22 अगस्त 2026
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राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' से BJP भयभीत: संजय राउत का पुणे में हमला

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राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' से BJP भयभीत: संजय राउत का पुणे में हमला

सारांश

राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम अब पुणे पहुँच गया है — और इसके साथ सियासी तनाव भी। संजय राउत का BJP पर सीधा आरोप, पुलिस की 30 से अधिक शर्तें और लोकतंत्र पर सवाल — यह सिर्फ एक छात्र संवाद नहीं, बल्कि विपक्ष की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

राहुल गांधी 22 अगस्त 2026 को पुणे के एसएसपीएमएस कॉलेज ग्राउंड में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शामिल हुए।
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दावा किया कि इस कार्यक्रम से BJP भयभीत हो गई है।
पुणे पुलिस ने कार्यक्रम पर 30 से अधिक शर्तें लगाईं, जिस पर राउत ने कड़ी आपत्ति जताई।
'छात्रों की गूंज' की शुरुआत 17 जून 2026 को कोटा, राजस्थान से हुई थी; पुणे इसका चौथा पड़ाव है।
कार्यक्रम का उद्देश्य पेपर लीक, परीक्षा रद्द, भर्ती देरी और बेरोज़गारी जैसे युवा मुद्दों को आवाज़ देना है।

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 22 अगस्त 2026 को पुणे में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक तापमान तेज़ी से बढ़ा है। शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने दावा किया कि इस कार्यक्रम की व्यापकता से भारतीय जनता पार्टी (BJP) भयभीत हो गई है।

राउत का BJP पर सीधा निशाना

संजय राउत ने कहा, 'राहुल गांधी पुणे में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के लिए आ रहे हैं। हज़ारों छात्र, खासकर लड़कियाँ, इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी और राहुल गांधी से सीधी बातचीत करेंगी।' उन्होंने जोड़ा कि पुणे वह धरती है जहाँ से स्वतंत्रता की चिंगारी उठी थी, और अब यहाँ से छात्रों की आवाज़ पूरे देश में गूंजेगी।

राउत ने कहा, 'पुणे ऐसी जगह है, यहाँ से स्वतंत्रता की चिंगारी भी निकली थी। यहाँ से छात्रों की गूंज उठेगी और पूरे देश में जाएगी, और इस वजह से भारतीय जनता पार्टी डर गई है।'

पुलिस की शर्तों पर राउत की कड़ी आपत्ति

राउत ने पुलिस द्वारा कार्यक्रम पर लगाई गई 30 से अधिक शर्तों पर कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और BJP नेता पुणे आते हैं तो उन पर ऐसी शर्तें नहीं लगाई जातीं, तो फिर नेता प्रतिपक्ष के साथ यह भेदभाव क्यों? उन्होंने कहा, 'नेता प्रतिपक्ष के साथ इस तरह का बर्ताव लोकतंत्र में होता है क्या?'

कार्यक्रम का विवरण और स्थान

यह कार्यक्रम 22 अगस्त 2026 को शाम 4:30 बजे से रात 9:30 बजे IST के बीच आरटीओ चौक के निकट एसएसपीएमएस कॉलेज ग्राउंड, पुणे में आयोजित किया गया है। कार्यक्रम में हज़ारों छात्रों के भाग लेने की संभावना है।

'छात्रों की गूंज' — यात्रा और उद्देश्य

यह कार्यक्रम श्रृंखला राहुल गांधी ने 17 जून 2026 को राजस्थान के कोटा से शुरू की थी। इसका मुख्य उद्देश्य पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और बेरोज़गारी जैसे युवाओं व छात्रों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को राष्ट्रीय मंच देना है। कोटा के बाद यह कार्यक्रम 17 जुलाई को देहरादून, 8 अगस्त को प्रयागराज और अब 22 अगस्त को पुणे में आयोजित किया जा रहा है — यानी यह चौथा पड़ाव है।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में विपक्ष लगातार सत्तारूढ़ गठबंधन पर दबाव बनाने की कोशिश में है। गौरतलब है कि पुणे जैसे छात्र-बहुल शहर में इस तरह के संवाद कार्यक्रम का राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट है। आने वाले हफ्तों में 'छात्रों की गूंज' के और शहरों में विस्तार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या 'छात्रों की गूंज' एक टिकाऊ आंदोलन बन रही है या चुनावी मौसम से पहले की एक संगठनात्मक कवायद। पुणे पुलिस द्वारा 30 से अधिक शर्तें लगाना — जबकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं पर ऐसी कोई बाधा नहीं — लोकतांत्रिक समानता पर गंभीर सवाल खड़े करता है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है। कोटा से देहरादून, प्रयागराज और अब पुणे — यह यात्रा बताती है कि कांग्रेस युवा मतदाताओं को सीधे साधने की कोशिश में है, जो 2024 में उसके पक्ष में झुके थे।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम क्या है?
'छात्रों की गूंज' कांग्रेस नेता राहुल गांधी की एक कार्यक्रम श्रृंखला है, जिसकी शुरुआत 17 जून 2026 को कोटा, राजस्थान से हुई थी। इसका उद्देश्य पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, भर्ती में देरी और बेरोज़गारी जैसे युवाओं के मुद्दों को राष्ट्रीय मंच देना है।
पुणे का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम कहाँ और कब आयोजित हुआ?
यह कार्यक्रम 22 अगस्त 2026 को शाम 4:30 बजे से रात 9:30 बजे IST के बीच पुणे के आरटीओ चौक के निकट एसएसपीएमएस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित किया गया। यह इस श्रृंखला का चौथा कार्यक्रम है।
संजय राउत ने BJP पर क्या आरोप लगाया?
शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने दावा किया कि 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की व्यापकता और युवाओं की भागीदारी से BJP भयभीत हो गई है। उन्होंने पुलिस द्वारा लगाई गई 30 से अधिक शर्तों को लोकतंत्र के विरुद्ध बताया।
पुलिस की शर्तों पर विवाद क्यों है?
राउत का तर्क है कि प्रधानमंत्री या गृह मंत्री के कार्यक्रमों पर ऐसी शर्तें नहीं लगाई जातीं, इसलिए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रम पर 30 से अधिक शर्तें लगाना राजनीतिक भेदभाव है। यह सवाल लोकतांत्रिक समानता और विपक्ष के अधिकारों से जुड़ा है।
'छात्रों की गूंज' यात्रा अब तक किन शहरों में हो चुकी है?
यह यात्रा 17 जून 2026 को कोटा (राजस्थान) से शुरू हुई, इसके बाद 17 जुलाई को देहरादून, 8 अगस्त को प्रयागराज और 22 अगस्त को पुणे में आयोजित की गई। पुणे इस श्रृंखला का चौथा पड़ाव है।
राष्ट्र प्रेस
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