शिवसेना (यूबीटी) का तंज: राहुल के शो हाउसफुल, PM के टिकट काउंटर पर सन्नाटा
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के मुखपत्र 'सामना' ने 22 सितंबर 2026 को इंदौर के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। संपादकीय में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ मिमिक्री में हिस्सा लेने वाले कॉमेडियन पुलकित मणि का अगले दिन का शो दबाव में रद्द कराया गया।
मुख्य घटनाक्रम
इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल गांधी की मौजूदगी में प्रधानमंत्री की नकल उतारी गई, जिसे BJP ने आपत्तिजनक बताया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह व्यंग्य-चित्रण देश का अपमान है।
इस पर 'सामना' के संपादकीय में पलटवार करते हुए सवाल उठाया गया कि फडणवीस यह कैसे कह सकते हैं कि प्रधानमंत्री ही देश हैं? संपादकीय के अनुसार, फडणवीस ने राहुल गांधी को सलाह दी कि उन्हें 'स्टैंड-अप कॉमेडियन' बनना चाहिए, लेकिन 'सामना' ने इस पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि गांधी ने यह पेशा अपना लिया तो प्रधानमंत्री और उनके समर्थक बेरोजगार हो जाएंगे।
भाजपा पर आरोप और व्यंग्य
'सामना' के संपादकीय में आरोप लगाया गया है कि 90 प्रतिशत BJP कार्यकर्ता वास्तव में राहुल गांधी की लोकप्रियता से परेशान हैं। संपादकीय में प्रधानमंत्री की विदेश नीति शैली पर भी व्यंग्यात्मक टिप्पणी की गई — यह आरोप लगाया गया कि वे विदेशी नेताओं को इतनी जोर से गले लगाते हैं कि मेहमान का दम घुटने लगता है और इतनी जोर से हाथ दबाते हैं कि दर्द दिखने लगता है।
संपादकीय में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी ज़िक्र किया गया। 'सामना' के अनुसार, प्रधानमंत्री ट्रंप के 'हास्य' के प्रशंसक हैं, जबकि ज़ेलेंस्की पेशे से कॉमेडियन रहे हैं।
संसदीय परंपरा पर सवाल
'सामना' के संपादकीय में यह भी आरोप लगाया गया कि संसद में प्रधानमंत्री के संबोधन की शैली कई बार गंभीर संसदीय परम्पराओं के अनुरूप नहीं होती। संपादकीय के अनुसार, ऐसे संबोधनों में तार्किक चर्चा के बजाय नाटकीयता और हास-परिहास का प्रभाव अधिक दिखता है।
संपादकीय में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का भी उल्लेख किया गया और कहा गया कि जब वे प्रधानमंत्री थे, तब उन पर भी 'मौनीबाबा' और 'नीतिगत पक्षाघात' जैसे विशेषण लगाकर अपमान किया गया था — यह तुलना संपादकीय की मुख्य दलील को बल देने के लिए की गई।
सामना का केंद्रीय निष्कर्ष
'सामना' ने व्यंग्यात्मक भाषा में कहा कि प्रधानमंत्री के 'कॉमेडी शो' के टिकट काउंटर की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर है, लेकिन फिलहाल उस काउंटर पर सन्नाटा पसरा है, जबकि राहुल गांधी के सभी शो हाउसफुल चल रहे हैं। संपादकीय में प्रधानमंत्री पर उनके सार्वजनिक संदेशों और व्यक्तिगत निर्णयों में विरोधाभास का भी आरोप लगाया गया।
यह आलोचना ऐसे समय में आई है जब विपक्ष और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच राजनीतिक तनाव महाराष्ट्र में गहरा होता जा रहा है और आगामी राजनीतिक घटनाक्रम पर सभी की नज़र है।