फडणवीस का आरोप: 'छात्रों की गूंज' कांग्रेस का राजनीतिक इवेंट, राहुल गांधी का रिलॉन्च मात्र
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार, 22 अगस्त को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर तीखा हमला बोलते हुए इसे कांग्रेस का순순 राजनीतिक आयोजन करार दिया। नवी मुंबई में एक नशा मुक्ति अभियान कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि इस आयोजन का छात्रों के वास्तविक हितों से कोई संबंध नहीं है।
मुख्य आरोप: सिर्फ कांग्रेसी कॉलेजों के छात्र क्यों?
फडणवीस ने सवाल उठाया कि 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में केवल उन्हीं कॉलेजों के छात्रों को आमंत्रित किया गया है जो कांग्रेसी नेताओं द्वारा संचालित हैं। उन्होंने कहा, "इससे स्थिति स्वतः संदेहास्पद हो जाती है।" मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यक्रम की छवि सकारात्मक बनाने के लिए ₹25,000 प्रति व्यक्ति की दर से इन्फ्लुएंसर को बुलाया जा रहा है — एक तथ्य जो उनके अनुसार अब सार्वजनिक रूप से सामने आ चुका है।
COEP विवाद और 'जानबूझकर तड़के' का आरोप
पुणे के सीओईपी (COEP) में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में कथित तौर पर हुड़दंग और छात्रों के साथ मारपीट की घटना का हवाला देते हुए फडणवीस ने कहा कि यह सब एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने फिल्म उद्योग की भाषा में इसे समझाते हुए कहा, "जिस प्रकार किसी फिल्म को हिट कराने के लिए पहले विवाद का तड़का लगाया जाता है, उसी तरह इस कार्यक्रम को चर्चा में लाने के लिए विवाद खड़ा किया गया।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रतिभागियों को बसें उपलब्ध कराकर भीड़ जुटाने की कोशिश की जा रही है।
फडणवीस का निष्कर्ष: 'राहुल गांधी का रिलॉन्च'
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' नहीं, बल्कि राहुल गांधी का राजनीतिक पुनर्प्रवेश (रिलॉन्च) है। उन्होंने दावा किया कि देश की जनता इस रणनीति को भलीभाँति समझ रही है और कांग्रेस को इससे कोई राजनीतिक लाभ नहीं होगा।
नशा मुक्ति अभियान और नवी मुंबई में नई पहल
फडणवीस ने बताया कि वे नवी मुंबई में नशा मुक्ति अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने आए थे, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चों ने हिस्सा लिया। उन्होंने पुलिस और विभिन्न विभागों से इस अभियान को सफल बनाने में एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। इसी क्रम में नवी मुंबई पुलिस ने एक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उद्घाटन किया, जो भविष्य में भीड़ प्रबंधन में सहायक होगा। आने वाले दिनों में राज्य के अन्य इलाकों में भी जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
गौरतलब है कि 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक तनातनी ऐसे समय में तेज़ हुई है जब महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महाविकास अघाड़ी के बीच युवा मतदाताओं को लेकर प्रतिस्पर्धा तीव्र है। फडणवीस के ये बयान आने वाले दिनों में इस विवाद को और गहरा कर सकते हैं।