े हैं, उस दिन शायद उनकी चुनावी हार का सिलसिला समाप्त हो जाए।'

उन्होंने शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर राहुल गांधी की हालिया आलोचनाओं को भी सिरे से खारिज किया।

लोकतांत्रिक संस्थाओं पर बड़ा आरोप

फडणवीस ने आगे कहा, 'वह भारतीय संविधान द्वारा बनाई गई संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि लोगों का उन पर से भरोसा उठ जाए। जब इन संस्थाओं पर जनता का विश्वास टूटता है तो लोकतंत्र पर भरोसा भी टूटता है और आखिर में संविधान पर से भी विश्वास खत्म होने लगता है।'

यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब चुनाव आयोग (ECI) द्वारा तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज करने के आदेश को लेकर राष्ट्रीय राजनीति में तीव्र बहस छिड़ी हुई है।

राहुल गांधी की मूल आलोचना

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चुनाव आयोग के उक्त आदेश की आलोचना करते हुए लिखा था, 'पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस — हर बार एक ही पैटर्न है। भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं और फिर उसका चुनाव चिह्न छीन लेते हैं। जब पूरी पार्टी चुराई जा सकती है तो इसमें कोई हैरानी नहीं कि करोड़ों भारतीयों के वोट भी चुराए जा सकते हैं। वोट चोरी, सरकार चोरी और अब पार्टी चोरी — ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं।'

राहुल गांधी ने यह भी कहा, 'चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है, लेकिन इसके बजाय वह उन्हीं ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को पलटती हैं। यह लड़ाई केवल ममता बनर्जी की नहीं है — यह हर उस राजनीतिक दल और हर उस मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।'

राजनीतिक पृष्ठभूमि और संदर्भ

गौरतलब है कि शिवसेना और NCP के विभाजन के बाद चुनाव आयोग द्वारा दोनों पार्टियों के नाम और चुनाव चिह्न पर लिए गए फैसले पहले से ही विपक्ष के निशाने पर रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस के मामले में भी इसी तरह का विवाद सामने आने के बाद विपक्षी खेमे में प्रतिक्रियाएँ और तेज हो गई हैं।

यह कम से कम तीसरी बड़ी घटना है जब किसी क्षेत्रीय दल के चुनाव चिह्न और नाम को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्ष के बीच सीधा टकराव देखा गया है। आलोचकों का कहना है कि ये विवाद आगामी राज्य चुनावों की पृष्ठभूमि में और अधिक राजनीतिक महत्व ग्रहण कर लेते हैं।

आगे की राह

फडणवीस और राहुल गांधी के बीच यह वाकयुद्ध चुनाव आयोग की स्वायत्तता और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर बड़ी राष्ट्रीय बहस को और हवा देने वाला है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, दोनों पक्षों की यह नोकझोंक आने वाले समय में विधानसभा चुनावों में भी केंद्रीय मुद्दा बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

NCP और अब TMC के साथ एक जैसा पैटर्न क्यों दोहराया जा रहा है — जिसका फडणवीस ने सीधे जवाब देने के बजाय मुहावरेबाजी से पल्ला झाड़ लिया, वह असल मुद्दा बना हुआ है। चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर यह बहस तब और गहरी हो जाती है जब दो राष्ट्रीय दलों के विभाजन पहले ही इसी संस्था के फैसलों से आकार ले चुके हों। मुख्यधारा की कवरेज इस राजनीतिक तीखेपन पर टिकी है, जबकि असली सवाल यह है कि क्या ECI के पास विभाजित दलों के चुनाव चिह्न आवंटित करने की प्रक्रिया पर्याप्त पारदर्शी है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 18 सितंबर 2026 को मुंबई में कहा कि राहुल गांधी लगातार चुनावी हार को छिपाने के लिए चुनाव आयोग सहित संवैधानिक संस्थाओं पर जनता का भरोसा कम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी की सोच को 'अराजक' बताया।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए थे?
राहुल गांधी ने एक्स पर कहा कि चुनाव आयोग ने शिवसेना, NCP और अब तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न एक ही पैटर्न के तहत छीने हैं। उन्होंने इसे 'वोट चोरी, सरकार चोरी और पार्टी चोरी' करार देते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक पतन का प्रतीक बन गया है।
तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न को लेकर विवाद क्या है?
चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज करने का आदेश दिया, जिसके बाद विपक्षी दलों ने इसे पक्षपातपूर्ण फैसला बताते हुए तीखी आलोचना की। इससे पहले शिवसेना और NCP के मामले में भी इसी तरह के विवाद उठ चुके हैं।
फडणवीस के 'चोट माथे पर, पट्टी घुटने पर' वाले बयान का क्या मतलब है?
फडणवीस ने इस मुहावरे से यह कहना चाहा कि राहुल गांधी की असली समस्या — जनता द्वारा उनके नेतृत्व को नकारना — कुछ और है, लेकिन वह उसे स्वीकार किए बिना संस्थाओं पर दोष मढ़ रहे हैं। यह टिप्पणी राहुल गांधी की कथित 'गलत दिशा' में की जा रही राजनीति पर व्यंग्य के रूप में की गई।
इस विवाद का राजनीतिक असर क्या हो सकता है?
यह वाकयुद्ध संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर बड़ी राष्ट्रीय बहस को हवा दे सकता है, जो आने वाले राज्य चुनावों में एक प्रमुख मुद्दा बन सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, BJP और कांग्रेस दोनों इस मुद्दे को अपने-अपने मतदाताओं को गोलबंद करने के लिए इस्तेमाल करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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